प्रधानमंत्री पर टिप्पणी: नोएडा की महिला के खिलाफ शून्य प्राथमिकी की विषयवस्तु जांचेगी दिल्ली पुलिस
पारुल
- 31 Jul 2026, 11:09 PM
- Updated: 11:09 PM
नयी दिल्ली, 31 जुलाई (भाषा) दिल्ली पुलिस जंतर-मंतर पर हाल में हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बारे में कथित आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल को लेकर नोएडा की एक महिला के खिलाफ दर्ज शून्य प्राथमिकी की विषयवस्तु की पहले जांच करेगी। मामले की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
एक शिकायत के आधार पर 29 जुलाई को नोएडा में शून्य प्राथमिकी दर्ज की गई थी, लेकिन शुक्रवार को मामला राष्ट्रीय राजधानी स्थानांतरित कर दिया गया, क्योंकि कथित अपराध दिल्ली पुलिस के अधिकार क्षेत्र में हुआ था।
इससे पहले, दिल्ली पुलिस ने प्रधानमंत्री को निशाना बनाने वाली कथित अपमानजनक सामग्री के प्रसार को लेकर विशेष प्रकोष्ठ थाने में एक प्राथमिकी दर्ज की थी और सोशल मीडिया मंच 'एक्स' को नोटिस जारी कर सामग्री को हटाने की मांग की थी। पुलिस ने जांच के तहत प्रासंगिक इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने की भी मांग की थी।
शून्य प्राथमिकी का यह स्थानांतरण जंतर-मंतर पर नीट प्रश्नपत्र लीक मुद्दे को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के विरोध-प्रदर्शन के दौरान कथित अपमानजनक सामग्री के प्रसार की दिल्ली पुलिस की ओर से की जा रही जांच के बीच हुआ है।
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम जाहिर न करने की शर्त पर कहा कि पुलिस "शून्य प्राथमिकी की प्रति प्राप्त होने के बाद इसकी विषयवस्तु की जांच करेगी, मामले पर आंतरिक रूप से चर्चा करेगी और भविष्य की कार्रवाई तय करने से पहले कानूनी राय लेगी।"
सूत्रों ने बताया कि पुलिस संबंधित वीडियो की प्रामाणिकता की भी जांच करेगी और यह पता लगाएगी कि सोशल मीडिया पर प्रसारित क्लिप मूल रिकॉर्डिंग से मेल खाते हैं या नहीं।
शिकायत में आरोप लगाया है कि महिला ने 20 जुलाई को प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था। इसमें कहा गया है कि इन टिप्पणियों ने प्रधानमंत्री पद की गरिमा को कम किया और इनमें समाज में वैमनस्य पैदा करने तथा सार्वजनिक शांति भंग करने की क्षमता थी।
यह मामला शून्य प्राथमिकी के रूप में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान), 353(1) (सार्वजनिक शरारत) और 356(1) (आपराधिक मानहानि) के तहत दर्ज किया गया था।
जंतर-मंतर पर कॉजपा के नेतृत्व में हुए विरोध-प्रदर्शन को लेकर तब विवाद खड़ा हो गया, जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया, जिसमें एक प्रदर्शनकारी को प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए देखा गया था।
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