मप्र: छात्रों पर पुलिस कार्रवाई, कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिये जाने के विरुद्ध विस में हंगामा
सुरेश
- 22 Jul 2026, 03:40 PM
- Updated: 03:40 PM
भोपाल, 22 जुलाई (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर आंदोलनरत छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित कांग्रेस के अन्य नेताओं को हिरासत में लिये जाने जैसे मुद्दों पर मध्यप्रदेश विधानसभा में चर्चा कराए जाने की मांग खारिज होने के बाद विपक्षी सदस्यों ने बुधवार को जोरदार हंगामा किया, जिसकी वजह से सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए बाधित हुई।
मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कार्य स्थगन प्रस्ताव के तहत नोटिस देकर इन विषयों पर सदन में तत्काल चर्चा आरंभ करने की मांग की, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने नियमों का हवाला देते हुए इसे अस्वीकार कर दिया।
इसके बाद विपक्षी सदस्यों ने आसंदी के निकट आकर हंगामा और नारेबाजी शुरू कर दी। तोमर ने विपक्षी सदस्यों से अपनी-अपनी सीट पर लौट जाने का बार-बार अनुरोध किया और जब उनकी एक ना सुनी गई तो उन्होंने सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी।
इससे पहले, तोमर ने कहा कि विपक्षी सदस्य जिन मुद्दों पर चर्चा कराने की मांग कर रहे हैं वह राज्य के बाहर की घटनाएं हैं और ये मध्यप्रदेश सरकार के क्षेत्राधिकार से बाहर का मुद्दा है।
लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि इन विषयों पर विधानसभा में चर्चा नहीं कराई जा सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि सिर्फ सुखियों में बने रहने के लिए कांग्रेस सदस्य इन मुद्दों को उठाना चाह रहे हैं।
सिंघार ने कहा कि नीट परीक्षा में मध्यप्रदेश के सवा लाख बच्चे शामिल हुए थे और पेपर लीक की घटनाओं के मद्देनजर आत्महत्या करने वालों में भी राज्य के कई बच्चे शामिल थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ बच्चे दिल्ली में आंदोलन कर रहे हैं, वहीं राज्य सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री उन्हें 'कॉकरोच और कीड़ा' कहकर उनका अपमान कर रहे हैं।
खेल एवं युवा मामलों के मंत्री विश्वास सारंग ने सिंघार के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार के किसी भी मंत्री ने इस प्रकार की बात नहीं की है।
छात्रों की पिटाई और कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिये जाने के विरोध में पार्टी विधायक बांहों पर काली पट्टी बांधकर सदन पहुंचे थे।
सदन की कार्यवाही आरंभ होने से पहले उन्होंने विधानसभा परिसर में प्रदर्शन भी किया, जहां सिंघार ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि दिल्ली में अपने भविष्य की लड़ाई लड़ रहे छात्रों पर लाठीचार्ज हुआ और विधानसभा में इस पर चर्चा की मांग की गई, लेकिन भाजपा सरकार जवाब देने से बचती रही।
उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक, भर्ती घोटाले, बेरोज़गारी और छात्रों पर अत्याचार, यही भाजपा सरकार की युवा नीति बन गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि युवा जवाब मांग रहे हैं, लेकिन सरकार सिर्फ़ अहंकार दिखा रही है।
भाषा दिमो ब्रजेन्द्र सुरेश
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