मानसून सत्र से पहले प्रधानमंत्री ने फिर से घिसी-पिटी बातें कीं: कांग्रेस
वैभव
- 20 Jul 2026, 01:14 PM
- Updated: 01:14 PM
नयी दिल्ली, 20 जुलाई (भाषा) कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संसद के मानसून सत्र की शुरुआत एक बार फिर अपनी ''घिसी-पिटी बातों'' से की और राम मंदिर में ''चंदा चोरी'', नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक तथा विपक्षी दलों को तोड़ने के लिए अपनाए जा रहे हथकंडों जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों का उल्लेख तक नहीं किया।
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री ने सरकार द्वारा लोकतंत्र और संविधान के संघीय ढांचे को कमजोर करने के जारी प्रयासों का भी जिक्र नहीं किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने संसद के मानसून सत्र से पहले संवाददाताओं को संबोधित करते हुए सोमवार को कहा कि यदि सदन में चर्चा तर्क और तथ्यों के आधार पर होगी तो न तो हंगामे की जरूरत पड़ेगी और न ही ऊंची आवाज में बोलने की आवश्यकता होगी।
उन्होंने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के भारत पर पड़े प्रभाव और देश के तेजी से विकसित हो रहे अंतरिक्ष क्षेत्र का भी उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए रमेश ने कहा कि मोदी ने मानसून सत्र की शुरुआत ''अपनी घिसी-पिटी बातों'' से की।
उन्होंने कहा, ''प्रधानमंत्री जिन मुद्दों का उल्लेख करने में विफल रहे, उन्हें विपक्ष उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रमुख मुद्दा अयोध्या में राम मंदिर में आरएसएस-भाजपा तंत्र के सदस्यों द्वारा की गई भारी 'चंदा चोरी, आस्था के साथ धोखा' है, जिसने देश की अंतरात्मा को झकझोर दिया है। नीट-यूजी 2026 प्रश्नपत्र लीक और सीबीएसई 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं की विफलता भी मुद्दा है।''
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने विपक्षी दलों को तोड़ने के लिए अपनाए जा रहे हथकंडों और वित्तीय प्रलोभनों का भी जिक्र नहीं किया।
उन्होंने सड़क परिवहन मंत्री, कृषि राज्य मंत्री, पर्यावरण मंत्रालय तथा अरुणाचल प्रदेश और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्रियों से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और हितों के टकराव के आरोपों का भी उल्लेख किया।
रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने लोकतंत्र और संविधान के संघीय ढांचे को कमजोर करने के सरकार के जारी उन प्रयासों का भी जिक्र नहीं किया, जिनमें ''समझौता वाली परिसीमन की प्रक्रिया'', एक राष्ट्र-एक चुनाव का दिखावा और असंवैधानिक 'विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक' शामिल हैं।
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2007 1314 दिल्ली