सुरक्षित भविष्य के लिए पोधारोपण और वन संरक्षण को बनाएं जन आंदोलन: मुख्यमंत्री
संतोष
- 01 Aug 2026, 09:51 PM
- Updated: 09:51 PM
जयपुर, एक अगस्त (भाषा) मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन की गंभीर चुनौती का सामना कर रही है। समुद्र का बढ़ता जलस्तर, तापमान में लगातार बढ़ोतरी, प्रदूषित वायु, दूषित जल और तेजी से घटती जैव विविधता आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए गंभीर खतरा है।
उन्होंने कहा कि ऐसे में पौधारोपण और वन संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री शनिवार को उदयपुर के दूधतलाई वन परिक्षेत्र में आयोजित राज्य स्तरीय वन महोत्सव के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा, ''वन मानव जीवन का आधार हैं और पर्यावरण संरक्षण प्रत्येक नागरिक का साझा दायित्व है। यदि हमें आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य देना है तो वृक्षारोपण और वन संरक्षण को जन आंदोलन बनाना होगा।''
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुरू किए गए 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान से आमजन की पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ी है।
उन्होंने कहा कि नगर वन योजना, कैंपा फंड, ग्रीन इंडिया मिशन एवं राष्ट्रीय पौधारोपण कार्यक्रम जैसी पहलों के माध्यम से देश में पर्यावरण संरक्षण को नई गति मिली है। प्रधानमंत्री की पर्यावरण संरक्षण पहलों के लिए उन्हें यूएन चैंपियन्स ऑफ अर्थ से भी सम्मानित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार की इन पहलों से प्रेरणा लेकर प्रदेश सरकार द्वारा 'मिशन हरियालो राजस्थान' प्रारंभ किया गया है। यह अभियान प्रदेश को हरित और समृद्ध बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है।
उन्होंने बताया कि मिशन के तहत पांच वर्षों में 50 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिनमें से लगभग दो वर्षों में करीब 20 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं। इस मानसून सीजन में भी 10 करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि अभियान के तहत लगाये गए पौधों के संरक्षण और वृक्ष बनने तक की सतत निगरानी के लिए पौधों की जियो-टैगिंग तथा इनकी वन मित्र और वृक्ष मित्रों के माध्यम से नियमित देखरेख सुनिश्चित की जा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिला मुख्यालय पर 'नमो नर्सरी' तथा पंचायत समिति स्तर पर नमो वन विकसित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने दूधतलाई वन परिक्षेत्र में 33 करोड़ रुपये की लागत वाली 'चंदन वन परियोजना' का चंदन का पौधारोपण करके शुभारंभ किया।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण के साथ ग्रामीण आजीविका, जैव विविधता संरक्षण तथा हरित अर्थव्यवस्था को नई दिशा प्रदान करेगी। प्रथम चरण में उदयपुर, सिरोही, बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ में चार चंदन वन विकसित किए जाएंगे, जो भविष्य में पूरे देश के लिए एक अनुकरणीय पहल बनेंगे।
समारोह में मुख्यमंत्री ने राजस्थान वानिकी एवं जैव विविधता परियोजना के अंतर्गत 13 जिलों के 600 स्वयं सहायता समूहों को कुल छह करोड़ रुपये की आजीविका प्रोत्साहन राशि का प्रतीकात्मक चेक दिया।
इससे पहले उन्होंने चंदन पेड़, वन एवं वन उपज तथा पंच गौरव पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा ड्रोन से बीज बोने की प्रक्रिया का शुभारंभ किया।
भाषा बाकोलिया संतोष
संतोष
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