झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर आंदोलन 14वें दिन भी जारी, छात्र संगठनों का विधानसभा तक मार्च
दिलीप
- 07 Aug 2026, 06:05 PM
- Updated: 06:05 PM
(तस्वीरों के साथ)
रांची, सात अगस्त (भाषा) झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन शुक्रवार को 14वें दिन भी जारी रहा।
राज्य में छह प्रदर्शनकारी भूख हड़ताल पर हैं और दो छात्र संगठनों ने मानसून सत्र के बीच शुक्रवार को राज्य विधानसभा तक मार्च निकाला।
गतिरोध जारी रहने के बीच यह विरोध मार्च निकाला गया। प्रदर्शनकारी छात्रों और नौकरी पाने के इच्छुक अभ्यर्थियों का आरोप है कि उन्हें उनकी मांगों पर चर्चा करने और मुद्दों को सुलझाने के लिए राज्य सरकार की ओर से कोई औपचारिक आमंत्रण नहीं मिला है।
प्रदर्शनकारी 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग सिविल सेवा परीक्षा रद्द किए जाने और भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) या राज्य के बाहर के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों (उच्च न्यायालय के) के एक पैनल से स्वतंत्र जांच कराने की मांग कर रहे हैं।
वे झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) में व्यापक सुधार की मांग भी कर रहे हैं।
'ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन' (आइसा) और 'ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन' (एआईएसएफ) ने प्रदर्शनकारियों की मांगों को मनवाने के लिए विधानसभा तक मार्च निकाला।
आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने यहां जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों से मुलाक़ात की और उन्हें अपना समर्थन दिया।
बोरा ने कहा, ''प्रदर्शनकारी यहां इसलिए विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं ताकि भर्तियां नियमित और निष्पक्ष रूप से शुरू हो सकें। आइसा की ओर से मैं उन्हें अपना समर्थन देती हूं। सरकार को भूख हड़ताल पर बैठे लोगों की सेहत की चिंता करनी चाहिए और जल्द से जल्द उनकी मांगों पर विचार करना चाहिए।''
बोरा ने देश भर के छात्रों से अपील की कि वे झारखंड में चल रहे आंदोलन को अपना समर्थन दें।
उन्होंने कहा, ''अगर जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन ने आपको प्रेरित किया है, तो यह भी आपको प्रेरित करेगा। मैं यहां इसलिए आई हूं, क्योंकि यहां के छात्र अपनी जायज मांगों के लिए भूख हड़ताल पर बैठे हैं।''
छात्र नेता राष्ट्रीय राजधानी में नीट पेपर लीक को लेकर कॉजपा के नेतृत्व में हुए विरोध-प्रदर्शन का जिक्र कर रही थीं।
विरोध मार्च को देखते हुए, 6 से 12 अगस्त तक विधानसभा भवन के 750 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू की गई है। यह आदेश इन दिनों सुबह छह बजे से रात 10 बजे के बीच लागू रहेगा।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे 'जेपीएससी-जेएसएससी सुधार मंच' ने स्पष्ट किया है कि उसने वाम समर्थक छात्र संगठनों की ओर से निकाले गए 'विधानसभा मार्च' में हिस्सा नहीं लिया।
मंच ने कहा कि अगर कोई संगठन उनके आंदोलन को नैतिक समर्थन देता है, तो उसका स्वागत है। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में प्रदर्शनकारियों ने 10 अगस्त को विधानसभा घेराव कार्यक्रम का प्रस्ताव रखा।
एक अधिकारी ने बताया कि राज्य में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छह प्रदर्शनकारियों में से एक की तबीयत बिगड़ने पर उसे आज सुबह अस्पताल ले जाया गया।
अधिकारी ने बताया कि मंगलवार रात से भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता राहुल क्रांति को इलाज के लिए एम्बुलेंस से रांची सदर अस्पताल ले जाया गया।
इससे पहले, दिन में क्रांति ने कहा था कि प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से स्वास्थ्य जांच की अपील की थी, लेकिन सुबह 8:30 बजे तक कोई चिकित्सक प्रदर्शन स्थल पर नहीं पहुंचा।
मंगलवार रात को दो महिलाओं सहित पांच प्रदर्शनकारी झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के नेता देवेंद्र नाथ महतो की भूख हड़ताल में शामिल हो गए। महतो पिछले छह दिनों से भूख हड़ताल पर हैं।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से बातचीत के लिए सरकार के दरवाजे खुले रहने की घोषणा किये जाने के बाद प्रदर्शनकारी छात्रों ने बृहस्पतिवार को गतिरोध को दूर करने के लिए सरकार से बातचीत करने के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का गठन किया।
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि मंत्रियों दीपिका पांडेय सिंह और सुदिव्य कुमार सहित पांच सदस्यीय सरकारी पैनल द्वारा प्रदर्शनकारियों से बातचीत किए जाने की संभावना है।
आंदोलन की गूंज शुक्रवार को झारखंड विधानसभा में भी सुनाई दी। मानसून सत्र के दूसरे दिन विपक्षी विधायकों ने विधानसभा परिसर में नारेबाजी की।
जेपीएससी-जेएसएससी सुधार मंच के बैनर तले यहां जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 25 जुलाई को शुरू हुआ यह प्रदर्शन हालिया वर्षों में राज्य में छात्रों के नेतृत्व वाले सबसे बड़े आंदोलनों में से एक बन गया है।
राज्य में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर भाजपा विधायकों ने विधानसभा में हंगामा किया, जिससे विधानसभा अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित करनी पड़ी।
कार्यवाही शुरू होते ही वे अध्यक्ष के आसन के पास आ गए और 'सीएम हेमंत सोरेन इस्तीफा दें' जैसे नारे लगाने लगे।
उन्होंने नौकरी के लिए होने वाली परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की सीबीआई से जांच कराने की मांग की, जिसकी निगरानी अदालत की देखरेख वाली कमेटी करे।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार से बार-बार अपील के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें आंदोलन का यह कठोर रास्ता अपनाना पड़ा।
जेपीएससी-जेएसएससी सुधार मंच के एक पदाधिकारी ने कहा, ''आंदोलन के संबंध में सरकार की बातचीत की पेशकश के जवाब में हमने 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बनाया है। इसमें आठ छात्र, दो विशेषज्ञ और एक अधिवक्ता शामिल हैं।''
रांची के अनुमंडल अधिकारी कुमार रजत और अपर जिला मजिस्ट्रेट (कानून-व्यवस्था) धनंजय कुमार ने बृहस्पतिवार देर रात प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात की।
अनुमंडल अधिकारी ने संवाददाताओं से कहा, ''हम अपने छोटे भाइयों से बातचीत करने और उनका हालचाल जानने आए थे।''
यह पूछे जाने पर कि क्या छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से कोई चर्चा हुई, उन्होंने कहा, ''नहीं।''
छात्र नेता रवींद्र पासवान ने कहा, ''अनुमंडल अधिकारी ने हमें सकारात्मक रहने को कहा और आश्वासन दिया कि सरकार हमसे बातचीत करेगी, लेकिन उन्होंने कोई समय नहीं बताया।''
भूख हड़ताल पर बैठे छह प्रदर्शनकारियों में शामिल सबिता कुमारी ने आरोप लगाया कि सरकार ने छात्रों की चिंताओं को ''नजरअंदाज'' किया है और ''हमारे अधिकार छीने जा रहे हैं तथा हमारी नौकरियों को सब्जियों की तरह बेचा जा रहा है।''
एक छात्र नेता ने दावा किया, ''देर शाम तक राज्य सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं मिला। हालांकि, मैंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से फोन पर बात की। उन्होंने गतिरोध दूर करने में हरसंभव मदद देने और इस मुद्दे को झारखंड सरकार के समक्ष उठाने का आश्वासन दिया। कांग्रेस झारखंड की गठबंधन सरकार में शामिल है।''
छात्र नेता ने कहा कि उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष से यह भी कहा कि अगर कांग्रेस हेमंत सोरेन सरकार को उनकी मांगें पूरी करने के लिए राजी नहीं कर पाती है, तो उसे गठबंधन से हट जाना चाहिए।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने छात्र नेता की गांधी से बातचीत को ''राजनीतिक हथकंडा'' करार दिया और आरोप लगाया कि शहर में मौजूद कांग्रेस नेता के. राजू प्रदर्शन स्थल पर नहीं गए।
भाजपा के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि सरकार इस मामले को लेकर गंभीर है।
एक अधिकारी ने बुधवार को कहा, ''अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांगटे से 28 जुलाई से चार बार पूछताछ की जा चुकी है।''
भाषा संतोष दिलीप
दिलीप
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