बाहरी उत्तरी दिल्ली में यमुना में चार नाबालिगों के डूबने की आशंका, तलाश जारी
वैभव
- 13 Jul 2026, 11:05 PM
- Updated: 11:05 PM
नयी दिल्ली, 13 जुलाई (भाषा) बाहरी उत्तरी दिल्ली के अलीपुर इलाके में रविवार को हिरनकी गांव के पास यमुना में नहाते समय नदी की तेज धारा में बह जाने से चार नाबालिगों के डूबने की आशंका है। कई एजेंसियों ने सोमवार को लगातार दूसरे दिन गहन तलाशी अभियान जारी रखा। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि घटना के संबंध में रविवार शाम करीब साढ़े सात बजे पुलिस नियंत्रण कक्ष (पीसीआर) को सूचना दी गई।
प्रारंभिक जांच के मुताबिक, रविवार शाम पांच नाबालिग लड़के हिरनकी गांव के पास यमुना घाट पर गए थे।
नहाते समय, उनमें से चार - राहुल (15), अंशु (15), सौरभ (15), और अमनदीप (15) कथित तौर पर तेज धारा में फंसकर बह गए। वे सभी इब्राहिमपुर के निवासी हैं। वहीं लकी नदी के किनारे पर था और उसने शोर मचाया।
उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और बच्चों को बचाने का प्रयास किया। पुलिस ने कहा कि हालांकि, जब तक वे पहुंचे, सभी चार लड़के गायब हो गए थे।
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए), दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) और दिल्ली पुलिस की टीमें मौके पर पहुंची। वे रविवार शाम से ही खोज अभियान चला रही हैं।
पुलिस ने कहा कि संबंधित उपमंडलीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) को भी सूचित कर दिया गया है और स्थानीय पुलिस अधिकारी बचाव एजेंसियों के साथ समन्वय कर रहे हैं।
अभियान सोमवार को भी जारी रहा, लेकिन खबर लिखे जाने तक किसी का शव बरामद नहीं हुआ।
पुलिस ने कहा कि खोज अभियान नदी के तेज़ बहाव के बीच नौकाओं और प्रशिक्षित बचाव कर्मियों द्वारा संचालित किया जा रहा है।
इन पांच लड़कों में शामिल लकी ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा कि वे शाम करीब पांच बचे नदी के पास पहुंचे थे।
उसने बताया, " घाट की और जाने वाले मार्ग पर कीचड़ था। हम वहां साथ गए थे और शुरू में सिर्फ अपने हाथ-पैर धो रहे थे, लेकिन सौरव नदी में नहाने उतर गया और उसके पीछे-पीछे राहुल, अमनदीप और अंशु भी यमुना में उतर गए।"
लकी के मुताबिक, उसने तेज बहाव को देखकर अपने दोस्तों को नदी में न उतरने की चेतावनी दी थी।
उसने बताया, " मैंने उनसे कहा कि नदी में न उतरो, क्योंकि बहाव बहुत तेज़ है। वे नहाने के दौरान एक-दूसरे का हाथ पकड़े हुए थे। अचानक से वे तेज़ बहाव में बह गए। तभी मैंने, मदद के लिए चिल्लाना शुरू कर दिया।"
उसके अनुसार, उसकी आवाज़ सुनकर तीन स्थानीय लोग मौके पर आए और उसके परिवार से संपर्क करने में मदद की जिन्होंने बाद में पुलिस और लापता लड़कों के परिजनों को घटना की सूचना दी।
बचाव दलों के सोमवार को नदी में खोजबीन जारी रखने के बीच चिंतित परिवार के सदस्य नदी तट पर एकत्र रहे।
नाबालिगों ने नदी में प्रवेश करने से पहले किनारे पर कपड़े और चप्पलें रखीं और वे वहां ऐसी ही पड़ी थीं।
लापता लड़कों में से एक अंशु के पिता श्याम बिहारी शाह ने कहा कि परिवार को रविवार शाम करीब छह बजे घटना के बारे में फोन से सूचना मिली।
उन्होंने कहा, "जब हम पहुंचे तो यहां पहले से ही कई लोग खड़े थे। तब से हम नदी के पास इंतजार कर रहे हैं। हम प्रार्थना कर रहे हैं कि हमारा बच्चा मिल जाए।"
पिता ने बताया कि अंशु 10वीं कक्षा का छात्र है।
वहीं, सौरव की मां और उसकी बहन खुशी सहित अन्य लापता लड़कों के रिश्तेदार रोए जा रहे थे।
पुलिस ने कहा कि जब तक सभी लापता लड़कों का पता नहीं चल जाता, तलाशी अभियान जारी रहेगा।
भाषा नोमान नोमान वैभव
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