असम से पिछले 10 सालों में वापस भेजे गये अवैध विदेशियों में 2000 से अधिक बांग्लोदशी थे
नरेश
- 22 Jul 2026, 07:24 PM
- Updated: 07:24 PM
गुवाहाटी, 22 जुलाई (भाषा) पिछले 10 सालों में असम से लगभग 2,100 अवैध विदेशियों को निकाला गया या उनके देश भेजा गया तथा इनमें से 2,023 लोग बांग्लादेश से थे। विधानसभा में बुधवार को यह जानकारी दी गयी।
असम समझौते के कार्यान्वयन मंत्री अतुल बोरा ने कहा कि बांग्लादेश के अलावा, जिन अन्य प्रमुख देशों में अवैध विदेशियों को वापस भेजा गया, वे म्यांमा और नाइजीरिया हैं।
कांग्रेस विधायक अब्दुर रहीम अहमद के एक सवाल का जवाब देते हुए मंत्री ने बताया कि 2016 से 30 जून, 2026 तक कुल 2,089 अवैध विदेशियों को राज्य से निकाला गया या उनके देश वापस भेजा गया।
इनमें से 2,023 लोगों को बांग्लादेश, 39 को म्यांमा और 18 को नाइजीरिया वापस भेजा गया। दो-दो लोगों को अफ़गानिस्तान, यूक्रेन और रूस वापस भेजा गया जबकि एक-एक व्यक्ति को पाकिस्तान, केन्या और युगांडा भेजा गया।
इस दौरान सबसे ज़्यादा 1,811 विदेशियों को 2025 में वापस भेजा गया। उनमें से नाइजीरिया के एक व्यक्ति को छोड़कर बाकी सभी बांग्लादेशी अवैध प्रवासी थे।
उन्होंने बताया कि इस साल 30 जून तक 263 घुसपैठियों को वापस भेजा जा चुका है – जो पिछले 10 सालों में दूसरी सबसे बड़ी संख्या है। इनमें से 261 लोग बांग्लादेश से और दो लोग रूस से थे।
'असमिया' व्यक्ति की परिभाषा के बारे में पूछे जाने पर मंत्री ने कहा, ''यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण और संवेदनशील मामला है। विभिन्न राष्ट्रवादी संगठनों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ बातचीत चल रही है।''
उन्होंने कहा कि सभी वर्गों की राय, न्यायमूर्ति(सेवानिवृत्त) बिप्लब कुमार शर्मा समिति की रिपोर्ट की सिफ़ारिशों एवं कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए सरकार सही समय पर फैसला करेगी।
गृह मंत्रालय ने 2019 में यह समिति बनाई थी। इसका काम असम समझौते की धारा छह को लागू करने के बारे में सुझाव देना था। यह समझौता 1985 में विदेशियों के खिलाफ हुए एक हिंसक आंदोलन के बाद किया गया था। तब इस आंदोलन में हज़ारों लोगों की जान चली गई थी।
यह प्रावधान मूल असमिया आबादी की सांस्कृतिक, सामाजिक और भाषाई पहचान की रक्षा के लिए संवैधानिक, विधायी और प्रशासनिक सुरक्षा उपाय देता है।
बोरा ने कहा कि सरकार सेवानिवृत न्यायाधीश की रिपोर्ट की सिफारिशों को लागू करने के लिए पहले ही कदम उठा चुकी है।
राइजोर दल के विधायक अखिल गोगोई के एक सवाल का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 31 मई 2026 तक राज्य में पहचाने गए 1,72,673 विदेशियों में से 1,11,414 मुस्लिम, 61,189 हिंदू हैं और बाकी ईसाई या अन्य धर्मों के मानने वाले हैं।
बोरा ने कहा कि अवैध बांग्लादेशियों को ''वापस भेजने'' का काम गृह मंत्रालय के दो मई, 2025 के पत्र में तय दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जा रहा है।
भाषा राजकुमार नरेश
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