विधान परिषद सभापति को बदलने की कवायद के बीच होरट्टी मिले मुख्यमंत्री शिवकुमार से
रंजन
- 06 Aug 2026, 11:04 AM
- Updated: 11:04 AM
बेंगलुरु, छह अगस्त (भाषा) कर्नाटक विधान परिषद के सभापति बसवराज होरट्टी ने उन्हें पद से हटाने की कवायद के बीच मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार से मुलाकात कर मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम पर चर्चा की।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने बृहस्पतिवार को बताया कि यह बैठक बुधवार देर रात मुख्यमंत्री के आवास पर हुई, जिसमें कुछ मंत्री तथा विधानसभा और विधान परिषद के सदस्य भी मौजूद थे।
यह मुलाकात होरट्टी के उस बयान के एक दिन बाद हुई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री ने उन्हें फोन कर सभापति पद से इस्तीफा देने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा था कि वह इस संबंध में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल (सेक्युलर) के नेताओं से चर्चा करने के बाद फैसला करेंगे।
यह घटनाक्रम कांग्रेस आलाकमान द्वारा सोमवार को मुख्यमंत्री शिवकुमार को भेजे गए उस पत्र के बाद सामने आया है, जिसमें सलीम अहमद के नाम को विधान परिषद के सभापति और उमाश्री के नाम को उपसभापति पद के लिए मंजूरी दी गई थी। इसी पत्र में सोमवार को शपथ लेने वाले मंत्रियों की सूची भी शामिल थी।
पार्टी ने कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष पद के लिए जी. एस. पाटिल और उपाध्यक्ष पद के लिए ए. एस. पोन्नन्ना के नाम को भी मंजूरी दी है।
होरट्टी और विपक्षी दलों ने कांग्रेस के इस कदम पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि विधान परिषद के सभापति और विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव सदन का विशेषाधिकार है, किसी राजनीतिक दल के आलाकमान का नहीं।
होरट्टी ने मंगलवार को कहा था कि वर्ष 1956 के बाद से किसी भी सभापति को इस्तीफा देने के लिए बाध्य नहीं किया गया और सभी ने अपना कार्यकाल पूरा किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें हटाने का कोई आधार नहीं है।
उन्होंने बताया था कि सभापति को हटाने के लिए कम से कम 10 सदस्यों को अविश्वास प्रस्ताव लाने से 14 दिन पहले नोटिस देना होता है। इसके बाद सदन में चर्चा होगी और सदन का निर्णय ही सर्वोपरि होगा।
कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष और विधान परिषद सदस्य बी. के. हरिप्रसाद ने बुधवार को कहा कि यदि होरट्टी इस्तीफा नहीं देते हैं तो पार्टी निर्धारित प्रक्रिया का पालन करेगी।
आठ बार विधान परिषद सदस्य रह चुके 80 वर्षीय होरट्टी का वर्तमान कार्यकाल जुलाई 2028 तक है। वह दिसंबर 2022 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शासनकाल के दौरान विधान परिषद के सभापति निर्विरोध चुने गए थे।
जनता दल (सेक्युलर) में लंबे समय तक सक्रिय रहे होरट्टी ने 2022 का विधान परिषद चुनाव कर्नाटक पश्चिम शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर जीता था।
कर्नाटक की 75 सदस्यीय विधान परिषद में कांग्रेस के 38, भाजपा के 24 और जनता दल (सेक्युलर) के छह सदस्य हैं। इसके अलावा एक निर्दलीय सदस्य और एक सभापति हैं, जबकि पांच सीटें रिक्त हैं।
भाषा मनीषा रंजन
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