अमित शाह ने सिलीगुड़ी के पास बीएसएफ चौकी पर सीमा सुरक्षा की समीक्षा की
पवनेश
- 18 Jul 2026, 10:32 PM
- Updated: 10:32 PM
सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल), 18 जुलाई (भाषा) केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को उत्तर बंगाल में संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बाड़ से लगे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के लिए 77.06 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया।
गृह मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, अमित शाह ने स्वदेशी और अत्याधुनिक सीमा सुरक्षा प्रौद्योगिकियों का निरीक्षण किया। इनमें रेडियो आधारित बाड़-उल्लंघन पहचान प्रणाली भी शामिल है, जो सीमा बाड़ से छेड़छाड़ होते ही पहले से रिकॉर्ड किया गया संदेश प्रसारित करके सुरक्षाकर्मियों को तत्काल सतर्क कर देती है।
उन्होंने बीएसएफ की 47 करोड़ रुपये की लागत वाली तीन परियोजनाओं की डिजिटल तरीके से आधारशिला भी रखी। इसके अलावा, पश्चिम बंगाल में दो सीमा चौकियों के लिए हाल ही में अधिग्रहित भूमि पर 30 करोड़ रुपये की लागत से चार किलोमीटर लंबी सीमा बाड़ के निर्माण कार्य का भी शिलान्यास किया।
शाह उत्तर बंगाल के सिलीगुड़ी शहर के बाहरी इलाके में फुलबाड़ी सीमा चौकी के जुमागाछ क्षेत्र स्थित बीएसएफ की 18वीं बटालियन की सीमा चौकी पहुंचे थे। वहां उन्होंने बीएसएफ के जवानों से बातचीत की, सीमा बाड़ के पास स्थित निगरानी मीनार का दौरा किया और एक पौधा भी लगाया।
केंद्रीय गृहमंत्री शाह राज्य के तीन दिवसीय दौरे पर शुक्रवार शाम बागडोगरा पहुंचे थे। यह इस महीने उनका दूसरा पश्चिम बंगाल दौरा और विधानसभा चुनाव के बाद उत्तर बंगाल का पहला दौरा है। उन्होंने बीएसएफ के 'प्रहरी सम्मेलन' में भी हिस्सा लिया और जवानों से बातचीत की। उनके साथ पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी थे।
सूत्रों ने बताया कि इस दौरान मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल, गृह सचिव संगमित्रा घोष, बीएसएफ महानिदेशक प्रवीण कुमार, राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) महानिदेशक राकेश अग्रवाल और राज्य के पुलिस महानिदेशक सिद्ध नाथ गुप्ता, गुप्तचर ब्यूरो के संयुक्त निदेशक भी थे।
गृह मंत्रालय के बयान में कहा गया, ''केंद्रीय गृह मंत्री ने दुर्गम इलाकों, जैसे नदियों-नालों वाले क्षेत्रों या सीमा बाड़ में मौजूद खाली हिस्सों की सुरक्षा के लिए लगाए गए इन्फ्रारेड अलार्म प्रणाली का निरीक्षण किया। यह प्रणाली इन्फ्रारेड किरणों के बाधित होते ही जवानों को पूर्व चेतावनी दे देती है। अमित शाह ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर नागरिकों और किसानों की सुरक्षित एवं सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए विकसित 'गेट प्रबंधन प्रणाली' की भी समीक्षा की।''
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार देश की सीमाओं को अभेद्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा, ''मोदी सरकार सीमाओं को और मजबूत बनाने के लिए चतुर्भुज सुरक्षा ग्रिड स्थापित कर रही है।'' उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सुरक्षा बलों के जवानों और उनके परिवारों का कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है।
शाह ने कहा, ''हम 'स्मार्ट बॉर्डर' की अवधारणा को लागू करके राष्ट्रीय सीमाओं को पूरी तरह सुरक्षित बनाने और घुसपैठ रोकने की दिशा में काम कर रहे हैं।''
शाह का यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब 'चिकन नेक' कहलाने वाले सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। 17 से 22 किलोमीटर चौड़ी यह भूमि पट्टी मुख्य भूमि भारत को पूर्वोत्तर के आठ राज्यों से जोड़ने वाला एकमात्र स्थलीय संपर्क मार्ग है और सीमा सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
यह कॉरिडोर उत्तर में नेपाल, दक्षिण में बांग्लादेश और उत्तर-पूर्व में भूटान की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के बीच स्थित है।
हाल में राज्य की नवनिर्वाचित शुभेंदु अधिकारी सरकार ने इस क्षेत्र में सीमा बाड़बंदी के लिए 120 एकड़ भूमि बीएसएफ को हस्तांतरित की थी। साथ ही, पहले राज्य के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के राष्ट्रीय राजमार्ग प्रकोष्ठ के अधीन आने वाले इस क्षेत्र के सात महत्वपूर्ण राजमार्गों का प्रबंधन केंद्र सरकार को सौंप दिया था।
बाद में शाह ने सचिवालय की उत्तर बंगाल शाखा 'उत्तर कन्या' में राज्य सरकार के अधिकारियों और केंद्रीय सुरक्षा बलों के बीच सीमा प्रबंधन तथा अन्य प्रशासनिक मुद्दों पर समन्वय बैठकों की अध्यक्षता की। इन बैठकों में पश्चिम बंगाल में नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन और जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई।
सूत्रों के अनुसार, शाह ने घुसपैठ पर रोक लगाने के लिए निर्धारित समयसीमा के भीतर सीमा पर बाड़ लगाने का कार्य पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अशांत क्षेत्रों में तीन-स्तरीय बाड़ स्थापित की जाए और आवश्यकता पड़ने पर इस कार्य के लिए आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जाए।
सूत्रों ने बताया कि गृह मंत्री ने क्षेत्र की भूराजनैतिक संवेदनशीलता को देखते हुए 'चिकन नेक' (सिलीगुड़ी कॉरिडोर) की सुरक्षा व्यवस्था के विभिन्न पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा की।
शाह शनिवार शाम को कोलकाता पहुंचेंगे। वहां वह रविवार को कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के साथ-साथ राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता भी करेंगे।
भाषा अमित पवनेश
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1807 2232 सिलीगुड़ी