पंजाब में महिलाओं एवं बच्चों के खिलाफ अपराध से जुड़ी 2.31 लाख से अधिक शिकायतें मिलीं
नेत्रपाल
- 11 Jul 2026, 07:49 PM
- Updated: 07:49 PM
चंडीगढ़, 11 जुलाई (भाषा) पंजाब के पुलिस थानों में स्थापित महिला सहायता डेस्क के जरिये महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध से संबंधित 2.31 लाख से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई हैं।
राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने शनिवार को कहा कि इस पहल से पुलिस थाने अधिक सुलभ और महिलाओं के अनुकूल बने हैं।
आधिकारिक बयान के अनुसार, पंजाब पुलिस ने 39 विशेष प्रयोजन थानों सहित राज्य के सभी 424 थानों में महिला सहायता डेस्क स्थापित की हैं।
बयान के अनुसार, इन डेस्क के शुरू होने के बाद से महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध से संबंधित 2,31,677 शिकायतें प्राप्त हुई हैं।
इसमें कहा गया कि एक जनवरी 2023 से 30 जून 2026 के बीच पंजाब शिकायत निवारण (पीजीडी) पोर्टल पर महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध से संबंधित 1,33,152 शिकायतें दर्ज की गईं।
इनमें से 99,692 शिकायतें पंजाब पुलिस महिला मित्र (पीपीएमएम) को सौंपी गईं और उन्होंने उनका निस्तारण किया।
बयान में कहा गया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने महिला मित्र पहल और महिला सहायता डेस्क के तहत कार्यरत महिला पुलिसकर्मियों के लिए 93 इलेक्ट्रिक स्कूटरों को मंजूरी दी है।
हाल ही में डीजीपी यादव ने इन स्कूटरों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, ताकि महिलाओं और बच्चों की शिकायतों पर त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके और उनकी पहुंच बेहतर बनाई जा सके।
यादव ने कहा कि इस पहल से महिलाओं की पुलिस सेवाओं तक पहुंच आसान हुई है, लैंगिक संवेदनशील पुलिस व्यवस्था को मजबूती मिली है, जनता का विश्वास बढ़ा है और संवेदनशील वर्गों से जुड़े मामलों में समय पर हस्तक्षेप संभव हुआ है।
उन्होंने बताया कि इस पहल के तहत राज्य के सभी 424 पुलिस थानों में 848 पंजाब पुलिस महिला मित्र तैनात की गई हैं।
पंजाब पुलिस ने वर्ष 2021 में महिला, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों को अधिक पीड़ित-केंद्रित पुलिस सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 'महिला मित्र' परियोजना शुरू की थी।
इससे पहले इस प्रकार की शिकायतों का निपटारा मुख्य रूप से पुरुष पुलिसकर्मी करते थे।
वर्तमान में राज्य पुलिस 10 महिला पुलिस थानों और 15 महिला प्रकोष्ठों का संचालन कर रही है, जहां महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े मामलों में परामर्श, कानूनी मार्गदर्शन और अन्य सहायता सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
डीजीपी यादव ने कहा कि समर्पित महिला पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी से अधिक पीड़ित पुलिस के पास आने के लिए प्रोत्साहित हुए हैं और लैंगिक आधार पर होने वाले अपराधों की रिपोर्टिंग में भी सुधार हुआ है।
बयान में कहा गया कि पंजाब पुलिस ने महिला सहायता डेस्क की प्रभावशीलता का आकलन करने के लिए गैर-सरकारी संगठनों जे-पाल और हार्टेक फाउंडेशन के सहयोग से उनका मूल्यांकन भी शुरू किया है।
विशेष पुलिस महानिदेशक (सामुदायिक एवं महिला मामले) गुरप्रीत देव ने कहा कि महिला सहायता डेस्क ने पुलिस और जनता के बीच की दूरी कम करने में मदद की है तथा पीड़ितों में यह विश्वास पैदा किया है कि उन्हें प्रशिक्षित और संवेदनशील महिला पुलिसकर्मियों से सहायता मिलेगी।
भाषा रवि कांत नेत्रपाल
नेत्रपाल
1107 1949 चंडीगढ़