अमृतसर के पुलिस आयुक्त भुल्लर का तबादला किया गया
नेत्रपाल
- 07 Aug 2026, 09:36 PM
- Updated: 09:36 PM
चंडीगढ़, सात अगस्त (भाषा) पंजाब सरकार ने अचानक लिए फैसले में शुक्रवार को अमृतसर के पुलिस आयुक्त गुरप्रीत सिंह भुल्लर का तबादला कर दिया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि उनके तबादले के समय को लेकर निश्चित रूप से सवाल खड़ा होता है।
सरकारी आदेश के अनुसार, अमृतसर के बॉर्डर रेंज के उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) हरमनबीर सिंह को अमृतसर के पुलिस आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
आदेश के अनुसार, भुल्लर अगले आदेश तक पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव के कार्यालय में रिपोर्ट करेंगे।
पूर्व केंद्रीय मंत्री बिट्टू ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि भुल्लर के तबादले का समय निश्चित रूप से सवाल खड़े करता है।
बिट्टू ने अपने पोस्ट में पूछा, ''क्या जंतर-मंतर की कथित साजिश के बारे में उनके सटीक खुलासों से (अरविंद) केजरीवाल परेशान हो गए थे?''
हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि उनका ''सटीक खुलासों'' से क्या आशय था।
पंजाब पुलिस ने मंगलवार को कहा था कि उसने आईएसआई समर्थित दो आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है और हथियारों एवं गोला-बारूद बरामद कर चार नाबालिगों समेत नौ आरोपियों को पकड़ा है।
बृहस्पतिवार को पंजाब पुलिस के एक बयान में कहा गया कि कुछ सोशल मीडिया हैंडल ने एक यूआरएल और इसी तरह के अन्य यूआरएल अपलोड किए हैं, जिनमें चार अगस्त को अमृतसर में भुल्लर द्वारा आयोजित संवाददाता सम्मेलन की बातों से जुड़े संपादित अंश शामिल हैं। इस संवाददाता सम्मेलन में पंजाब पुलिस द्वारा आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किए जाने से जुड़े तथ्यों की जानकारी दी गई थी।
बयान में कहा गया कि सोशल मीडिया पर संवाददाता सम्मेलन को इस तरह से पेश किया गया, जिससे नयी दिल्ली में जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शनों को पाकिस्तान की आईएसआई समर्थित आतंकी मॉड्यूल से जोड़ने का प्रयास किया गया।
पंजाब पुलिस के एक प्रवक्ता के हवाले से बयान में कहा गया कि चार अगस्त को अमृतसर के पुलिस आयुक्त के संवाददाता सम्मेलन में बताया गया था कि गिरफ्तार किए गए कुछ लोग जंतर-मंतर गए थे और पेट्रोल बमों के जरिए प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाने की साजिश रची थी।
इसमें कहा गया कि ऐसा कोई भी बयान नहीं दिया गया कि गिरफ्तार किए गए लोग इन विरोध प्रदर्शनों में शामिल थे या जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे लोगों का उस आतंकी मॉड्यूल से कोई संबंध था।
पुलिस प्रवक्ता ने कहा था कि वीडियो के 'बैकग्राउंड विजुअल' में बदलाव, चुनिंदा हिस्सों को काटना और साथ में दिए गए शीर्षक और विवरण इस तरह से पेश किए गए हैं, जिससे यह गलत और भ्रामक धारणा बनती है कि गिरफ्तार किए गए लोगों का जंतर-मंतर के विरोध प्रदर्शनों से संबंध था।
भाषा
देवेंद्र नेत्रपाल
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