डीजल में एथनॉल मिलाने के मामले में 'फर्जी खबर' फैला रहे केजरीवाल : भाजपा
सुरेश
- 06 Aug 2026, 03:36 PM
- Updated: 03:36 PM
नयी दिल्ली, छह अगस्त (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) विभाग के प्रमुख अमित मालवीय के बीच बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर उस समय तीखी नोकझोंक हुई, जब केजरीवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार डीजल और विमान टर्बाइन ईंधन (एटीएफ) में भी एथनॉल मिलाने की योजना बना रही है।
मालवीय ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि ''फर्जी खबर'' फैलाना और बेवजह ''दहशत'' पैदा करना केजरीवाल की ''पुरानी आदत'' है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार स्पष्ट कर चुकी है कि ई20 से अधिक एथनॉल मिलाने के बारे में कोई फैसला नहीं किया गया है।
ई20 ऐसा ईंधन है, जिसमें 80 प्रतिशत पेट्रोल और 20 प्रतिशत एथनॉल मिला होता है। ई20 देश के खुदरा ईंधन बाजार में बदलाव ला रहा है।
केजरीवाल ने दावा किया कि सरकार जल्द ही डीजल में भी एथनॉल मिलाएगी। उन्होंने लोगों से नये पेट्रोल और डीजल वाहन फिलहाल नहीं खरीदने की अपील की।
उन्होंने एक अन्य पोस्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया कि मोदी सरकार विमान टर्बाइन ईंधन में भी एथनॉल मिलाने की योजना बना रही है।
केजरीवाल ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि ई20 ईंधन व्यवस्था लागू करने के बाद सरकार पेट्रोल में एथनॉल की मात्रा बढ़ाकर 50 प्रतिशत से अधिक करने की योजना बना रही है।
उन्होंने कहा, ''ऐसा पता चल रहा है कि वे पेट्रोल में 50 प्रतिशत से अधिक एथनॉल मिलाने वाले हैं। वे बस माहौल शांत होने का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने पहले आपकी ई0 और ई10 गाड़ियों में जबरन ई20 पेट्रोल डालकर उनका कबाड़ा कर दिया। आज अगर आप नया ई20 वाहन खरीदते हैं तो सरकार कुछ समय बाद उसमें जबरदस्ती ई50 पेट्रोल डालकर उसका भी कबाड़ा कर देगी।''
पूर्व मुख्यमंत्री ने मालवीय को जवाब देते हुए आरोप लगाया कि सरकार ईंधन में और अधिक एथनॉल मिलाने से पहले स्थिति शांत होने का इंतजार कर रही है।
केजरीवाल ने कहा, ''जिस तरह आपने किसी वैज्ञानिक अध्ययन के बिना, किसी की बात सुने बिना और धमकाकर सबको चुप कराते हुए ई20 लागू किया, उसी तरह आप ई50 भी लागू करेंगे।''
उन्होंने आरोप लगाया कि विज्ञान, अभियांत्रिकी और प्रौद्योगिकी पर गौर किए बिना काम करना सरकार की ''कार्यशैली'' है।
केजरीवाल ने मालवीय को चुनौती दी कि ई20 पेट्रोल व्यवस्था लागू करने से पहले कराया गया कोई भी अध्ययन सार्वजनिक किया जाए।
मालवीय ने 'एक्स' पर एक अन्य पोस्ट में पलटवार करते हुए कहा कि केजरीवाल का पूरा तर्क तथ्यों पर नहीं, बल्कि ''भय'' पर आधारित है।
उन्होंने केजरीवाल को जवाब देते हुए कहा, ''पहली बात, सरकार स्पष्ट कर चुकी है कि ई20 से अधिक एथनॉल मिश्रण बढ़ाने का कोई फैसला नहीं किया गया है। काल्पनिक ई50 पर बहस छेड़ना भय फैलाने की राजनीति के अलावा कुछ नहीं है।''
मालवीय ने 'आप' नेता के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि यह दावा पूरी तरह गलत है कि ई20 को ''बिना किसी वैज्ञानिक अध्ययन'' के लागू किया गया।
उन्होंने एक अन्य पोस्ट में दावा किया कि ई20 जल्दबाजी में लिया गया फैसला नहीं है और देश में एथनॉल मिश्रण कार्यक्रम दो दशक से अधिक समय से चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहा है।
मालवीय ने कहा कि ई20 लागू करने से पहले व्यापक परीक्षण किए गए और सभी संबंधित पक्षों से विचार-विमर्श किया गया।
'आप' ने ई20 पेट्रोल व्यवस्था को बढ़ावा देने की सरकार की नीति की आलोचना करते हुए आरोप लगाया है कि एथनॉल मिश्रित ईंधन से वाहन मालिकों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
भाषा सिम्मी सुरेश
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