सिंगापुर में चीनी और अन्य अंतरराष्ट्रीय छात्रों में भी बढ़ रही है हिंदी सीखने की रुचि : विशेषज्ञ
राखी रवि कांत
- 11 Jul 2026, 08:03 PM
- Updated: 08:03 PM
सिंगापुर, 11 जुलाई (भाषा) सिंगापुर में सामुदायिक उत्सवों को बढ़ावा देने वाली सरकारी नीतियों के कारण न केवल भारतीय मूल के छात्रों, बल्कि चीनी मूल और अन्य देशों के विद्यार्थियों में भी हिंदी सीखने के प्रति रुचि लगातार बढ़ रही है। भाषा प्रेमियों और विशेषज्ञों ने शनिवार को यह बात कही।
नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर (एनयूएस) में भारतीय भाषा विभाग की प्रमुख डॉ. संध्या सिंह ने यहां एक हिंदी पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम में यह बात कही। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि सिंगापुर सरकार भारतीय भाषाओं को सीखने के लिए किस प्रकार सक्रिय रूप से बढ़ावा देती है।
उन्होंने कहा, ''हमें इस बात पर गर्व है कि एनयूएस ने ऐसे स्नातक तैयार किए हैं जिन्हें हिंदी और भारतीय संस्कृति की गहरी समझ है।''
डॉ. सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय अकादमिक उत्कृष्टता, सांस्कृतिक जुड़ाव और वैश्विक दृष्टिकोण के माध्यम से हिंदी भाषा की शिक्षा को लगातार मजबूत कर रहा है।
दुबे सिंगापुर के लगभग एक लाख हिंदी भाषी समुदाय के उन अनेक लेखकों में शामिल हैं, जो नियमित रूप से हिंदी में लेख, कविताएं और उपन्यास लिखते हैं तथा अपने विचार साझा करते हैं।
'डियर एक्स' में 45 वर्षीय दुबे ने समुद्री यात्रा के अपने अनुभवों, सिंगापुर के बहुसांस्कृतिक समाज में एक दशक से अधिक समय तक रहने के अनुभवों और उत्तर प्रदेश के एक गांव में बीते अपने बचपन की स्मृतियों को साझा किया है।
दुबे ने कहा, ''फाल्गुन के मेलों और होली खेलने का आनंद भारतीय परिवारों की संस्कृति का हिस्सा है, चाहे वे दुनिया में कहीं भी रहते हों। सिंगापुर का भारतीय समुदाय लगभग हर सांस्कृतिक पर्व मनाता है। आप किसी भारतीय को भारत से बाहर ले जा सकते हैं, लेकिन उसके भीतर से भारतीय संस्कृति को नहीं निकाल सकते।''
दुबे ने बताया कि उन्होंने अपने गांव के जीवन से भावनात्मक जुड़ाव बनाए रखने का प्रयास किया और साथ ही सिंगापुर जैसे अत्यंत व्यवस्थित और तेज रफ्तार वाले वैश्विक शहर के अनुशासित जीवन को भी अपनाया।
दो बच्चों के पिता दुबे ने कहा कि उन्होंने अपने परिवार को विभिन्न संस्कृतियों के बीच पाला और अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा प्रणाली में पढ़ाया, जहां मातृभाषा को दूसरी भाषा के रूप में पढ़ना अनिवार्य है।
उन्होंने कहा, ''पूर्व-प्राथमिक स्तर से लेकर विश्वविद्यालय तक हिंदी अनेक भाषाओं में से एक है, जिन्हें पढ़ाया जाता है। मेरी आठ पुस्तकें और कविता श्रृंखला हिंदी सीखने वाले विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या में अपना योगदान देने का प्रयास हैं।''
सिंगापुर के स्थानीय विद्यालयों में दूसरी भाषा के रूप में तमिल के साथ हिंदी, पंजाबी, बांग्ला, उर्दू और गुजराती भी पढ़ाई जाती हैं। वर्तमान में 7,000 से अधिक विद्यार्थी हिंदी का अध्ययन कर रहे हैं।
डॉ. संध्या सिंह 'हिंदी सोसाइटी सिंगापुर' के प्रबंधन बोर्ड की सदस्य भी हैं। उन्होंने कहा कि बहुभाषावाद और मातृभाषा शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के तहत सिंगापुर सरकार भारतीय भाषाओं के अध्ययन को सक्रिय रूप से बढ़ावा देती है।
भाषा राखी रवि कांत
1107 2003 सिंगापुर