सोनम वांगचुक के खिलाफ पुलिस कार्रवाई लोकतांत्रिक प्रदर्शनों को दबाने का तरीका : विजयन
नेत्रपाल
- 18 Jul 2026, 07:17 PM
- Updated: 07:17 PM
(फोटो के साथ)
तिरुवनंतपुरम, 18 जुलाई (भाषा) केरल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष पिनराई विजयन ने शनिवार को जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक प्रदर्शनों को ''दबाने'' का आरोप लगाया।
विजयन ने एक बयान में कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के कामकाज में कथित खामियों और भ्रष्टाचार के आरोपों का जवाब देना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन खामियों के कारण लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रश्नपत्र माफिया को पनपने देने के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को जवाबदेह ठहराने के बजाय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ''अनियमितताओं को उजागर करने और न्याय की मांग करने वालों की आवाज दबाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल कर रही है।''
वांगचुक को हिरासत में लिए जाने की कड़ी आलोचना करते हुए विजयन ने कहा कि नागरिकों के संविधान प्रदत्त असहमति जताने और विरोध प्रदर्शन करने के अधिकार को केंद्र तथा दिल्ली पुलिस द्वारा ''कमजोर'' किया जा रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक आंदोलन के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को ''बेहद अलोकतांत्रिक'' करार दिया तथा प्रदर्शनकारियों से बातचीत नहीं करने के लिए सरकार की आलोचना की।
विजयन ने वांगचुक, छात्रों और प्रदर्शन के दौरान कथित रूप से हिरासत में लिए गए अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं की बिना शर्त रिहाई की मांग की। उन्होंने लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले सभी लोगों से ''तानाशाही'' के खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान किया।
इससे पहले दिन में, दिल्ली पुलिस ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 21वें दिन स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद वांगचुक को जंतर-मंतर स्थित प्रदर्शन स्थल से सफदरजंग अस्पताल पहुंचा दिया। पुलिस ने इसके लिए चिकित्सकीय सलाह और दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशों का हवाला दिया।
पुलिस ने कहा कि वांगचुक को ''जरूरी चिकित्सकीय देखभाल'' के लिए अस्पताल ले जाया गया। इसने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्वक तरीके से स्थल खाली करने की अपील की।
कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई के दौरान उनके साथ ''मारपीट की गई और उन्हें हिरासत में लिया गया''।
बाद में, दीपके ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा की।
कॉजपा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस्तीफे की अपनी मांग को दोहराते हुए कहा कि वह 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च पर आगे बढ़ेगी।
भाषा रवि कांत नेत्रपाल
नेत्रपाल
1807 1917 तिरुवनंतपुरम