प्रारंभिक जांच में प. बंगाल ट्रेन-स्कूल वाहन टक्कर के पीछे गेटमैन की संभावित चूक का संकेत
धीरज
- 21 Jul 2026, 08:21 PM
- Updated: 08:21 PM
(जीवन प्रकाश)
नयी दिल्ली, 21 जुलाई (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में हाल में एक यात्री ट्रेन और टाटा सूमो के बीच हुई टक्कर की प्रारंभिक जांच में ड्यूटी पर तैनात गेटमैन की ओर से संभावित चूक की बात सामने आई है।
सत्रह जुलाई को हुई इस घटना में एक स्कूल वाहन की निमतिता-कटवा यात्री ट्रेन से टक्कर हो गई थी, जो कथित तौर पर खुले रेल फाटक से पटरी पर आ गया था। इस हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें चार बच्चे शामिल थे।
हालांकि, रेलवे के छह अधिकारियों द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट नहीं हो सका कि घटना के समय रेलवे फाटक खुला था या बंद, क्योंकि उपलब्ध साक्ष्यों के अलग-अलग संस्करण सामने आए हैं।
प्रारंभिक निष्कर्षों के आधार पर तैयार एक संयुक्त नोट में एक जगह कहा गया है कि दुर्घटना के समय रेलवे फाटक खुला हुआ था, जबकि दूसरे हिस्से में उल्लेख है कि वह यातायात के लिए बंद था।
घटना के तुरंत बाद रेलवे फाटक पर तैनात गेटमैन को गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि ड्यूटी में कथित लापरवाही के आरोप में रेलवे के एक स्थायी पथ निरीक्षक को निलंबित कर दिया गया था।
पूर्व रेलवे ने दुर्घटना के कारणों का निर्णायक रूप से पता लगाने के लिए 10 सदस्यीय एक टीम का गठन किया है।
संयुक्त नोट के अनुसार, यह घटना सुबह करीब 6:40 बजे पूर्व रेलवे के हावड़ा मंडल के कर्णसुबर्ण और खग्राघाट रोड स्टेशन के बीच हुई। इसके अनुसार उस दौरान टाटा सूमो की ट्रेन संख्या 53054 (निमतिता-कटवा पैसेंजर) से रेलवे फाटक पर टक्कर हो गई।
रिपोर्ट में कहा गया है कि आरोपी गेटकीपर की ड्यूटी का समय शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक था। इसमें कहा गया है कि चूंकि घटना सुबह करीब 6:40 बजे हुई, इसलिए यह जांच का विषय है कि उस समय गेटकीपर की ड्यूटी कौन निभा रहा था।
रिपोर्ट में मृतकों की संख्या का उल्लेख नहीं किया गया है, लेकिन इसमें कहा गया है कि टाटा सूमो रेलवे क्रॉसिंग से करीब 15 मीटर दूर मिली थी।
घटना वाले दिन अधिकारियों ने बताया था कि टक्कर में चार स्कूली छात्रों और एक साइकिल सवार की मौत हुई थी।
इसमें यह भी बताया गया कि रेलवे फाटक रेलवे सिग्नल प्रणाली से इलेक्ट्रिक रूप से जुड़ा हुआ नहीं था और इसे खोलने-बंद करने के लिए एक गेटमैन तैनात था।
प्रारंभिक जांच करने वाले अधिकारियों ने कहा कि शाम छह बजे से सुबह 06:00 बजे तक ड्यूटी पर रहे गेटकीपर अनूप कर्मकार ने अपना पुनश्चर्या प्रशिक्षण पूरा किया था और उसके पास वैध दक्षता प्रमाणपत्र था।
इसके अनुसार स्टेशन मास्टर और गेटमैन के बीच हुई बातचीत के आधार पर एक महत्वपूर्ण निष्कर्ष सामने आया है। इसके अनुसार, गेटमैन ने ट्रेन संख्या 53054 (डाउन) के लिए सुबह 6:27 बजे और ट्रेन संख्या 13431 (अप) के लिए सुबह 6:28 बजे फाटक बंद किया था।
संयुक्त रिपोर्ट में लोको पायलट और सहायक लोको पायलट (एएलपी) के बयान भी दर्ज किए गए हैं। दोनों ने कहा कि पटरी पर मोड़ होने के कारण वे टाटा सूमो को पर्याप्त दूरी से नहीं देख पाए और आपातकालीन ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोकने का पर्याप्त समय नहीं मिला।
इसके अनुसार, ''चालक दल ने मोड़ के बाद अचानक पटरी पर एक वाहन को देखा। एएलपी ने आपातकालीन ब्रेक लगाया और हॉर्न बजाया, लेकिन वाहन नहीं हटा और ट्रेन उससे टकराने के बाद रुकी।''
घटना वाले दिन रेल मंत्रालय ने एक प्रेस बयान में कहा था, ''ट्रेन संख्या 13431 के अप दिशा में गुजरने के बाद फाटक खोल दिया गया था और स्कूल वाहन पटरी वाले हिस्से पर पहुंच गया, जहां वह आ रही निमतिता-कटवा पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आ गया।'' मंत्रालय ने गेटकीपर की ओर से हुई चूक की बात भी स्वीकार की थी।
भाषा अमित धीरज
धीरज
2107 2021 दिल्ली