वांगचुक की हालत स्थिर, आवश्यक उपचार दिया जा रहा है : सफदरजंग अस्पताल
दिलीप
- 19 Jul 2026, 09:45 PM
- Updated: 09:45 PM
नयी दिल्ली, 19 जुलाई (भाषा) सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की हालत स्थिर है, लेकिन लंबे समय से जारी अनशन के कारण शरीर पर पड़े प्रभावों को देखते हुए उन्हें 24 घंटे चिकित्सकीय देखरेख और लगातार निगरानी की आवश्यकता है। सफदरजंग अस्पताल के अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज (वीएमएमसी) और सफदरजंग अस्पताल द्वारा जारी स्वास्थ्य बुलेटिन में कहा गया कि वांगचुक के सभी महत्वपूर्ण शारीरिक मानक स्थिर हैं और उनके रक्त संबंधी मानकों में मामूली सुधार दर्ज किया गया है।
बुलेटिन में कहा गया है कि सफदरजंग अस्पताल और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के विशेषज्ञों की बहु-विषयक टीम वांगचुक के उपचार की निगरानी कर रही है।
बुलेटिन में कहा गया, ''वीएमएमसी-सफदरजंग अस्पताल और एम्स के चिकित्सकों की उपचार टीम का मानना है कि किसी भी संभावित जटिलता का समय रहते पता लगाने और उसका प्रभावी उपचार सुनिश्चित करने के लिए निरंतर चिकित्सकीय उपचार तथा चौबीसों घंटे नैदानिक निगरानी आवश्यक है।''
सफदरजंग अस्पताल द्वारा शाम सात बजे जारी स्वास्थ्य बुलेटिन में कहा गया, ''इसके अनुरूप उन्हें सभी आवश्यक चिकित्सीय देखभाल उपलब्ध कराई जा रही है और उनकी चिकित्सकीय स्थिति पर लगातार कड़ी निगरानी रखी जा रही है।''
वीएमएमसी एवं सफदरजंग सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. चारू बांबा ने सुबह संवाददाताओं से कहा कि कई दिनों से अनशन पर रहने के बावजूद वांगचुक सजग और सचेत हैं।
उन्होंने कहा, ''जैसा कि आप जानते हैं, उन्हें कल सुबह से हमारे यहां भर्ती कराया गया है। कल की तरह आज भी वह पूरी तरह सजग, होश में हैं और उनकी मानसिक स्थिति सामान्य है। रक्तचाप, नाड़ी की गति और ऑक्सीजन सांद्रता समेत उनके सभी महत्वपूर्ण शारीरिक मानक सामान्य हैं।''
हालांकि, लांबा ने कहा कि उनके रक्त से जुड़े कुछ मानक थोड़े असामान्य हैं। उन्होंने कहा, ''ये सामान्य सीमा से थोड़ा कम या अधिक हैं और हम जांच कर रहे हैं। हमारी टीम उन्हें लगातार उपचार उपलब्ध करा रही है।''
उन्होंने कहा, ''चूंकि वह कमजोर हैं और अभी भी अनशन जारी रखे हुए हैं, इसलिए उन्हें लगातार निगरानी और आगे चिकित्सकीय उपचार की आवश्यकता है।''
इससे पहले, वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख करते हुए वांगचुक को एक निजी अस्पताल में स्थानांतरित किए जाने का अनुरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल ने परिवार को पूरी चिकित्सकीय जानकारी उपलब्ध नहीं कराई।
भाषा आशीष दिलीप
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