कॉजपा संस्थापक दीपके ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की, 20 जुलाई को संसद मार्च पर अडिग
वैभव
- 18 Jul 2026, 01:52 PM
- Updated: 01:52 PM
नयी दिल्ली, 18 जुलाई (भाषा) कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने शनिवार को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी।
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह उनके अनशन के 21वें दिन तबीयत बिगड़ने के बाद सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद युवाओं के नेतृत्व वाले संगठन कॉजपा ने अपना आंदोलन तेज कर दिया। संगठन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस्तीफे की मांग करते हुए 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च को हर हाल में आयोजित करने का संकल्प दोहराया।
दीपके ने वांगचुक को अस्पताल ले जाए जाने के बाद सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''मैं इसी क्षण से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर रहा हूं।''
एक अन्य पोस्ट में कॉजपा ने अपना विरोध और तेज करते हुए कहा, ''मोदी को इस्तीफा देना चाहिए।''
संगठन अब तक नीट प्रश्नपत्र कथित तौर पर लीक होने के मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा था। उसने कहा कि वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से हटाए जाने के बावजूद आंदोलन जारी रहेगा।
कॉजपा के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने वांगचुक के साथ ''दुर्व्यवहार किया और उन्हें जबरन प्रदर्शन स्थल से हटाया।'' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस कार्रवाई के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों के साथ भी मारपीट की गई।
रांका ने कहा, '''हम जंतर-मंतर पर हैं, जहां कुछ देर पहले सोनम वांगचुक के साथ दुर्व्यवहार किया गया और उन्हें जबरन वहां से हटाया गया। सुबह लोग नित्यक्रिया के लिए 10-15 मिनट का विराम लेते हैं। दिल्ली पुलिस ने उसी समय यह कायरतापूर्ण कार्रवाई की। अभिजीत दीपके ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। हम यहां से नहीं हटेंगे। 20 जुलाई को संसद मार्च में हमारे साथ शामिल हों। यह देश को बचाने की लड़ाई है। हमें पीछे नहीं हटना चाहिए।''
जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे वांगचुक को शनिवार को उनके अनशन के 21वें दिन तबीयत बिगड़ने के बाद सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। दिल्ली पुलिस ने कहा कि चिकित्सकीय सलाह और उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप वांगचुक को अस्पताल ले जाया गया है।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद दीपके ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर ''प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गयी कार्रवाई'' के दौरान दिल्ली पुलिस ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें हिरासत में ले लिया।
बहरहाल, पुलिस ने कहा कि वांगचुक को ''आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल'' के लिए अस्पताल ले जाया गया है। उसने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्वक प्रदर्शन स्थल खाली करने की अपील की।
इस बीच, वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने कहा कि उनकी और उनके चिकित्सकों की अनुमति के बिना वांगचुक का किसी भी प्रकार का उपचार नहीं किया जाना चाहिए।
कॉजपा ने शुक्रवार को रिकॉर्ड किया गया एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें सरकारी डॉक्टर सोनम वांगचुक से पूछते हुए दिखाई दे रहे हैं कि क्या वह अस्पताल में भर्ती होना चाहते हैं।
वीडियो में वांगचुक यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं, ''यह कोई बीमारी या चिकित्सकीय समस्या नहीं है, बल्कि यह मेरा स्वयं चुना हुआ मार्ग है।'' वहीं, डॉ. सतीश लांबा यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि अदालत ने केवल वांगचुक की चिकित्सकीय निगरानी करने का निर्देश दिया है, उन्हें अस्पताल में भर्ती करने का नहीं।
वांगचुक को अस्पताल में भर्ती किए जाने के बावजूद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी रहा। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के कार्यकर्ता नेहा, आमीन और मनीष आंदोलन के समर्थन में अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखे हुए हैं।
इस बीच प्रदर्शन स्थल पर समर्थकों को संबोधित कर रहे दीपके पर किसी महिला ने स्याही जैसी कोई चीज फेंकी जिससे वहां कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। महिला की पहचान अभी स्पष्ट नहीं हुई है।
वांगचुक नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं और इस विवाद के कारण कथित तौर पर कुछ छात्रों की मौत के विरोध में 28 जून से कॉजपा के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।
आंदोलन के आयोजकों ने कहा है कि 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित किया जाएगा। इसी दिन संसद का मानसून सत्र भी शुरू हो रहा है।
भाषा गोला वैभव
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