एफसीआरए पर शाह के खिलाफ कांग्रेस के आरोप 'निराधार और राजनीति से प्रेरित': भाजपा
शफीक
- 10 Jul 2026, 10:28 PM
- Updated: 10:28 PM
नयी दिल्ली, 10 जुलाई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता के. सी. वेणुगोपाल के गृह मंत्री अमित शाह पर लगाए गए एफसीआरए से जुड़े आरोपों को ''निराधार और राजनीतिक रूप से प्रेरित'' करार देते हुए खारिज कर दिया।
सत्तारूढ़ भाजपा ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार 'ज्यादा जवाबदेही' और 'राष्ट्र प्रथम' के सिद्धांतों पर काम करती है, न कि पूर्ववर्ती संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार की 'कम भरोसे वाली नीति' पर।
भाजपा का यह बयान ऐसे समय आया है, जब वेणुगोपाल ने भाजपा और अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा था कि मोदी सरकार विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) का इस्तेमाल मुखर नागरिक समाज संगठनों और अल्पसंख्यक समुदाय द्वारा संचालित संस्थानों को परेशान करने तथा उनकी संपत्तियों पर कब्जा करने के लिए कर रही है।
वेणुगोपाल ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में दावा किया कि गृह मंत्री अमित शाह ने ''भाजपा की चिर-परिचित कार्यशैली'' के अनुरूप सीबीसीआई से एफसीआरए को लेकर झूठ बोला है और अपनी सरकार की जवाबदेही छिपाने के लिए तथ्यों से ध्यान भटकाने का प्रयास किया है।
देश के प्रमुख ईसाई संगठन 'कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया' (सीबीसीआई) ने शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री से एफसीआरए विधेयक, 2026 को वापस लेने का आग्रह करते हुए कहा कि इस विधेयक और हाल में अधिसूचित नियमों के कुछ प्रावधान धर्मार्थ संस्थानों के कामकाज को प्रभावित कर सकते हैं।
कांग्रेस महासचिव पर पलटवार करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने 'एक्स' पर पोस्ट में कहा, ''के.सी. वेणुगोपाल, ऐसा लगता है कि पूरी कांग्रेस पार्टी झूठ परोसने की आदी हो चुकी है और पार्टी के हर नेता को अलग-अलग तरह के झूठ फैलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।''
भाजपा सांसद ने कहा कि एफसीआरए में किए गए संशोधनों को लेकर विपक्षी दलों और ''कुछ निहित स्वार्थी तत्वों'' द्वारा फैलाया जा रहा भ्रम ''पूरी तरह निराधार और राजनीतिक रूप से प्रेरित'' है।
पात्रा ने वेणुगोपाल को संबोधित करते हुए कहा, ''आपने जो भी आरोप लगाए हैं, वे न केवल निराधार हैं, बल्कि हास्यास्पद भी हैं। यह विधेयक हर हाल में सदन में आएगा। वहां इस पर चर्चा भी होगी और सच्चाई भी सामने आ जाएगी।''
उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व वाली सरकार पूर्ववर्ती कांग्रेस नीत संप्रग सरकार की 'कम भरोसे वाली नीति' पर नहीं, बल्कि 'ज्यादा जवाबदेही' और 'राष्ट्र प्रथम' के सिद्धांतों पर काम करती है।
वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि सरकार ने 2020 में एफसीआरए के नियमों को काफी सख्त कर दिया। इसके तहत संगठनों के निलंबन की अवधि बढ़ा दी गई, उनकी जांच के लिए केंद्र सरकार को अधिक अधिकार दिए गए और उनके प्रशासनिक खर्चों पर भी सीमा तय कर दी गई, जिससे वे अपने नियमित कार्यों का संचालन प्रभावी ढंग से करने में लगभग असमर्थ हो गए।
भाषा आशीष शफीक
शफीक
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