ममता ने निर्वाचन आयोग से पार्टी पर विरोधी गुटों के दावों की जांच पूरी करने का आग्रह किया
अविनाश
- 29 Jul 2026, 10:20 PM
- Updated: 10:20 PM
नयी दिल्ली, 29 जुलाई (भाषा) तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने मंगलवार को निर्वाचन आयोग से आग्रह किया कि वह पार्टी पर विरोधी गुटों के दावों की जांच जल्द से जल्द पूरी करे। ममता ने कहा कि ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाला गुट दो बार समय बढ़ाने के बावजूद अपना जवाब जमा करने में विफल रहा है।
निर्वाचन आयोग को लिखे एक नए पत्र में बनर्जी ने कहा कि उनके गुट ने आयोग द्वारा तय छह जुलाई की समय-सीमा के भीतर अपनी टिप्पणियां जमा कर दी थीं, जबकि विरोधी गुट को पहले 10 जुलाई और बाद में 25 जुलाई तक का समय दिया गया था।
उन्होंने कहा, ''चूंकि दो बार समय बढ़ाने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला है, इसलिए यह माना जा सकता है कि छह जुलाई 2026 के हमारे पत्र में बताई गई सभी बातें और बयान स्वीकार कर लिए गए हैं और उनके पास इसका कोई जवाब नहीं है।''
बनर्जी ने कहा, ''हमारा दृढ़ विश्वास है कि आपके द्वारा समय बढ़ाने के कारण, श्री श्रतब्रत बनर्जी और अन्य लोग अपना मामला मजबूत करने के लिए झूठे सबूत गढ़ने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि उनके आरोपों में कोई दम नहीं है, जिनका हमने दृढ़ता से खंडन कर दिया है।''
कार्यवाही को जल्द पूरा करने का आग्रह करते हुए बनर्जी ने कहा कि दोनों पक्षों के लिए 'समान अवसर' होना चाहिए और 25 जुलाई के बाद विरोधी गुट को और समय देना अनुचित होगा।
उन्होंने कहा, ''चूंकि इस मामले के पश्चिम बंगाल में गंभीर राजनीतिक परिणाम हो सकते हैं, इसलिए मेरा आपसे अनुरोध है कि आप जांच जल्द से जल्द पूरी करें और उन्हें अपनी टिप्पणियां जमा करने के लिए और कोई तारीख न दें।''
पत्र में कहा गया, ''न्याय भरोसे पर आधारित होना चाहिए और अगर 25 जुलाई 2026 के बाद और समय दिया जाता है, तो वह भरोसा डगमगा जाएगा।''
यह विवाद दो जुलाई को निर्वाचन आयोग के पास पहुंचा, जब ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने खुद को 'असली' तृणमूल बताते हुए आयोग से संपर्क किया और 22 जून को आयोजित एक विशेष सत्र में किए गए संगठनात्मक बदलावों को मान्यता देने की मांग की।
इसके बाद आयोग ने दो जुलाई को ममता बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी, दोनों को पत्र लिखकर विरोधी दावों पर उनकी राय मांगी और उनसे छह जुलाई को शाम 5.30 बजे तक अपने जवाब जमा करने को कहा।
जहां ममता बनर्जी के गुट ने तय समय-सीमा के भीतर अपना जवाब सौंप दिया, वहीं ऋतब्रत बनर्जी के गुट ने और समय मांगा। इस पर आयोग ने उन्हें पहले 10 जुलाई और बाद में 25 जुलाई तक की मोहलत दी।
भाषा संतोष अविनाश
अविनाश
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