भाजपा ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर गोली चलाने का आदेश देने के राहुल गांधी के दावे को 'झूठ' करार दिया
सुरेश
- 29 Jul 2026, 10:16 PM
- Updated: 10:16 PM
नयी दिल्ली, 29 जुलाई (भाषा) भाजपा ने बुधवार को राहुल गांधी के उस दावे को ''झूठ'' करार दिया कि पिछले सप्ताह संसद की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारी छात्रों पर गृह मंत्री अमित शाह के आदेश पर पुलिस ने गोलियां चलाई थीं। पार्टी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राजनीतिक फायदे के लिए भ्रम फैलाने और अराजकता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
यहां भाजपा मुख्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए, पार्टी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने गांधी की इस टिप्पणी की भी आलोचना की कि शाह 30 गाड़ियों के काफिले में चलते हैं, क्योंकि वह डरे हुए हैं।
भाजपा सांसद ने कहा, ''यह झूठ है। शायद प्रधानमंत्री के काफिले में भी 30 गाड़ियां नहीं होतीं। राहुल गांधी, आइए और मुझे दिखाइए कि अमित शाह के काफिले में आपने वे 30 गाड़ियां कहां देखीं?''
लोकसभा में गांधी की इस टिप्पणी पर कि केंद्रीय गृह मंत्री ''डर से कांपते हैं'', पात्रा ने पलटवार करते हुए कहा कि शाह वह व्यक्ति हैं जो नक्सलियों और आतंकवादियों को डर से कंपा देते हैं।
भाजपा की यह प्रतिक्रिया तब आई जब गांधी ने आरोप लगाया कि शाह ने छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की ''ज्यादती और गोलीबारी'' को मंजूरी दी थी। इस आरोप के कारण पेपर लीक रोधी कानून में संशोधन करने वाले विधेयक पर बहस के दौरान लोकसभा में भारी हंगामा हुआ।
भाजपा ने पलटवार करते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता पर ''झूठ का पुलिंदा'' बनाने का आरोप लगाया और मांग की कि वह बेबुनियाद आरोप लगाकर सदन का ''दुरुपयोग'' करने के लिए माफी मांगें।
पात्रा ने कहा, ''राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों पर गोलियां चलाई गईं। उन्होंने झूठ बोला। कोई गोली नहीं चलाई गई। उन्होंने यह भी झूठ बोला कि गृह मंत्री अमित शाह ने गोलीबारी का आदेश दिया था।''
उन्होंने सवाल किया, ''जब कोई गोली ही नहीं चलाई गई, तो किसी के गोलीबारी का आदेश देने का सवाल ही कहां उठता है?''
प्रवक्ता ने कहा कि जहां भी कोई विरोध-प्रदर्शन या मार्च होता है, वहां मौजूद मजिस्ट्रेट ही यह तय करता है कि जब स्थिति नियंत्रण से बाहर हो रही हो तो क्या कार्रवाई की जानी चाहिए, न कि गृह मंत्री।
उन्होंने कहा, ''सिर्फ इसलिए कि दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय के अधीन आती है, इसका मतलब यह नहीं है कि गृह मंत्री ऐसी हर स्थिति के लिए आदेश जारी कर रहे हैं।''
पात्रा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस झूठ फैलाकर भ्रम उत्पन्न करने और अराजकता पैदा करने में लगे हैं, क्योंकि वे चुनाव जीतकर सत्ता में वापस नहीं आ सकते।
पात्रा ने गांधी के इस आरोप को भी ''झूठ'' करार दिया कि नेता प्रतिपक्ष को लोकसभा में बोलने नहीं दिया गया। पात्रा ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गांधी को ''काफी मौका'' दिया था, लेकिन वह अपनी सीट से उठे ही नहीं और न ही बोले।
भाजपा नेता ने कहा, ''शायद वह तैयार नहीं थे। इसीलिए वह बोल नहीं पाए।''
पात्रा ने कहा कि लोकसभा में प्रियंका गांधी समेत 45 सदस्यों ने अपनी बात रखी।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा, ''उन्होंने (राहुल गांधी) खुद ही अपना माइक बंद कर लिया और आरोप लगाने लगे कि उनका माइक बंद कर दिया गया है। पूरी दुनिया ने देखा कि उनका माइक चालू था। वह हमेशा अपने दोनों हाथ जेब में रखते हैं, ताकि वे 'विक्टिम कार्ड' (खुद को पीड़ित दिखाने का दांव) खेल सकें और कह सकें कि उनका माइक बंद कर दिया गया था और उन्हें बोलने नहीं दिया गया।''
पात्रा ने गांधी पर लोकसभा में अपने भाषण के दौरान कुछ असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए उनकी कड़ी आलोचना की।
उन्होंने कहा, ''राहुल गांधी ने तीन श्रेणियों की बात की --छात्र, मूर्ख और 'अंधभक्त'--। अगर राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों को इन तीन श्रेणियों में बांटा है, तो ऐसी टिप्पणियों से वहां मौजूद प्रदर्शनकारियों को भी बुरा लगना चाहिए। इस तरह की श्रेणी में बांटकर उन्होंने देश के छात्रों का अपमान किया है। यह अक्षम्य है।''
भाषा
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