आईआरएस अधिकारी की बेटी से दुष्कर्म एवं हत्या मामले में अदालत ने आरोपपत्र पर लिया संज्ञान
माधव
- 18 Jul 2026, 04:59 PM
- Updated: 04:59 PM
नयी दिल्ली, 18 जुलाई (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के एक वरिष्ठ अधिकारी की 22 वर्षीय बेटी से कथित दुष्कर्म और उसकी हत्या के आरोपी पूर्व घरेलू सहायक के खिलाफ दाखिल आरोपपत्र पर शनिवार को संज्ञान लिया।
न्यायिक मजिस्ट्रेट दीपिका ठकरान आरोपी राहुल मीणा के खिलाफ आरोप के संबंध में दलीलें सुन रही थीं। इस दौरान अदालत ने आरोपपत्र पर संज्ञान लिया।
अदालत ने पुलिस को मामले से जुड़े सभी वीडियो साक्ष्य सुरक्षित रखने और उनका ब्योरा बचाव पक्ष के वकील को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। इसके बाद अदालत ने मामले की सुनवायी दस्तावेजों की जांच करने के लिए एक अगस्त को निर्धारित की।
अधिकारियों ने बताया कि दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के अमर कॉलोनी थाने की पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद बृहस्पतिवार को अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया था। इस पर सुनवाई शनिवार के लिए सूचीबद्ध थी।
सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रही आईआईटी स्नातक युवती 22 अप्रैल की सुबह ईस्ट आफ कैलाश स्थित कैलाश हिल्स स्थित अपने घर में मृत मिली थी। उसके माता-पिता ने जिम से लौटने पर उसे मृत पाया था।
पुलिस के अनुसार, 23 वर्षीय राहुल मीणा को कथित वित्तीय अनियमितताओं के कारण फरवरी में नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था। वह घर में रखी अतिरिक्त चाबी के बारे में पहले से जानकारी होने का इस्तेमाल करके तड़के घर में दाखिल हुआ था।
पुलिस का आरोप है कि उसने रुपये की मांग का विरोध करने पर युवती से दुष्कर्म किया और मोबाइल फोन चार्जर की केबल से उसका गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।
पुलिस के अनुसार, इसके बाद आरोपी घर से पांच लाख से सात लाख रुपये नकद लेकर फरार हो गया। पुलिस के अनुसार भागने से पहले उसने पीड़िता के भाई के कपड़े पहन लिए थे।
पुलिस ने बताया कि आरोपपत्र के अनुसार, घटनास्थल से मिले उंगलियों के निशान, हथेली के निशान और अंगूठे के निशान आरोपी से मेल खाते हैं। वहीं, डीएनए प्रोफाइलिंग से भी जांच के दौरान मिले जैविक साक्ष्यों का आरोपी के डीएनए से निर्णायक मिलान हुआ है।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जांच में सें सेंट्रल फोरेंसिक साइंसेस लेबोरेटरी (सीएफएसएल) और फोरेंसिक साइंसेस लेबोरेटरी (एफएसएल) के विशेषज्ञों द्वारा व्यापक वैज्ञानिक परीक्षण किए गए।
उन्होंने कहा, ''घटनास्थल और अन्य स्थानों से एकत्र नमूनों की सीएफएसएल के भौतिकी, रसायन और जीवविज्ञान प्रभागों में जांच की गई। फोरेंसिक रिपोर्ट में मिले सकारात्मक परिणाम अभियोजन पक्ष के मामले की पुष्टि करते हैं।''
पुलिस के अनुसार, सीएफएसएल की विशेषज्ञ टीमों ने घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया।
पुलिस ने बताया कि आरोपी के अपराध से पहले और बाद के आवागमन का पता लगाने के लिए 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया गया। फुटेज में आरोपी को सुबह करीब साढ़े छह बजे आवासीय परिसर में प्रवेश करते और करीब 7:20 बजे वहां से निकलते हुए देखा गया।
पुलिस ने बताया कि उसी दिन बाद में उसे द्वारका के एक होटल से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी की निशानदेही पर लूटी गई पूरी संपत्ति बरामद कर ली गई।
पुलिस ने बताया कि जांच अधिकारियों ने आसपास के क्षेत्र में व्यापक पूछताछ की और पड़ोसियों, सुरक्षा गार्ड, घरेलू सहायकों, मजदूरों, चालकों, सफाईकर्मियों, ऑटो-रिक्शा चालकों, टैक्सी चालकों तथा अन्य लोगों से भी पूछताछ की।
पुलिस ने कहा कि सीसीटीवी विश्लेषण, फोरेंसिक जांच, डीएनए प्रोफाइलिंग, उंगलियों के निशानों का मिलान, व्यवहार संबंधी परीक्षण और लूटी गई संपत्ति की बरामदगी के आधार पर आरोपी के खिलाफ साक्ष्यों की पूरी श्रृंखला स्थापित की गई है।
भाषा अमित माधव
माधव
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