राकांपा नेता ने पार्टी अध्यक्ष के रूप में सुनेत्रा पवार के चुनाव को चुनौती दी
अविनाश
- 13 Jul 2026, 08:29 PM
- Updated: 08:29 PM
मुंबई, 13 जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की अध्यक्ष चुने जाने को पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने चुनौती दी है। उन्होंने कानूनी नोटिस जारी कर संगठनात्मक चुनाव नए सिरे से कराने की मांग की है।
दिल्ली स्थित विधि फर्म एआरएस एसोसिएट्स ने राकांपा के राष्ट्रीय सचिव सच्चिदानंद सिंह की ओर से नौ जुलाई को यह कानूनी नोटिस जारी किया। इसमें दावा किया गया है कि 26 फरवरी को हुआ चुनाव असंवैधानिक था और इसे ''अमान्य'' घोषित किया जाना चाहिए।
यह नोटिस सुनेत्रा पवार, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल और महासचिव बृजमोहन श्रीवास्तव को संबोधित है। इसमें आरोप लगाया गया है कि चुनाव प्रक्रिया राकांपा के संविधान के अनिवार्य प्रावधानों का पालन किए बिना तथा प्रतिनिधियों और पदाधिकारियों को विधिवत सूचना दिए बिना शुरू की गई।
नोटिस के अनुसार, तत्कालीन राकांपा अध्यक्ष अजित पवार के 28 जनवरी को निधन के बाद पार्टी ने निर्वाचन आयोग को सूचित किया था कि नए अध्यक्ष के चुनाव तक प्रफुल्ल पटेल कार्यवाहक राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में काम करेंगे।
इसमें आरोप लगाया गया है कि श्रीवास्तव ने संवैधानिक प्राधिकार नहीं होने के बावजूद राष्ट्रीय अधिवेशन बुलाया और चुनाव प्रक्रिया शुरू कर दी।
नोटिस में दावा किया गया है, ''पार्टी संविधान के अनुसार न तो विधिवत केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण का गठन किया गया, न ही निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किया गया और न ही चुनाव कार्यक्रम घोषित किया गया। प्रतिनिधियों को उम्मीदवारों का नामांकन करने, चुनाव लड़ने या मतदान करने का अवसर नहीं दिया गया।''
सिंह ने इस वर्ष 28 फरवरी, 10 मार्च और 29 अप्रैल को निर्वाचन आयोग को भेजे गए पार्टी के उन पत्रों को वापस लेने की मांग की है, जिनमें चुनाव और पदाधिकारियों का विवरण दर्ज है। उन्होंने स्वतंत्र चुनाव प्राधिकरण की निगरानी में नए सिरे से संगठनात्मक चुनाव कराने की भी मांग की है।
नोटिस में पार्टी नेतृत्व को मांगों का पालन करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। ऐसा नहीं करने पर याचिकाकर्ता ने आगे कानूनी कार्रवाई करने का अधिकार सुरक्षित रखा है।
इस बारे में संपर्क किए जाने पर राकांपा प्रवक्ता सूरज चव्हाण ने कहा कि सच्चिदानंद सिंह 26 फरवरी को राष्ट्रीय अधिवेशन में मौजूद थे और उन्होंने हाथ उठाकर सुनेत्रा पवार के पक्ष में मतदान किया था। चव्हाण ने कहा, ''उनके चुनाव में सभी नियमों का पालन किया गया था।''
भाषा अमित अविनाश
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