डकेट की शतकीय पारी से इंग्लैंड ने भारत को जीत के लिए दिया 388 रन का लक्ष्य
नमिता
- 19 Jul 2026, 07:51 PM
- Updated: 07:51 PM
लंदन, 19 जुलाई (भाषा) बेन डकेट की 141 रन की शानदार पारी और जैकब बेथेल के साथ पहले विकेट के लिए 192 रन की साझेदारी के बूते इंग्लैंड ने रविवार को निर्णायक तीसरे एकदिवसीय मैच में तीन विकेट पर 387 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।
तीन मैचों की यह श्रृंखला 1-1 की बराबरी पर है।
शतकवीर डकेट ने अनुभवहीन भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की जमकर धुनाई की और मैच पर पूरी तरह इंग्लैंड की पकड़ मजबूत कर दी।
भारत को मैच से पहले ही बड़ा झटका लगा, जब तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह बाएं घुटने में लगी चोट के कारण मुकाबले से बाहर हो गए। उनकी अनुपस्थिति भारतीय टीम को भारी पड़ी और इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने इसका पूरा फायदा उठाया।
इस मैच में खेल रहे भारत के चार तेज गेंदबाजों प्रसिद्ध कृष्णा (10 ओवर में 69 रन देकर दो विकेट), अर्शदीप सिंह (10 ओवर में 72 रन), प्रिंस यादव (10 ओवर में 79 रन देकर एक विकेट) और गुरनूर बराड़ (10 ओवर में 97 रन) के संयुक्त खाते में महज 51 एकदिवसीय मैचों का अनुभव था। अनुभव और धार की कमी के कारण वे शानदार लय में बल्लेबाजी कर रही इंग्लैंड की टीम पर दबाव बनाने में नाकाम रहे।
डकेट और बेथेल (93 गेंदों में 91 रन) ने अपनी योजना और शानदार बल्लेबाजी से भारतीय गेंदबाजों को पूरी तरह बेअसर कर दिया। शुरुआती 10 ओवर के पावरप्ले में इंग्लैंड ने 58 रन बनाए, लेकिन 11वें से 30वें ओवर के बीच दोनों बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों की जमकर खबर ली और तेजी से रन बटोरे।
दोनों की 192 रन की साझेदारी भारत के खिलाफ किसी भी विकेट के लिए इंग्लैंड की सर्वश्रेष्ठ साझेदारी बन गयी। डकेट ने इसके साथ ही ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर वनडे की सबसे बड़ी पारी के दिग्गज विवियन रिचर्ड्स (इंग्लैंड के खिलाफ 1979 में नाबाद 138 रन) के 47 साल पुराने रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया।
भारत को अक्षर पटेल (10 ओवर में 61 रन) के अलावा दूसरे विशेषज्ञ स्पिनर की कमी खली, ऐसे में कुलदीप यादव को मौका नहीं देने पर सवाल उठ रहे हैं।
डकेट ने अपनी शानदार पारी में 18 चौके और एक छक्का लगाया, जबकि शुरुआत में अधिक सहज दिख रहे बेथेल ने 11 चौके और एक छक्का जड़ा। वह हालांकि प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद पर बाउंड्री के पास रोहित शर्मा को कैच देकर शतक से चूक गए।
इसके बाद शानदार लय में चल रहे जो रूट ने 48 गेंदों में नाबाद 74 रन बनाए। यह इस श्रृंखला में उनका लगातार तीसरा अर्धशतक था, जिसकी मदद से इंग्लैंड का स्कोर 350 के पार पहुंचा। अंत में जोस बटलर ने भी सिर्फ 13 गेंदों में नाबाद 41 रन की विस्फोटक पारी खेली।
गुरनूर बराड़ के लिए यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का कठिन अनुभव साबित हुआ और उन्होंने अपने 10 ओवर में लगभग 100 रन लुटा दिए।
पारी की शुरुआत में युवा तेज गेंदबाज प्रिंस यादव को लॉर्ड्स के प्रसिद्ध ढलान (स्लोप) पर अपनी लेंथ नियंत्रित करने में दिक्कत हुई। बेथेल ने उनकी गेंद पर डीप मिडविकेट के ऊपर से छक्का लगाया और फिर मिडविकेट और मिड-ऑन के बीच शानदार चौका भी जड़ा।
लंबे समय बाद इस प्रारूप में वापसी कर रहे अर्शदीप सिंह भी अपनी लाइन पर नियंत्रण नहीं रख सके, जबकि प्रसिद्ध कृष्णा ने कई बार बेथेल को परेशान किया, लेकिन बीच-बीच में ढीली गेंदें भी फेंकीं, जिनका बल्लेबाजों ने पूरा फायदा उठाया।
बेथेल ने केवल 51 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और इंग्लैंड ने 16वें ओवर में ही 100 रन पूरे कर लिए। तब तक भारतीय गेंदबाज 15 चौके खा चुके थे और उनकी लाइन-लेंथ इतनी खराब रही कि दोनों सलामी बल्लेबाज आसानी से लय में आ गए। पूरी पारी में भारतीय गेंदबाजों ने 42 चौके और छह छक्के खाए।
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आनन्द आनन्द नमिता
नमिता
1907 1951 लंदन