प्रीमियम फोन की मांग बढ़ने से घरेलू मोबाइल विनिर्माण को मिलेगी तेजीः आईटी सचिव
अजय
- 20 Jul 2026, 08:32 PM
- Updated: 08:32 PM
नयी दिल्ली, 20 जुलाई (भाषा) इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सचिव एस. कृष्णन ने सोमवार को कहा कि प्रीमियम स्मार्टफोन की बढ़ती मांग देश में मोबाइल फोन के उत्पादन और निर्यात को गति देगी जो कि 'उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन' (पीएलआई) योजना के लक्ष्यों के अनुरूप होगा।
कृष्णन ने पीटीआई-भाषा के साथ बातचीत में कहा कि आने वाले समय में 'प्रीमियम' मोबाइल फोन की तरफ रुझान बढ़ेगा, जिससे न केवल उच्च श्रेणी के फोन की मांग बढ़ेगी बल्कि इनके निर्यात में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
उद्योग विशेषज्ञों द्वारा मोबाइल फोन की बिक्री मात्रा में गिरावट की आशंका जताने के बावजूद सरकार ने 62,500 करोड़ रुपये की 'मोबाइल फोन विनिर्माण योजना' (एमपीएमएस) के तहत घरेलू स्मार्टफोन उत्पादन को लगभग 11.5 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 39 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही, पीएलआई योजना के तहत निर्यात को 7.5 लाख करोड़ रुपये से दोगुना कर 15 लाख करोड़ रुपये करने का अनुमान है।
कृष्णन ने कहा कि भारत में उत्पादन केवल मूल्य के आधार पर ही नहीं, बल्कि विनिर्माण के वैश्विक केंद्रों में बदलाव के कारण मात्रा के लिहाज से भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि कई कंपनियां अपने उत्पादन ठिकानों में बदलाव कर सकती हैं, जिससे भारत को लाभ होगा।
वर्तमान में एप्पल, सैमसंग, वीवो, ओप्पो और गूगल जैसे प्रमुख ब्रांड भारत में मोबाइल फोन का निर्माण कर रहे हैं।
सरकार इस योजना के तहत एक घरेलू मोबाइल ब्रांड विकसित करने पर भी काम कर रही है और कंपनियों के अनुसंधान एवं विकास कार्यक्रमों पर तीन प्रतिशत तक प्रोत्साहन दे रही है।
कृष्णन ने कहा कि मोबाइल विनिर्माण पारिस्थितिकी को भारत में गहरी जड़ें जमाने की जरूरत है, ताकि भविष्य में उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण को भी बढ़ावा मिल सके।
इसके अलावा, सरकार ने 1.27 लाख करोड़ रुपये की 'सेमीकॉन 2.0' योजना की घोषणा की है, जिसके तहत घरेलू कंपनियों द्वारा उन्नत चिप डिजाइन को बढ़ावा देकर इस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2030-31 तक भारत में चिप का कुल बाजार लगभग 100 अरब डॉलर का हो सकता है, जिसमें से 8-10 प्रतिशत मांग को देश में ही पूरा करने का लक्ष्य है।
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2007 2032 दिल्ली