बदरीनाथ में चढ़ावे में वित्तीय अनियमितता के आरोप में निलंबित बीकेटीसी का कर्मचारी गिरफ्तार
सुरभि
- 13 Jul 2026, 03:10 PM
- Updated: 03:10 PM
देहरादून, 13 जुलाई (भाषा) उत्तराखंड के विख्यात बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे और दान में वित्तीय अनियमितता के आरोप में निलंबित श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी।
चमोली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि नौटियाल को रविवार रात चमोली पुलिस ने उनके देहरादून के नेहरू कॉलोनी स्थित घर से गिरफ्तार किया। उन्होंने बताया कि नौटियाल को बदरीनाथ लाया गया है जहां उससे पूछताछ की जा रही है।
पंवार ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि मंदिर समिति के अधिकारी युधवीर फरस्वान की शिकायत पर आठ जुलाई को बद्रीनाथ थाने में मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में नौटियाल पर मंदिर के चढ़ावे में हेराफेरी करने का आरोप लगाया गया था।
सोशल मीडिया पर दो जुलाई को मंदिर में चढ़ावे में अनियमितता के आरोप सामने आने के बाद बीकेटीसी ने चार सदस्यीय जांच समिति गठित की थी जिसकी प्रारंभिक रिपोर्ट में प्रथमदृष्टया आरोपों की पुष्टि होने के बाद नौटियाल को सात जुलाई को निलंबित कर दिया गया था।
इसके कुंछ घंटों बाद रात में ही बीकेटीसी ने पुलिस में एक शिकायत दी थी जिसके आधार पर उसके खिलाफ बदरीनाथ पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 306 (किसी कर्मचारी द्वारा अपने नियोक्ता की संपत्ति की चोरी करना) और 316 (5) (विशिष्ट न्यासियों द्वारा किए गए आपराधिक विश्वासघात) के तहत मामला दर्जं किया गया था।
आरोपी बीकेटीसी के अध्यक्ष कार्यालय में निजी सहायक के रूप में तैनात था।
पंवार ने बताया कि घटनास्थल का निरीक्षण, वादी और गवाहों के बयानों और दो जुलाई को गणनाकक्ष के सीसीटीवी फुटेज के अवलोकन में मिले साक्ष्यों के आधार पर नौटियाल को गिरफ्तार किया गया।
उन्होंने बताया कि फुटेज में आरोपी मंदिर में गणनाकक्ष से कई बार धनराशि और अन्य भेंट सामग्री छिपाकर या जेब में रखकर बाहर ले जाते पाया गया।
बीकेटीसी एक वैधानिक निकाय है जो उत्तराखंड में बदरीनाथ और केदारनाथ मंदिर समेत कुछ अन्य तीर्थस्थलों का प्रबंधन करती है।
नौटियाल की गिरफ्तारी ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और विपक्षी कांग्रेस के बीच जुबानी जंग छेड़ दी है। कांग्रेस की उत्तराखंड इकाई के अध्यक्ष और बीकेटीसी के पूर्व अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने जांच पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि गिरफ्तार कर्मचारी पर दबाव डाला जा रहा है कि वह किसी और व्यक्ति का नाम नहीं ले।
उन्होंने कहा कि जब तक बीकेटीसी अध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती और उन्हें उनके पद से नहीं हटाया जाता, तब तक जांच पर भरोसा नहीं किया जा सकता। भाजपा की उत्तराखंड इकाई के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे में कथित हेराफेरी का मामला एक गंभीर पाप है और ऐसा अपराध करने वाले किसी भी व्यक्ति को सरकार नहीं बख्शेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि नौटियाल की गिरफ्तारी से यह साफ है कि सरकार निष्पक्ष कार्रवाई कर रही है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखंड सरकार ने पिछले सप्ताह इन आरोपों की जांच के लिए गढ़वाल क्षेत्र के आयुक्त आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया।
इस समिति को 15 दिनों में मामले की जांच के साथ ही चढ़ावे और दान की व्यवस्था को दुरूस्त रखने के लिए अपनी सिफारिशें भी राज्य सरकार को सौंपने को कहा गया है।
गढ़वाल खंड के आयुक्त इस समिति के अध्यक्ष हैं और समिति अपनी रिपोर्ट और सुझाव राज्य सरकार को सौंपेगी।
बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावे की गणना के दौरान गड़बड़ी के आरोप सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आया। इसके बाद 'भैरव सेना' नामक संगठन ने शिकायत दर्ज कराई और मामले की जांच तथा प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की।
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