जम्मू कश्मीर में वन अधिकार अधिनियम पूरी तरह लागू होगा, अतिक्रमण नहीं होने देंगे: मंत्री
नेत्रपाल
- 01 Aug 2026, 06:05 PM
- Updated: 06:05 PM
जम्मू, एक अगस्त (भाषा) जम्मू कश्मीर के जनजातीय मामलों के मंत्री जावेद अहमद राणा ने शनिवार को कहा कि वन भूमि पर किसी भी नए अतिक्रमण को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राणा ने कहा कि उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार ने केंद्र शासित प्रदेश में वन अधिकार अधिनियम को उसके वास्तविक उद्देश्य और भावना के अनुरूप लागू करने का एक ''बड़ा फैसला'' लिया है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने जनजातीय समुदायों के खिलाफ कथित ज्यादतियों की जांच के आदेश दिए हैं और जांच रिपोर्ट के आधार पर जहां भी अनियमितताएं सामने आएंगी, वहां जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी उपायुक्तों को अधिनियम के तहत दावे प्राप्त करने, उनका सत्यापन करने और वैधानिक त्रिस्तरीय व्यवस्था के माध्यम से उनका निपटारा करने की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया है।
जनजातीय मामलों के विभाग की ओर से जारी इन निर्देशों का उद्देश्य वन अधिकारों की मान्यता और निपटान की वैधानिक प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करना तथा पात्र अनुसूचित जनजातियों और अन्य परंपरागत वन निवासियों के कानूनी अधिकारों की रक्षा करना है।
राणा ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ''हालांकि यह अधिनियम 2019 में जम्मू कश्मीर में लागू किया गया था, लेकिन इसका प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो सका और कई पात्र लाभार्थियों को कानून के तहत मिलने वाले अधिकार नहीं मिल पाए।''
उन्होंने बताया कि अब जनजातीय मामलों के विभाग को इस अधिनियम के क्रियान्वयन के लिए नोडल विभाग बनाया गया है। उन्होंने कहा कि इससे पहले वन अधिकार अधिनियम से जुड़े मामलों का दायित्व वन विभाग के पास था।
मंत्री ने कहा कि क्रियान्वयन व्यवस्था के तहत सरकार ने एक परियोजना प्रबंधन इकाई गठित की है और कश्मीर, जम्मू एवं पुंछ का प्रतिनिधित्व करने वाले तीन विशेषज्ञ नामित किए हैं। उन्होंने कहा कि साथ ही, जम्मू कश्मीर के सभी जिलों में जिला स्तरीय क्रियान्वयन प्रकोष्ठ भी स्थापित किए जा रहे हैं, जो अगले एक सप्ताह से 10 दिन के भीतर काम करना शुरू कर देंगे।
उन्होंने कहा कि उपायुक्तों को अधिनियम के तहत लंबित और नए सभी दावों का शीघ्र निपटारा करने के निर्देश दिए गए हैं।
भाषा अमित नेत्रपाल
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