पूर्ण राज्य के दर्जे की मांग को लेकर नेकां का प्रदर्शन : उमर ने ऑटो की सवारी की
नरेश
- 20 Jul 2026, 08:25 PM
- Updated: 08:25 PM
(तस्वीरों के साथ)
नयी दिल्ली, 20 जुलाई (भाषा) जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर नेशनल कांफ्रेंस की ओर से जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने से रोके जाने के बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को पृथ्वीराज मार्ग तक जाने के लिए ऑटो रिक्शा करना पड़ा।
जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा तत्काल बहाल करने की मांग को लेकर संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन प्रदर्शन के लिए नेशनल कांफ्रेंस (नेकां)के नेता और कार्यकर्ता सोमवार को दिल्ली में जमा हुए। इस प्रदर्शन का नेतृत्व पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला ने किया।
उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर अपनी ऑटो-रिक्शा की सवारी का वीडियो साझा करते हुए लिखा,''जंतर-मंतर से मेरी पैदल यात्रा एक और जुलूस में बदलने वाली थी, इसलिए हमने जो भी परिवहन का साधन मिला, उसी का इस्तेमाल किया।'' वीडियो में उनके बेटे जमीर और जहीर भी दिखाई दे रहे हैं।
वीडियो में दिख रहा है कि 'जेड प्लस' श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त मुख्यमंत्री उमर के साथ चल रहे सुरक्षाकर्मियों के लिए उनके साथ बने रहना मुश्किल हो रहा था। उनमें से कुछ दोपहिया वाहनों पर सवार हो गए, जबकि कुछ ऑटो-रिक्शा में बैठ गए।
पृथ्वीराज रोड पहुँचने के बाद, उमर अब्दुल्ला ने ऑटो-रिक्शा चालक को 500 रुपये दिए।
नेकां को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के 'चलो संसद' मार्च में शामिल होने के लिए हजारों की भीड़ पहले से जमा होने की वजह से नहीं दी गई। इसके बाद नेकां ने अपना विरोध प्रदर्शन नजदीक के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में करने का फैसला किया।
हालांकि, उमर अब्दुल्ला को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब जाने से रोका गया और वह अपने समर्थकों के साथ अशोक रोड पर ही धरने पर बैठ गए।
उमर अब्दुल्ला ने बाद में 'एक्स' पर एक अन्य पोस्ट में कहा,'' हमें जंतर-मंतर जाने और अपने जायज हक के लिए शांतिपूर्ण ढंग से विरोध करने से रोका गया, लेकिन हमारी आवाज नहीं दबाई गई। यह तो बस राज्य का दर्जा, हमारे अधिकार, हमारी गरिमा और हमसे छीनी गई हर चीज को वापस पाने के हमारे संघर्ष की शुरुआत है।''
उमर अब्दुल्ला शुक्रवार को अपने पिता फारूक अब्दुल्ला के साथ राष्ट्रीय राजधानी पहुँचे थे, लेकिन पूंछ-राजौरी इलाके में आई अचानक बाढ़ के बाद उन्हें अपना दौरा छोटा करना पड़ा और रविवार को जम्मू जाकर एक आपातकालीन उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करनी पड़ी। वह सोमवार तड़के दिल्ली आए थे ताकि पार्टी के विरोध-प्रदर्शन में शामिल हो सकें।
विरोध प्रदर्शन की शुरुआत पृथ्वीराज रोड स्थित जम्मू और कश्मीर हाउस से हुई जिसमें नेकां नेता, कार्यकर्ता और गठबंधन सहयोगी ''अपना वादा पूरा करो'' और ''पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करो'' लिखे हुए बैनर लेकर जमा हुए। प्रदर्शनकारियों ने ''मोदी का वादा, क्यों रहा आधा?'' जैसे नारे भी लगाए।
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि इस विरोध प्रदर्शन का उद्देश्य केंद्र सरकार को उन स्पष्ट वादों के लिए जवाबदेह ठहराना था, जो उसने संसद के दोनों सदनों और उच्चतम न्यायालय के सामने जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने के बारे में किए थे।
भाषा धीरज नरेश
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