गुजरातः बारिश प्रभावित क्षेत्रों से 1,200 लोगों को सुरक्षित निकाला गया; तापी में एक की मौत
पवनेश
- 23 Jul 2026, 07:00 PM
- Updated: 07:00 PM
अहमदाबाद, 23 जुलाई (भाषा) दक्षिण गुजरात के जिलों में मूसलाधार बारिश के बीच लगभग 1,200 लोगों को बचाया गया, जबकि सैकड़ों अन्य को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है। उमरगाम तालुका में मात्र 16 घंटे के भीतर 1,100 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज की गई। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि तापी जिले में बारिश से जुड़ी घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई। जबकि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमों के साथ-साथ भारतीय वायु सेना और तटरक्षक बल को भी राहत एवं बचाव कार्यों के लिए मुस्तैद रखा गया है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने बारिश से पैदा हुए हालात का जायजा लिया और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बातचीत की, जिन्होंने गुजरात सरकार को हर संभव मदद का भरोसा दिया है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार, बारिश से वलसाड जिले का उमरगांव तालुका सबसे अधिक प्रभावित रहा। यहां बुधवार सुबह छह बजे से बृहस्पतिवार सुबह 10 बजे तक 1,100 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई।
इस दौरान वलसाड जिले की कई अन्य तहसीलों में भी 600 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई।
राहत आयुक्त गौरांग मकवाना ने बताया कि वलसाड, नवसारी, सूरत और तापी ज़िलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी के साथ बुधवार से 'रेड अलर्ट' लागू है, जहां बचाव कार्यों के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं।
उन्होंने संवाददाताओं को बताया, "वायु सेना और तटरक्षक बल को भी अलर्ट पर रखा गया है और मौसम में सुधार होते ही आवश्यकता पड़ने पर लोगों को हवाई मार्ग से सुरक्षित निकाला जाएगा।"
मकवाना ने बताया कि बारिश की तीव्रता को देखते हुए आपदा प्रबंधन कर्मियों की तैनाती बढ़ाई जा रही है और प्रशासन, पुलिस व स्थानीय स्वयंसेवकों के समन्वय से बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
आईएएस अधिकारी ने बताया, "अब तक 1,200 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जबकि सूरत में 1,500 निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। नवसारी जिले में कावेरी नदी का जलस्तर बढ़ने से 11 गांवों में फंसे 200 लोगों को बचाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।"
उन्होंने कहा कि जिलाधिकारियों और राजस्व विभाग के अधिकारियों सहित वरिष्ठ अधिकारियों को बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किया गया है।
राहत आयुक्त ने बताया कि भारी बारिश के कारण 300 से अधिक सड़कें अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं, राज्य परिवहन की बसों के 200 से अधिक फेरे प्रभावित हुए हैं और कई क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति बाधित हुई है।
मकवाना के अनुसार, सूरत में एनडीआरएफ की दो और एसडीआरएफ की पांच टीमें तैनात हैं, जबकि वलसाड में एनडीआरएफ की दो और एसडीआरएफ की चार टीमें तैनात की गई हैं। नवसारी के लिए सूरत से एनडीआरएफ की 21 टीमों और एसडीआरएफ की दो टीमों को भेजा जा रहा है। अमरेली, जूनागढ़ और भावनगर में भी टीमें सतर्क हैं।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री पटेल ने गांधीनगर स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र का दौरा किया और दक्षिण गुजरात में भारी बारिश से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की।
उन्होंने मंत्री नरेश पटेल और वलसाड के जिलाधिकारी से बात कर बचाव व राहत कार्यों की जानकारी ली और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त एनडीआरएफ टीमें भेजने का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने सूरत और नवसारी के जिलाधिकारी से भी बात की और उन्हें निचले व जलभराव वाले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का निर्देश दिया।
उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री शाह से भी मदद का अनुरोध किया, जिस पर शाह ने गुजरात सरकार को पूरी सहायता का आश्वासन दिया।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बृहस्पतिवार और शुक्रवार के लिए वलसाड, नवसारी, डांग, सूरत और तापी ज़िलों में बारिश का 'रेड अलर्ट' जारी किया है।
सूरत में स्थानीय अग्निशमन विभाग के कर्मियों ने नावों का इस्तेमाल कर कई लोगों को सुरक्षित निकाला। अधिकारियों के अनुसार, उन्होंने जलभराव के कारण पांडेसरा इलाके से 40 निवासियों को बाहर निकाला।
सूरत के उमरपाडा, अंबिका, पलसाना और महुवा जैसे कई तहसीलों में बुधवार को भारी बारिश हुई। सूरत के जिलाधिकारी तेजस परमार ने बताया कि उमरपाडा, बारडोली, महुवा और कामरेज तहसीलों में भारी बारिश दर्ज की गई है।
बृहस्पतिवार सुबह से अहमदाबाद शहर में भी मूसलाधार बारिश हुई, जिससे कई आवासीय सोसायटियों में पानी भर गया और कई अंडरपास बंद करने पड़े, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
दक्षिण गुजरात में रेल पटरियों पर पानी भरने के कारण मुंबई की ओर जाने वाली कई ट्रेन रद्द कर दी गईं या उन्हें बीच में ही रोक दिया गया। पश्चिम रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए एक सहायता कक्ष स्थापित किया है।
नर्मदा जिले के देड़ियापाड़ा और सागबारा तहसीलों में भी भारी बारिश ने भीषण तबाही मचाई है, जिससे कई गांवों का संपर्क कट गया है।
मौसम विभाग (आईएमडी) ने मध्य गुजरात के तीन ज़िलों - पंचमहल, दाहोद और महीसागर के लिए भी 'रेड अलर्ट' जारी किया है। वहीं 11 ज़िलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' (बहुत भारी बारिश) और 10 अन्य ज़िलों के लिए 'येलो अलर्ट' (मध्यम से भारी बारिश) जारी किया गया है।
एसईओसी के आंकड़ों के अनुसार, राज्य के अन्य हिस्सों में बारिश की कमी के बावजूद, दक्षिण गुजरात में इस मौसम की औसत बारिश का 62 प्रतिशत से अधिक पानी पहले ही गिर चुका है। आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में अब तक कुल मिलाकर इस मौसम की औसत वार्षिक बारिश का लगभग 36 प्रतिशत पानी बरसा है।
भाषा
सुमित पवनेश
पवनेश
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