समुद्री परियोजनाओं के पहले चरण में केरल को 10,000 करोड़ के निवेश की उम्मीद: मुख्यमंत्री
अजय
- 22 Jul 2026, 07:21 PM
- Updated: 07:21 PM
कोच्चि, 22 जुलाई (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने बुधवार को कहा कि राज्य को अपनी 'मिशन समुद्र' पहल के तहत योजनाबद्ध विभिन्न समुद्री क्षेत्र की परियोजनाओं के पहले चरण में लगभग 10,000 करोड़ रुपये का निवेश मिलने की उम्मीद है। साथ ही, उन्होंने उन मीडिया खबरों को खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि उन्होंने टाटा समूह के साथ बातचीत करने से इनकार किया था।
केरल में टाटा समूह के प्रस्तावित जहाज निर्माण उद्यम पर अपनी हालिया टिप्पणियों को लेकर हुए विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कंपनी के प्रतिनिधियों ने उनसे मुलाकात की थी और राज्य में उनके प्रस्तावित निवेश से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की थी।
यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मीडिया ने खबर दी थी कि उन्होंने टाटा समूह से बात नहीं की है, लेकिन बाद में बैठक की तस्वीरें सामने आईं।
सतीशन ने कहा कि कंपनी की प्रस्तावित जहाज निर्माण परियोजना से संबंधित कुछ मुद्दे, जिनमें मालाबार सीमेंट्स और कोचीन पोर्ट शामिल थे, लंबित थे।
उन्होंने कहा, ''सरकार ने उन मुद्दों को सुलझा लिया है और कंपनी के प्रतिनिधियों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। हमने टाटा समूह से केरल में और अधिक निवेश लाने का आग्रह किया है।''
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने राज्य के उद्योग विभाग में कंटेनर फायर स्टेशन स्थापित करने से संबंधित अंतर-एजेंसी विवाद को 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया है।
उन्होंने कहा कि बंदरगाह क्षेत्र से संबंधित कई निवेश प्रस्तावों की भी जांच की जा रही है और उनके आर्थिक मॉडल का मूल्यांकन किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा, ''पहले चरण में ही, हमें इन पहल के तहत लगभग 10,000 करोड़ रुपये के निवेश की उम्मीद है।''
हाल ही में, सतीशन ने घोषणा की थी कि टाटा समूह केरल में अपना पहला जहाज निर्माण उद्यम स्थापित करेगा और राज्य में जहाज की मरम्मत और रखरखाव की सुविधाएं भी स्थापित की जाएंगी।
खबरों के अनुसार, समूह के एक प्रवक्ता ने स्पष्ट किया था कि ऐसी कोई परियोजना विचाराधीन नहीं थी। इस बात पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया, जिसके बाद राज्य सरकार ने साफ किया कि मुख्यमंत्री की टिप्पणी 'मिशन समुद्र' के तहत केरल के लंबे समय के समुद्री विकास के दृष्टिकोण को दिखाती है और इसका मतलब यह नहीं था कि टाटा ग्रुप के साथ निवेश का कोई नया प्रस्ताव पहले ही तय हो चुका है।
राज्य के उद्योग मंत्री पी.के. कुन्हालीकुट्टी ने भी साफ किया था कि उन्होंने और मुख्यमंत्री ने हाल ही में विधानसभा सत्र के दौरान टाटा ग्रुप के प्रतिनिधियों के साथ केरल में कंपनी की प्रस्तावित जहाज निर्माण परियोजना पर बातचीत की थी और बैठक की तस्वीरें भी जारी की थीं।
जब पत्रकारों ने राज्य में केंद्र की पीएम श्री योजना को लागू करने के बारे में सरकार को सौंपी जाने वाली मंत्री-स्तरीय उप-समिति की रिपोर्ट के बारे में पूछा, तो उन्होंने कहा कि इसे अभी सौंपा जाना बाकी है और इसके सौंपे जाने पर ही कोई फैसला लिया जाएगा।
भाषा राजेश राजेश अजय
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