कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के खिलाफ भाजपा-जद(एस) मिलकर बनाएंगे रणनीति
रंजन
- 08 Aug 2026, 04:11 PM
- Updated: 04:11 PM
बेंगलुरु, आठ अगस्त (भाषा) कर्नाटक में विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल (सेक्युलर) ने राज्य की कांग्रेस सरकार के खिलाफ विधानमंडल के भीतर और बाहर मिलकर रणनीति बनाने का शनिवार को फैसला किया।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने कहा कि दोनों दल आगामी सत्र में बिदादी टाउनशिप समेत विभिन्न मुद्दे संयुक्त रूप से उठाएंगे।
कांग्रेस सरकार ने बेंगलुरु दक्षिण जिले में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित बिदादी टाउनशिप परियोजना बनाने की घोषणा की है।
भाजपा नेताओं और केंद्रीय मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी के नेतृत्व वाले जद(एस) के प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई बैठक में यह फैसला किया गया। विपक्षी दल आगामी चुनावों से पहले सत्तारूढ़ कांग्रेस के खिलाफ अपना अभियान तेज करने की तैयारी में हैं।
अशोक ने कहा कि भाजपा और जद(एस) ने बिदादी में जमीन अधिग्रहण के सरकार के कथित कदम और वहां रियल एस्टेट विकास की योजनाओं के खिलाफ संयुक्त रूप से संघर्ष करने का फैसला किया है।
उन्होंने कहा, ''आज हमने बिदादी में भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर कांग्रेस सरकार के खिलाफ मिलकर लड़ने का फैसला किया।''
अशोक ने कहा कि भाजपा और जद(एस) विधानमंडल सत्र के दौरान होने वाले विरोध प्रदर्शनों में भी समन्वय करेंगे।
उन्होंने कहा, ''हमने विधानसभा सत्र के दौरान फ्रीडम पार्क में संयुक्त प्रदर्शन करने का फैसला किया है। हम सदन के भीतर और बाहर, दोनों जगह इन मुद्दों को उठाएंगे।''
अशोक ने कहा कि जद(एस) ने बिदादी टाउनशिप और कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) में कथित अनियमितताओं समेत अन्य मुद्दों को उठाने में भाजपा को पूरा समर्थन देने का आश्वासन दिया है।
उन्होंने कहा, ''अब से हमने यह भी तय किया है कि कर्नाटक में होने वाले सभी बड़े आंदोलनों में दोनों दल साथ मिलकर काम करेंगे।''
अशोक ने कहा कि अगले दो-तीन दिन में दोनों दलों के नेताओं की एक राज्यस्तरीय समन्वय समिति गठित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि समिति में दोनों दलों से करीब पांच-पांच सदस्य हो सकते हैं और इसमें केंद्रीय मंत्रियों को भी शामिल किया जाएगा।
उन्होंने कहा, ''हम जिला स्तर पर भी संयुक्त रूप से आंदोलन करेंगे।''
अशोक ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता रविवार को बिदादी में जद(एस) नेता निखिल कुमारस्वामी की 'पदयात्रा' में शामिल होंगे।
उन्होंने बताया कि कुमारस्वामी और अशोक समेत भाजपा तथा जद(एस) के नेता पूर्वाह्न करीब साढ़े 10 बजे पदयात्रा की शुरुआत में शामिल हो सकते हैं। निखिल को बेंगलुरु की सीमा तक पदयात्रा निकालने की अनुमति मिली है।
पूर्व मंत्री बी. नागेंद्र से जुड़े मुद्दे पर अशोक ने कहा कि अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है और विधानसभा सत्र शुरू होने के बाद विपक्षी नेता तय करेंगे कि किन मुद्दों को उठाया जाए।
अशोक ने कहा कि विपक्षी नेता संयुक्त विधायक दल की बैठक बुलाने पर भी विचार कर रहे हैं।
भाषा सिम्मी रंजन
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