राम मंदिर 'चढ़ावा चोरी' मामले में आरोपी के किराए के मकान से 'महत्वपूर्ण दस्तावेज' बरामद: पुलिस
जोहेब
- 15 Jul 2026, 10:09 PM
- Updated: 10:09 PM
अयोध्या (उप्र), 15 जुलाई (भाषा) राम मंदिर कथित चढ़ावा चोरी मामले में आरोपी रमाशंकर मिश्र के किराए के घर से पुलिस को एक बैग में रखे महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मकान में लगे सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर भी जब्त कर लिया गया है।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा पुलिस दल ने एक अन्य आरोपी सुभाष श्रीवास्तव से जुड़ी जगहों पर तलाशी ली।
अधिकारियों के मुताबिक पुलिस हिरासत के दौरान मिश्र को साथ ले जाया गया और उसकी निशानदेही पर किराए के घर की तलाशी ली गयी।
उन्होंने बताया कि इस दौरान पुलिस को मकान में रखे एक बैग से ज़मीन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज़ मिले।
अधिकारियों ने बताया कि जांच एजेंसियां अब इन दस्तावेजों की जांच कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनका मामले से कोई संबंध है या नहीं।
उन्होंने बताया कि पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि क्या आरोपी ने कथित चढ़ावा चोरी से मिले धन का इस्तेमाल जायदाद खरीदने या अन्य निवेश के लिये किया था।
इस बीच, पुलिस ने हिरासत में लिये गये दूसरे आरोपी सुभाष श्रीवास्तव के ठिकाने पर भी तलाशी ली और कई जरूरी दस्तावेजों और अन्य चीजों की जांच की।
पुलिस ने कहा कि जांच जारी है तथा बरामद दस्तावेजों की पुष्टि की जाएगी और अगर जांच में किसी अवैध सम्पत्ति या संदिग्ध लेन-देन के सुबूत मिले तो उन्हें भी केस डायरी का हिस्सा बनाया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार बरामद दस्तावेजों की जांच के बाद ही मामले में और खुलासे होने की उम्मीद है।
अयोध्या की विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार-रोधी) की अदालत ने मंगलवार को मामले में दो आरोपियों मिश्र और श्रीवास्तव को 14 घंटे की पुलिस हिरासत में भेजने की इजाजत दी थी।
पुलिस इस मामले में अलग-अलग समय पर हिरासत के दौरान सह-आरोपियों अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र और करुणेश पांडे से पहले ही पूछताछ कर चुकी है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार चार आरोपियों से पूछताछ के बाद कथित तौर पर गलत तरीके से अर्जित धन से खरीदी गई दो गाड़ियां, नकदी, सोना और निवेश से जुड़े दस्तावेज बरामद किये गये।
राम मंदिर में कथित चंदा चोरी का प्रकरण जून के पहले सप्ताह में सामने आया था, जिसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने आरोपों की जांच के लिए 13 जून को एक विशेष टीम (एसआईटी) बनाई थी। एसआईटी ने 23 जून को अपनी शुरुआती रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी जिसके बाद आठ आरोपियों अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्र, सुभाष श्रीवास्तव और रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव को गिरफ्तार किया था।
पुलिस के अनुसार पुलिस ने कई आरोपियों से नकदी बरामद की थी जिनमें सबसे ज़्यादा 20.39 लाख रुपये अविनाश शुक्ला से बरामद हुए थे। इसके अलावा सोना, चांदी, विदेशी मुद्रा और "रामराज्य कोष" लिखा हुआ एक दान पात्र भी बरामद किया गया था।
भाषा सं. सलीम जोहेब
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