यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी ने आत्महत्या का प्रयास किया
नेत्रपाल
- 20 Jul 2026, 09:43 PM
- Updated: 09:43 PM
हैदराबाद, 20 जुलाई (भाषा) सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण हासिल कर रहे एक आईपीएस अधिकारी ने कथित तौर पर आत्महत्या का प्रयास किया, जिसके बाद उसे सोमवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी।
भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के प्रशिक्षु अधिकारी पर अकादमी की एक महिला प्रशिक्षु अधिकारी का कथित तौर पर पीछा करने और उसका यौन उत्पीड़न करने का मामला दर्ज है।
पुलिस ने बताया कि आत्महत्या के प्रयास की घटना आरोपी अधिकारी के शहर में स्थित फ्लैट में हुई।
सूत्रों ने कहा, ''उसने आत्महत्या का प्रयास किया। उसने क्या खाया या पिया था, इस बारे में अभी पता नहीं चल सका है। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसकी हालत स्थिर है।'' उन्होंने बताया कि घटनास्थल से एक हस्तलिखित नोट भी मिला है, जिसकी जांच की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, मामला दर्ज होने के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में प्रशिक्षु अधिकारी के खिलाफ आंतरिक जांच भी शुरू कर दी गई है।
आरोपी प्रशिक्षु अधिकारी का उपचार कर रहे एक चिकित्सक ने बताया कि उसे अचेत हालत में सुबह करीब साढ़े नौ बजे उसके भाई और दोस्त अस्पताल लेकर आए। उन्होंने उक्त अधिकारी के कुछ नुकसानदेह पदार्थ खाने का संदेह जताया।
चिकित्सक ने बताया कि पेट की सफाई की गई और कुछ भी ''असामान्य'' नहीं पाया गया।
चिकित्सक ने मीडियाकर्मियों को बताया कि रक्त और पेशाब के नमूने जांच के लिए भेजे गए तथा उनके जरूरी स्वास्थ्य मानक स्थिर थे।
उन्होंने बताया कि हालांकि अस्पताल लाए जाने के दौरान वह अचेत अवस्था में था, लेकिन अब उसे कुछ सुस्ती महसूस हो रही है। उन्होंने बताया कि पूरी तरह होश में आने और मेडिकल जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही वास्तविकता का पता चल पाएगा।
चिकित्सक ने आरोपी प्रशिक्षु अधिकारी के भाई के हवाले से बताया कि उसके बिस्तर के पास शराब और सैनिटाइजर की बोतलें मिली थीं।
पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत में 30 वर्षीय महिला प्रशिक्षु अधिकारी ने अपने साथ प्रशिक्षण हासिल कर रहे उक्त आईपीएस अधिकारी पर 23 जून से 'मैसेजिंग ऐप' के जरिए आपत्तिजनक संदेश भेजकर परेशान करने और अकादमी में उसके (महिला प्रशिक्षु अधिकारी के) मित्रों के सामने उसके बारे में अपमानजनक टिप्पणियां करने का आरोप लगाया था।
शिकायतकर्ता के अनुसार, प्रशिक्षु (पुरुष) अधिकारी ने उसका किसी अन्य प्रशिक्षु अधिकारी के साथ यौन संबंध होने का झूठा आरोप लगाया और अपशब्दों का इस्तेमाल किया। शिकायतकर्ता ने यह भी दावा किया कि आरोपी ने उस पर ऐसे कथित संबंध को स्वीकार करने का दबाव डाला।
शिकायतकर्ता ने बताया कि 9 जुलाई को उक्त अधिकारी ने उसे गलत तरीके से रोका और जबरदस्ती अपने कमरे में ले गया। प्रशिक्षु महिला अधिकारी ने आरोप लगाया कि उसने उसके बाल पकड़ लिए, गला घोंटने की कोशिश की, उसकी गर्दन पर चाकू रखा और कमरे से बाहर नहीं निकलने दिया।
उसने दावा किया कि 10 जुलाई को प्रशिक्षु (पुरुष) अधिकारी ने उसके साथ मारपीट की।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उक्त अधिकारी ने उसकी जानकारी या सहमति के बिना उसका एक निजी वीडियो रिकॉर्ड किया और उसे ब्लैकमेल करने के इरादे से उसके पति को भेज दिया।
पुलिस ने बताया कि शिकायत के आधार पर, 18 जुलाई को अट्टापुर थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। इसमें महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से हमला या आपराधिक बल प्रयोग करना, यौन उत्पीड़न तथा महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से इशारा करना और पीछा करना जैसे आरोप शामिल हैं।
प्रशिक्षु (पुरुष) अधिकारी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा था कि उसके खिलाफ शिकायतें और अफवाह बेबुनियाद और झूठी हैं।
उसने कहा, ''मुझे कानूनी प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है और मुझे यकीन है कि न्याय होगा।''
इस बीच, सोमवार को पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि जांच के तहत, आरोपी प्रशिक्षु अधिकारी को इस मामले में पेश होने के लिए नोटिस जारी किया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक, मामला दर्ज होने के बाद प्रशिक्षु (पुरुष) आईपीएस अधिकारी अकादमी से चला गया, जो पूर्व में आंध्र प्रदेश में कॉन्स्टेबल रह चुका है।
भाषा सुभाष नेत्रपाल
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