बिहार हिंसा: घायल छात्रों से मिलने सांसदों का प्रतिनिधिमंडल सीवान भेजने पर इंडिया गठबंधन ने की चर्चा
नरेश
- 06 Aug 2026, 05:29 PM
- Updated: 05:29 PM
नयी दिल्ली, छह अगस्त (भाषा) विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन के नेताओं ने बिहार के सीवान में विपक्षी सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल भेजने के प्रस्ताव पर बृहस्पतिवार को चर्चा की जहां पिछले महीने छात्र प्रदर्शनों के दौरान तीन युवकों को गोली लगी थी। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
सूत्रों के अनुसार, विपक्षी गठबंधन की बृहस्पतिवार सुबह हुई बैठक में यह प्रस्ताव रखा गया कि सांसद सीवान जाकर घायल छात्रों से मुलाकात करें और स्थिति का जायजा लें।
सूत्रों ने बताया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने विपक्षी सांसदों के सीवान जाने का प्रस्ताव रखा, ताकि घायल छात्रों से मुलाकात की जा सके और पुलिस गोलीबारी से जुड़े तथ्यों का पता लगाया जा सके।
उन्होंने कहा कि अभी इस पर अंतिम फैसला नहीं लिया गया है, लेकिन बैठक में प्रस्ताव को व्यापक समर्थन मिला और इसके तौर-तरीकों पर विचार किया जा रहा है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब विपक्षी दलों ने पिछले महीने हुए प्रदर्शनों के दौरान छात्रों पर पुलिस द्वारा अत्यधिक बल प्रयोग का आरोप लगाया है। विपक्षी दल दिल्ली में 20 जुलाई को संसद की ओर निकाले गए कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर कथित रूप से पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से जवाब की मांग भी कर रहे हैं।
विपक्षी नेताओं ने बिहार में प्रदर्शनकारी छात्रों पर एके-47 से गोली चलाए जाने के आरोप का मुद्दा भी उठाया है।
सीवान की घटना 25 जुलाई को उस समय हुई थी, जब ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) और अन्य संगठनों ने नीट-स्नातक परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग को लेकर बिहार बंद आहूत किया था।
प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प के बाद हिंसा भड़क गई थी, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले और गोलीबारी की थी।
गोली लगने से तीन युवक—मोहम्मद आरिफ, आकाश कुमार और बुलेट कुमार गोंड—घायल हुए थे। इनमें से एक के जांघ में गोली लगी थी, जबकि अन्य दो के कंधे और गर्दन में चोट आई थी। उन्हें इलाज के लिए पटना भेजा गया था और उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई गई है।
बिहार पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों द्वारा कथित तौर पर हिंसा करने और सुरक्षा कर्मियों पर हमला किए जाने के बाद बल प्रयोग किया गया। पुलिस ने कहा है कि तीनों युवकों को गोली लगने की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
बाद में आइसा के एक तथ्यान्वेषी दल ने सीवान का दौरा करके घायल छात्रों और उनके परिवारों से मुलाकात की थी। दल ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर बिना उकसावे के गोलीबारी की थी।
भाषा अमित नरेश
नरेश
0608 1729 दिल्ली