बंगाल सरकार ने आंगनवाड़ी केंद्रों में नाश्ते में अंडे के लिए आवंटन में दो रुपये की वृद्धि की
अविनाश
- 22 Jul 2026, 10:23 PM
- Updated: 10:23 PM
कोलकाता, 22 जुलाई (भाषा) पश्चिम बंगाल मंत्रिमंडल ने आंगनवाड़ी केंद्रों में महिलाओं और बच्चों के लिए नाश्ते में अंडे और गर्म भोजन उपलब्ध कराने के लिए आवंटन प्रति प्लेट दो रुपये बढ़ाने की बुधवार को मंजूरी दी।
सरकार ने राज्य के सातवें वेतन आयोग का गठन भी किया। इस चार सदस्यीय आयोग के प्रमुख आर्थिक मामलों के पूर्व केंद्रीय सचिव अतनु चक्रवर्ती होंगे।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने एक दिन पहले ही घोषणा की थी कि वह मौजूदा वित्त वर्ष में ही आयोग की सिफारिशों को लागू करेंगे।
एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार राज्य के उन निवासियों के लिए 'मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना' लागू करने को मंजूरी दी गई है जो केंद्र की आयुष्मान भारत स्वास्थ्य सेवा योजना के दायरे में नहीं आते हैं।
मंत्रिमंडल ने राज्य में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) का एक स्टेशन स्थापित किये जाने को भी मंजूरी दी। उसने उत्तर दिनाजपुर, नादिया, मालदा और मुर्शिदाबाद ज़िलों में भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने एवं चौकियां बनाने के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को ज़मीन सौंपने की भी मंजूरी दी।
सरकारी बयान के अनुसार मंत्रिमंडल ने आंगनवाड़ी केंद्रों में महिलाओं और बच्चों को नाश्ते में अंडे देने एवं गर्म भोजन उपलब्ध कराने के लिए प्रति प्लेट आवंटन में दो रुपये की बढ़ोतरी के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
हाल में स्कूली बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन योजना 'इस्कॉन' को सौंपने के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के प्रस्ताव पर कुछ वर्गों ने काफी हंगामा किया था। उनका तर्क था कि यह धार्मिक संगठन शाकाहारी भोजन परोसेगा, जिससे बच्चों को उनके भोजन में अंडे नहीं मिल पाएंगे।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि मंत्रिमंडल ने जलपाईगुड़ी ज़िले में पांगा नदी पर बीएसएफ द्वारा लोहे का पुल बनाने के लिए जमीन मालिकों से जमीन खरीदने और जलपाईगुड़ी एवं अलीपुरद्वार ज़िलों में सीमा सुरक्षा बल को ज़मीन सौंपने को भी मंज़ूरी दी।
मंत्रिमंडल ने प्रक्रिया से जुड़े निर्देशों में बदलाव के लिए पश्चिम बंगाल पंचायत (दूसरा संशोधन) विधेयक, 2026 को भी मंज़ूरी दी।
वित्त विभाग के एक आदेश के अनुसार, सातवां वेतन आयोग राज्य कर्मचारियों के वेतन, भत्ते, सेवा की शर्तों और महंगाई भत्ते की समीक्षा करेगा।
आयोग के सदस्यों में अध्यक्ष चक्रवर्ती के अलावा 'सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च' के सीनियर फेलो पार्थ मुखोपाध्याय, आईआईएम कलकत्ता में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर पार्थ प्रतिम पाल और राज्य के वित्त सचिव देवी प्रसाद करणम शामिल हैं।
यह आयोग छह माह में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा।
चुनाव से पहले किए गए वादे को पूरा करते हुए, भाजपा मंत्रिमंडल ने राज्य में सत्ता संभालने के तुरंत बाद मई में वेतन आयोग के गठन को मंज़ूरी दी थी।
भाषा राजकुमार अविनाश
अविनाश
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