प्रश्न उठाने वालों से पूछा जाना चाहिए कि उन्होंने अपने शासनकाल में क्या किया : योगी
नेत्रपाल
- 11 Jul 2026, 03:37 PM
- Updated: 03:37 PM
कुशीनगर, 11 जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को 2017 के पहले की सरकारों और खास तौर से समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि प्रश्न उठाने वालों से पूछा जाना चाहिए कि उन्होंने अपने शासनकाल के दौरान क्या किया।
योगी ने यहां 525 करोड़ रुपये की लागत की 464 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास/लोकार्पण करने के बाद आयोजित जनसभा में विपक्षी दलों की आलोचना करते हुए कहा, ''जो कुछ नहीं कर सकते वे आरोप लगाते हैं, जिनकी क्षमता नहीं, वही प्रश्न उठाते हैं, लेकिन मैं पूछना चाहता हूं कि जो ये प्रश्न उठाने वाले लोग हैं, उनसे पूछा जाना चाहिए कि तुमने भी तो शासन किया, तुमने क्या किया।''
वह विपक्षी दलों, खासकर सपा द्वारा विभिन्न मुद्दों पर सरकार के खिलाफ सवाल उठाए जाने के संदर्भ में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा, ''पहले सपा सरकार के समय कितना माहौल खराब था, दुर्गा पूजा के समय दुर्गा पूजा नहीं करने देते थे, जन्माष्टमी पर प्रतिबंध लगाते थे, होली नहीं मनाने देते थे, मंदिरों के नाम पर आने वाले पैसे हजम कर जाते थे, लेकिन आज हर विधायक ने अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र में आठ-दस मंदिरों का सुदंरीकरण किया है। यह कार्य पहले भी हो सकता था।''
योगी ने कहा, ''जो गरीब को राशन की सुविधा नहीं दे पाए, जो नौजवान का रोजगार छीनने का पाप करते थे, वे अयोध्या और काशी मथुरा के बारे में कैसे सोच सकते थे। पहले मंदिरों पर लोग कब्जा करवाते थे और अब कब्जा नहीं, उन मंदिरों का सुंदरीकरण हो रहा है।''
उन्होंने कहा, ''पहले आने वाला पैसा कब्रिस्तान पर खर्च हो जाता था, आज वे हमें बता रहे हैं और विकास के बारे में सवाल कर रहे हैं। मैं आश्वस्त करने आया हूं कि विकास की बेहतर परियोजनाएं आगे बढ़ रही हैं।''
योगी ने अपनी सरकार के बारे में कहा ''आपने देखा होगा कि पर्व और उत्सव में कोई बाधा डालता है तो सरकार उपद्रवी से कायदे से निपटती है। नौ वर्षों में देखा होगा कि उप्र में अब कोई दंगा नहीं है। न कर्फ्यू न दंगा, अब यूपी में सब चंगा है।''
सभा को उप्र सरकार के कारागार मंत्री और कुशीनगर प्रभारी दारा सिंह चौहान, पूर्व केन्द्रीय मंत्री व सांसद कुंवर आारपीएन सिंह, गोरखपुर के सांसद व सिने स्टार रवि किशन और कुशीनगर के सांसद विजय दुबे समेत कई प्रमुख लोगों ने संबोधित किया।
भाषा आनन्द
रंजन नेत्रपाल
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