तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के खिलाफ मानहानिकारक टिप्पणी के आरोप में द्रमुक विधायक गिरफ्तार
रंजन
- 21 Jul 2026, 12:57 AM
- Updated: 12:57 AM
तूतीकोरिन, 20 जुलाई (भाषा) तमिलनाडु में विपक्षी दल द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के नेता एवं विलाथिकुलम से विधायक जी. वी. मार्कंडेयन को मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के खिलाफ मानहानिकारक टिप्पणी करने के आरोप में सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया। द्रमुक अध्यक्ष एम. के. स्टालिन ने पुलिस की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की।
मार्कंडेयन पर मुख्यमंत्री विजय के खिलाफ कथित तौर पर "हम तुम्हारी हड्डियां तोड़ देंगे" जैसी टिप्पणी करने का आरोप है।
कई घंटे की पूछताछ के बाद पुलिस ने विधायक को स्थानीय अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
द्रमुक अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने "राजनीतिक आलोचना" के लिए की गई पुलिस कार्रवाई की निंदा की और इसके परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।
उन्होंने सवाल किया, "क्या यह तमिलनाडु में कानून का शासन है या फिर राक्षसी शासन?"
विलाथिकुलम विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले मार्कंडेयन को पुलिस की एक टीम ने उनके घर से हिरासत में लिया। इस दौरान उनके समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस की कार्रवाई की निंदा करते हुए नारे लगाए।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को धमकी देने वाले उनके विवादित भाषण को लेकर सत्ताधारी तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के एक पदाधिकारी की शिकायत के बाद यह गिरफ्तारी हुई।
अधिकारी ने बताया कि टीवीके पदाधिकारी पी. काशीराम की शिकायत पर पुलिस ने मार्कंडेयन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत आपराधिक धमकी देने, सार्वजनिक शांति भंग करने के उद्देश्य से जानबूझकर अपमान करने और झूठी सूचना फैलाने के आरोपों में मामला दर्ज किया है।
काशीराम ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि 18 जुलाई को जिले के कोविलपट्टी में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए मार्कंडेयन ने मुख्यमंत्री के खिलाफ धमकी भरी अपमानजनक टिप्पणियां की थीं।
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में मार्कंडेयन यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि विधानसभा अध्यक्ष की अनुमति के बिना उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जा सकता, क्योंकि वह एक विधायक हैं। हालांकि, पुलिस उन्हें समझाकर थाने ले गई। इस दौरान उनके समर्थक आवास के बाहर प्रदर्शन करते रहे।
मार्कंडेयन ने विजय की हालिया टिप्पणी का जिक्र करते हुए उनकी आलोचना की थी, जिसमें मुख्यमंत्री ने द्रमुक अध्यक्ष स्टालिन पर निशाना साधा था और कहा था कि विपक्षी सदस्यों को सदन की कार्यवाही सुनने और सदन से बाहर नहीं जाने देने के लिए विधानसभा कक्ष को बंद करना पड़ सकता है।
मार्कंडेयन ने 18 जुलाई को कोविलपट्टी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कथित तौर पर कहा था, "वह (मुख्यमंत्री विजय) कहते हैं कि वह विधानसभा कक्ष को बंद कर देंगे। अगर इसे बंद किया गया तो आपके (विजय के) पास हड्डियां नहीं बचेंगी। आपको तभी बाहर जाने दिया जाएगा जब आपकी हड्डियां तोड़ दी जाएंगी।"
गिरफ्तारी के बाद विधायक ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके साथ मारपीट करने की कोशिश की और उनकी जान को खतरा है।
यह दूसरी बार है जब तूतीकोरिन जिले से द्रमुक के किसी विधायक को गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले, तीन जुलाई को जिले की तिरुचेंदूर विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले पूर्व राज्य मंत्री अनिता आर. राधाकृष्णन को भी मुख्यमंत्री विजय के खिलाफ मानहानिकारक टिप्पणी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
स्टालिन ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, "हाल ही में अदालत ने मानहानि के मामलों में भी असंबंधित आपराधिक धाराएं जोड़ने को लेकर सरकार को फटकार लगाई थी।"
उन्होंने आरोप लगाया कि गिरफ्तार विधायक को अपने वकील और समर्थकों से मिलने नहीं दिया गया।
उन्होंने कहा, "जो लोग उनके (मार्कंडेयन) लिए दवाइयां लेकर गए, उन्हें भी रोका गया। गिरफ्तार व्यक्ति के बुनियादी कानूनी और मानवीय अधिकारों से भी इनकार किया गया। तमिलनाडु में जो हो रहा है, वह कानून का शासन है या शैतान का शासन?"
स्टालिन ने कहा कि पुलिस का काम सरकार को खुश करना नहीं है। उन्होंने आगाह किया कि उसे कानून और अपनी अंतरात्मा के अनुसार काम करना चाहिए, ऐसा नहीं करने पर उसे "परिणाम भुगतने पड़ेंगे।"
द्रमुक सांसद कनिमोई ने भी राज्य सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि वह आलोचना सहन नहीं कर पाने के कारण द्रमुक विधायकों को गिरफ्तार कर रही है। उन्होंने मार्कंडेयन की तत्काल रिहाई की मांग की।
भाषा
राखी रंजन
रंजन
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