अमेरिका ने ईरान में पुलों को बनाया निशाना, चाबहार बंदरगाह पर टावर ढहा
पवनेश
- 17 Jul 2026, 04:30 PM
- Updated: 04:30 PM
दुबई, 17 जुलाई (एपी) अमेरिका ने शुक्रवार तड़के ईरान के खिलाफ अपने हवाई हमलों का दायरा बढ़ाते हुए और अधिक पुलों, विद्युत उपकरणों को निशाना बनाया तथा एक प्रमुख ईरानी बंदरगाह पर स्थित टावर को ध्वस्त कर दिया।
यह कदम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस चेतावनी के बाद उठाया गया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ ढीली नहीं करता है तो अमेरिका उसके बुनियादी ढांचे पर भी हमले करेगा।
इसके जवाब में ईरान ने पश्चिम एशिया में कतर समेत अमेरिका के सहयोगी देशों पर फिर मिसाइल हमले किए और चेतावनी दी कि उसके हमले आगे और तेज होंगे। कतर युद्ध में अहम मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।
ईरान के सरकारी टेलीविजन के अनुसार, अमेरिका द्वारा शुक्रवार तड़के किए गए हवाई हमलों में दक्षिणी होर्मोजगान प्रांत में कई पुलों को निशाना बनाया गया, जिसमें कम से कम सात लोगों की मौत हो गई। हमले होर्मुज जलडमरूमध्य के तट पर स्थित ईरानी शहर बंदर खमीर में भी किए गए।
राजमार्ग और रेलवे पुलों पर किए गए ये हमले संभवतः ईरान के प्रमुख बंदरगाह बंदर अब्बास को देश के मध्य क्षेत्र और राजधानी तेहरान की ओर जाने वाले सड़क मार्गों से काटने के उद्देश्य से किए गए थे।
हालांकि अन्य मार्ग अब भी खुले हुए हैं, लेकिन अमेरिका अपने हवाई हमलों का दायरा और बढ़ा सकता है। इससे ईरान की सैन्य सामग्री की आवाजाही के साथ-साथ वहां की लगभग नौ करोड़ आबादी के लिए आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है।
ईरान ने शुक्रवार को पहली बार स्वीकार किया कि अमेरिकी हवाई हमलों में उसकी बिजली अवसंरचना को भी निशाना बनाया गया है। ऊर्जा मंत्रालय ने दक्षिणी प्रांतों के लोगों से बिजली की खपत कम करने की अपील करते हुए कहा कि ये क्षेत्र भीषण गर्मी और बिजली अवसंरचना पर हमलों का सामना कर रहे हैं।
बहरहाल, मंत्रालय ने यह स्पष्ट नहीं किया कि हमले बिजली संयंत्रों, ट्रांसमिशन लाइनों या अन्य किसी उपकरण पर किए गए थे।
बिजली अवसंरचना पर ऐसे हमलों की आशंका पिछले कई दिनों से जताई जा रही थी। तेहरान नगर परिषद के सदस्य मेहदी चमरान ने मंगलवार को बिजली संबंधी समस्याओं पर पत्रकारों के सवाल के जवाब में कहा, ''जाकर देखिए कि उन्होंने बिजली संबंधी कितनी सुविधाओं को निशाना बनाया है... फिर आप यह सवाल नहीं पूछेंगे।''
अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बताया कि शुक्रवार तड़के किए गए हवाई हमलों में दर्जनों ठिकानों को निशाना बनाया गया। यह लगातार छठी रात थी जब अमेरिका ने ईरान पर हवाई हमले किए।
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी 'आईआरएनए' के अनुसार, इन हमलों में ओमान की खाड़ी पर स्थित ईरान के चाबहार बंदरगाह पर एक टावर भी ढह गया। चाबहार बंदरगाह अफगानिस्तान के लिए एक महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग माना जाता है।
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने निगरानी टावर के ढहते हुए प्रतीत होने की तस्वीर साझा की। यह तस्वीर हेगसेथ द्वारा साझा किए जाने से पहले ही सोशल मीडिया पर कार्यकर्ताओं के माध्यम से प्रसारित हो चुकी थी।
भारत के सहयोग से संचालित किए जा रहे चाबहार बंदरगाह को अमेरिकी हवाई हमलों में बार-बार निशाना बनाया गया है। ईरान के सरकारी मीडिया ने बंदरगाह पर तीसरी बार हमले होने की पुष्टि की, हालांकि उसने टावर के ढहने की अभी पुष्टि नहीं की।
ईरान ने बताया कि इस टावर का इस्तेमाल बंदरगाह पर होने वाली वाणिज्यिक गतिविधियों की निगरानी के लिए किया जाता है। हालांकि, ईरान के अर्द्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड भी देश के विभिन्न बंदरगाहों पर अपनी गतिविधियां संचालित करते हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता हुसैन केरमनपोर ने बताया कि शुक्रवार सुबह छह बजे तक अमेरिकी हवाई हमलों में ईरान में कम से कम 38 लोगों की मौत हो चुकी थी, जबकि 400 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
इस बीच, शुक्रवार सुबह ईरान के एक और हमले की आशंका के बीच कतर ने दूसरी बार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की चेतावनी जारी की। वहीं, पड़ोसी देश बहरीन में भी हवाई हमले के सायरन बजाए गए।
कतर, ईरान युद्ध को समाप्त कराने के प्रयासों में पाकिस्तान के साथ एक प्रमुख मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। हालांकि, होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की पकड़ को लेकर वार्ता विफल हो गई है।
कतर के गृह मंत्रालय ने बताया कि इससे पहले हुए एक हमले के दौरान मिसाइल को हवा में मार गिराए जाने के बाद उसके टुकड़े (छर्रे) गिरने से एक बच्चा घायल हो गया था।
कतर में अधिकारियों ने ईरानी मिसाइलों की बौछार के बीच लोगों से सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की। ईरानी मिसाइलों को रोकने के लिए वायु रक्षा प्रणाली सक्रिय होने के दौरान लोगों ने आसमान में विस्फोटों की आवाजें सुनीं।
इससे पहले ईरान ने देश में पुलों पर अमेरिका के रातभर किए गए हमलों के जवाब में बहरीन और कुवैत को भी निशाना बनाया था।
जॉर्डन की सेना ने शुक्रवार को कहा कि उसने ईरान की ओर से दागी गई तीन मिसाइलों को बीच रास्ते में ही मार गिराया।
शुक्रवार सुबह उत्तरी इराक के अर्द्ध-स्वायत्त कुर्द क्षेत्र के इरबिल और सुलेमानिया में भी विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं, जहां वायु रक्षा प्रणालियां हमलों को निष्क्रिय करने में जुटी थीं।
सुरक्षा कारणों से नाम न उजागर करने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि इस हमले का निशाना ईरानी कुर्द असंतुष्ट संगठन कोमाला था। हमले में कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।
ईरान ने तत्काल इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली। हालांकि, वह अतीत में भी कोमाला को निशाना बनाता रहा है।
वहीं, ब्रिटिश सेना ने शुक्रवार को कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर ओमान के सबसे निकट वाले समुद्री मार्ग से गुजर रहे एक टैंकर पर हमला किया गया।
ब्रिटेन के 'यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस' (यूकेएमटीओ) केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार, यह हमला शुक्रवार तड़के हुआ, जिसमें जहाज़ को मामूली नुकसान पहुंचा, लेकिन चालक दल का कोई भी सदस्य घायल नहीं हुआ।
ईरान ओमान के निकट इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले टैंकरों पर हमले करता रहा है। हालांकि, इस घटना के संबंध में ईरान की ओर से तत्काल किसी हमले की पुष्टि नहीं की गई।
पिछले महीने जिस अंतरिम युद्धविराम पर सहमति बनी थी, वह अब समाप्त हो चुका है। इसके बाद से होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच लगातार जवाबी हमले हो रहे हैं।
जब अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू किया था, तब तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को समुद्री यातायात के लिए प्रभावी रूप से बंद कर दिया था। इस कदम से तेल, उर्वरक और कई अन्य वस्तुओं की कीमतें न केवल क्षेत्र में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी तेजी से बढ़ गई थीं और इससे वार्ता में ईरान की स्थिति मजबूत हो गई।
अमेरिकी जनता को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि युद्ध में अमेरिका का पलड़ा भारी है।
उन्होंने कहा, ''हम ईरान में भी बड़ी जीत हासिल कर रहे हैं और बहुत जल्द इसके नतीजे आपको दिखाई देंगे।''
ईरानी सेना के खातम अल-अंबिया केंद्रीय मुख्यालय के प्रवक्ता कर्नल इब्राहिम जुल्फिकारी ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका ईरान के पुलों और बिजली संयंत्रों पर हमला करने की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनियों पर अमल करता है, तो ईरान क्षेत्र में बुनियादी ढांचों पर बड़े पैमाने पर हमले कर सकता है।
हाल के दिनों में राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बार फिर ईरान के बिजलीघरों और पुलों को निशाना बनाने की चेतावनी दोहरायी है, ताकि तेहरान को होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ कमजोर करने के लिए मजबूर किया जा सके।
अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी भी दोबारा लागू कर दी है, ताकि उसके कच्चे तेल के निर्यात को रोका जा सके।
समुद्री आंकड़ों का विश्लेषण करने वाली संस्था 'लॉयड्स लिस्ट इंटेलिजेंस' के अनुसार, महीने की शुरुआत में होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले मालवाहक जहाजों की साप्ताहिक आवाजाही में लगभग एक-चौथाई की गिरावट दर्ज की गई थी। यह गिरावट हाल के तीव्र जवाबी हमलों से पहले ही आ गई थी।
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