तृणमूल के पूर्व सांसद सुखेंदु रॉय, सुष्मिता देव, प्रकाश चिक भाजपा के टिकट पर निर्विरोध चुने गए
नेत्रपाल
- 17 Jul 2026, 08:43 PM
- Updated: 08:43 PM
कोलकाता, 17 जुलाई (भाषा) तृणमूल कांग्रेस के पूर्व सांसद सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बड़ाईक शुक्रवार को पश्चिम बंगाल से भाजपा उम्मीदवार के तौर पर राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने गए।
इन तीनों सांसदों के पाला बदलने के कुछ ही दिन के बाद यह राजनीतिक उलट-फेर हुआ है।
पंद्रह जुलाई को नामांकन पत्रों की जांच के बाद, मैदान में कोई और उम्मीदवार नहीं बचा था, इसलिए शुक्रवार को नामांकन वापस लेने की समयसीमा खत्म होने के बाद इन तीनों प्रत्याशियों को निर्वाचित घोषित कर दिया गया।
निर्वाचन अधिकारी ने इन तीनों के निर्विरोध चुने जाने की औपचारिक घोषणा के बाद उन्हें निर्वाचन प्रमाण-पत्र सौंपे।
रॉय, देव और बड़ाईक 9 जुलाई को कोलकाता में भाजपा में शामिल हुए थे तथा पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने 24 जुलाई को होने वाले राज्यसभा उपचुनाव के लिए उन्हें उम्मीदवार घोषित किया था।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की करारी हार के बाद, इन तीनों नेताओं ने पिछले महीने राज्यसभा और तृणमूल, दोनों से इस्तीफा दे दिया था। इसके साथ ही, उच्च सदन की तीन सीट रिक्त हो गई थीं। इन सीटों पर हुए उपचुनावों के नतीजे ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल के लिए एक और झटका हैं, क्योंकि पार्टी छोड़ने के कुछ ही हफ्तों के भीतर ये तीनों नेता भाजपा के टिकट पर राज्यसभा लौट आए हैं।
विधानसभा चुनाव में शानदार जीत के बाद राज्य में अपनी पहली सरकार बनाने के बाद से, भाजपा ने पहली बार इतनी संख्या में तृणमूल कांग्रेस के तीन पूर्व सांसदों को पार्टी में शामिल किया है। इससे यह संकेत मिलता है कि चुनाव के बाद तृणमूल नेताओं को शामिल करने को लेकर भाजपा की जो हिचकिचाहट थी, वह उन नेताओं पर लागू नहीं होगी जिन्हें वह राजनीतिक रूप से भरोसेमंद और भ्रष्टाचार के आरोपों से मुक्त मानती है।
रॉय, जो 2012 से राज्यसभा में तृणमूल का प्रतिनिधित्व कर रहे थे, पार्टी के अहम कानूनी और संसदीय रणनीतिकारों में से एक माने जाते थे। आरजी कर मेडिकल कॉलेज में प्रशिक्षु महिला चिकित्सक से बलात्कार और उसकी हत्या की घटना के बाद, पार्टी (तृणमूल) नेतृत्व के साथ उनके मतभेद खुलकर सामने आ गए, क्योंकि उन्होंने अपनी ही पार्टी से जवाबदेही की मांग की, जिससे उसके भीतर उनकी आलोचना हुई थी।
असम से कांग्रेस की पूर्व लोकसभा सदस्य और महिला कांग्रेस की पूर्व प्रमुख देव 2021 में तृणमूल में शामिल हुई थीं। भाजपा में शामिल होने से पहले उन्होंने कथित भ्रष्टाचार को लेकर तृणमूल नेतृत्व की आलोचना की थी।
तृणमूल के टिकट पर राज्यसभा के लिए चुने गए बड़ाईक ने भी भाजपा में शामिल होने से पहले पिछले महीने संसद के उच्च सदन और पार्टी से इस्तीफा दे दिया था।
भाषा सुभाष नेत्रपाल
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