पूर्वी दिल्ली में 9.79 लाख रुपये मूल्य की विदेशी मुद्रा लूटने के मामले में दो गिरफ्तार
सुरेश
- 14 Jul 2026, 05:01 PM
- Updated: 05:01 PM
नयी दिल्ली, चार जुलाई (भाषा) पूर्वी दिल्ली पुलिस ने विदेशी मुद्रा विनिमय से जुड़ी एक कंपनी के कर्मचारी से 9.79 लाख रुपये मूल्य की विदेशी मुद्रा लूटने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, आरोपियों ने फर्जी ग्राहक बनकर विदेशी मुद्रा विनिमय कंपनी से फोन पर संपर्क किया और विदेशी मुद्रा हासिल करने के लिए एजेंट को मधु विहार बुलाया, जहां आरोपियों ने तकरीबन 9.79 लाख रुपये मूल्य की विदेशी मुद्रा लेकर पहुंचे कर्मचारी को 'पेपर स्प्रे' से हमला करके लूट लिया।
पूर्वी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) राजीव कुमार ने बताया कि नोएडा स्थित प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के एक कर्मचारी हरे कृष्ण जाना (42) को छह जुलाई को मधु विहार के साई चौक पर 5,500 यूरो तत्काल पहुंचाने का ऑर्डर मिला।
उन्होंने बताया कि कॉल करने वाले ने खुद को "मिस्टर सिंह" के रूप में पेश किया और पूरी यात्रा के दौरान हरे कृष्ण के संपर्क में रहा तथा अपनी 'लाइव लोकेशन' भी साझा की, जिससे कर्मचारी को किसी तरह का शक नहीं हुआ।
डीसीपी ने कहा कि हरे कृष्ण के पास 5,500 यूरो, 35,000 थाई बहत, 2,600 अमेरिकी डॉलर, 1,200 चीनी युआन और 10,000 रुपये नकद थे तथा इसकी कुल कीमत लगभग 9.79 लाख रुपये आंकी गई है।
उनके मुताबिक, जब हरे कृष्ण निर्धारित स्थान पर पहुंचा तो उसे एक कार के अंदर बैठने के लिए कहा गया।
अधिकारी ने कहा कि जैसे ही वह वाहन में घुसा, तीन लोगों ने उस पर कथित तौर पर 'पेपर स्प्रे' से हमला कर दिया तथा विदेशी मुद्रा एवं नकदी से भरा बैग छीनकर भाग गए।
इस बाबत पांडव नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई और लूट की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने जल्द पता लगा लिया कि लूट फर्जी पहचान के आधार पर की गई है।
पुलिस ने तकनीकी निगरानी, कॉल रिकॉर्ड के विश्लेषण, डिजिटल जांच और स्थानीय स्तर पर पूछताछ के आधार पर आरोपियों कार्तिक (20) और कवलजीत (23) को उत्तर प्रदेश के मेरठ से गिरफ्तार किया।
कुमार के मुताबिक, आरोपियों ने पूछताछ में पहले पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन तकनीकी सबूतों से सामना कराए जाने के बाद उन्होंने अपराध में अपनी संलिप्तता कबूल कर ली।
उनके खुलासे के आधार पर, पुलिस ने लूट में कथित तौर पर इस्तेमाल की गई कार और लूटी गई विदेशी मुद्रा में से 1,100 यूरो बरामद कर लिये।
पुलिस ने कहा कि कार्तिक ने आठवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी और वह मेरठ में बागपत रोड पर एक मोबाइल फोन की दुकान चलाता है, जबकि कवलजीत 12वीं कक्षा तक पढ़ा है तथा उसी इलाके में एक डेरी बूथ पर सुरक्षा गार्ड के रूप में काम करता है।
पुलिस को संदेह है कि लूट की साजिश रचने तथा उसे अंजाम देने में और भी लोग शामिल थे।
शेष आरोपियों का पता लगाने और लूटी गई शेष विदेशी मुद्रा बरामद करने के प्रयास जारी हैं।
भाषा नोमान नोमान सुरेश
सुरेश
1407 1701 दिल्ली