उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विवि ने पेपर लीक के आरोप पर परीक्षाएं रद्द कीं,मंत्री के इस्तीफे की मांग
संतोष
- 23 Jul 2026, 04:20 PM
- Updated: 04:20 PM
देहरादून, 23 जुलाई (भाषा) देशभर में प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर मचे बवाल के बीच वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में कथित प्रश्नपत्र लीक का नया मामला सामने आया है जिसे लेकर विपक्षी दल कांग्रेस ने तीखा हमला बोलते हुए भाजपा सरकार से विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन करने तथा मंत्री धनसिंह रावत से इस्तीफा लेने की मांग की है।
विश्वविद्यालय के सूत्रों ने बताया कि प्रकरण के सामने आने के बाद वर्ष 2025-26 के शैक्षणिक सत्र के तहत दो विषयों—'मशीन लर्निंग फॉर इंटरनेट आफ थिंग्स' और 'इलैक्ट्रोमेगनेटिक फील्ड थ्योरी' की सेमेस्टर परीक्षाओं को निरस्त कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि दोनों विषयों की परीक्षा अब अगस्त के तीसरे सप्ताह में दोबारा करायी जाएगी जिसकी तिथियों तथा परीक्षा केंद्रों की जानकारी छात्रों को विश्वविद्यालय द्वारा वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी।
जानकारी के अनुसार, परीक्षाओं को निरस्त करने तथा उन्हें दोबारा कराने का निर्णय 'मशीन लर्निंग फॉर इंटरनेट आफ थिंग्स' विषय का प्रश्नपत्र लीक हो जाने के संबंध में मिली एक शिकायत पर विश्वविद्यालय द्वारा गठित उच्च स्तरीय जांच समिति की रिपोर्ट तथा प्रकरण में संदेह के घेरे में आए एक संस्थान 'शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, देहरादून' द्वारा की गयी आंतरिक जांच की रिपोर्ट और सिफारिशों के आधार पर लिया गया है ।
सूत्रों ने बताया कि दोनों जांच रिपोर्टों में पाया गया कि इस विषय का प्रश्नपत्र तैयार करने वाले एक बाहरी शिक्षक आशीष कुमार गुप्ता (शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में सहायक प्रोफेसर) ने परीक्षा से पूर्व छात्रों के आंतरिक पोर्टल और व्हाट्सएप ग्रुप पर समान प्रश्नों को साझा किया था, जो परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता और अकादमिक मानदंडों का गंभीर उल्लंघन है ।
इसके अलावा, गहन जांच में यह भी सामने आया कि इसी शिक्षक द्वारा तैयार किए गए एक अन्य विषय 'इलेक्ट्रोमैग्नेटिक थ्योरी' के प्रश्नपत्र में भी इसी प्रकार की विसंगति और गोपनीयता भंग होने की पूर्ण आशंका है ।
सूत्रों के अनुसार, इसे देखते हुए दोनों विषयों की पूर्व में आयोजित परीक्षा को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया तथा उनकी पुनपर्रीक्षा अगस्त के तीसरे सप्ताह में कराने का निर्णय लिया गया ।
इसके अलावा, एक अन्य कड़ा निर्णय लेते हुए सहायक प्रोफेसर गुप्ता को विश्वविद्यालय के सभी परीक्षा संबंधी कार्यों से आगामी सात वर्षों के लिए तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग को भी संस्थान के स्तर पर उचित निगरानी एवं नियंत्रण न रखने के लिए कड़े शब्दों में चेतावनी जारी की गयी है ।
देश भर में प्रश्नपत्र लीक मुददे को लेकर भाजपा को घेर रही कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने ताजा प्रकरण में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन करने तथा जांच पूरी होने तक विभाग के मंत्री धन सिंह रावत से इस्तीफा लेने की मांग की है।
गोदियाल ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक का मामला सामने आने से एक बार फिर छात्रों की उम्मीदें धराशायी हुई हैं। उन्होंने कहा, ''इस मामले के लिए सीधे तौर पर मैं विभाग के मंत्री को जवाबदेह ठहराता हुं। मैं मुख्यमंत्री धामी जी से मांग करता हूं कि प्रकरण की जांच के लिए एसआईटी गठित करें जो पूरे मामले को जनता के सामने रखे। यह भी मांग करता हूं कि जब तक जांच हो, मंत्री जी से इस्तीफा लिया जाए।''
प्रदेश सरकार पर जनता का विश्वास खोने का आरोप लगाते हुए गोदियाल ने कहा कि इस मामले को जनता भी देख रही है।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि इस प्रकरण ने प्रदेश की भाजपा सरकार की नाकामियों की एक बार फिर पोल खोल दी है।
उन्होंने कहा, ''छात्रों को प्रश्नपत्र लीक और धोखाधड़ी से बचाने के लिए सरकार द्वारा बार-बार किए जा रहे दावे एक बार फिर झूठे साबित हुए हैं।''
भाषा दीप्ति
संतोष
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