दिल्ली लक्ष्मी योजना: पोर्टल पर महिलाओं का रजिस्ट्रेशन 5 लाख के पार पहुंचा।
Daily world
- 08 Aug 2026, 06:08 PM
- Updated: 06:08 PM
नई दिल्ली, 8 अगस्त (IANS) एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली सरकार की 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' (DLY) के लॉन्च होने के पहले सात दिनों में ही महिलाओं से मिले ज़बरदस्त रिस्पॉन्स की वजह से शनिवार दोपहर तक योजना के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन की संख्या 5 लाख के पार पहुँच गई। अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार रात 8 बजे तक पोर्टल पर 4.87 लाख रजिस्ट्रेशन दर्ज किए गए थे, जबकि जमा किए गए आवेदनों की संख्या 1.99 लाख तक पहुँच गई थी। उन्होंने एक बयान में कहा कि रात भर हुए रजिस्ट्रेशन और शनिवार सुबह की भीड़ के कारण DLY पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन की संख्या 5 लाख के आँकड़े को पार कर गई। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली कैबिनेट ने मूल रूप से इस योजना को 'महिला समृद्धि योजना' के तौर पर मंज़ूरी दी थी, लेकिन बाद में महिलाओं के सम्मान, समृद्धि और आर्थिक सशक्तिकरण के व्यापक विज़न को बेहतर ढंग से दिखाने के लिए इसका नाम बदलकर 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' कर दिया गया। उन्होंने कहा कि इस योजना को पारंपरिक नकद सहायता कार्यक्रमों से अलग तरह से डिज़ाइन किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लाभार्थी अपनी व्यक्तिगत ज़रूरतों के आधार पर दो वित्तीय विकल्पों में से चुन सकेंगे। उन्होंने कहा, "पहले विकल्प के तहत, रोज़मर्रा के खर्चों को पूरा करने के लिए हर महीने सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) वॉलेट में 1,000 रुपये जमा किए जाएँगे, जबकि बाकी 1,500 रुपये RD/FD खाते में जमा किए जाएँगे।" उन्होंने आगे कहा, "दूसरे विकल्प के तहत, पूरे 2,500 रुपये हर महीने RD/FD में जमा किए जाएँगे, जिससे लाभार्थी समय के साथ ब्याज के साथ अच्छी-खासी बचत कर पाएँगे। इस तरह, यह योजना तत्काल वित्तीय सहायता के साथ-साथ दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा भी प्रदान करना चाहती है।" मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि CBDC वॉलेट के लिए एक डिजिटल 'नेगेटिव लिस्ट' लागू की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सरकारी सहायता का इस्तेमाल केवल घर की ज़रूरी ज़रूरतों के लिए ही हो। मुख्यमंत्री ने कहा, "वॉलेट में जमा की गई राशि को शराब, तंबाकू, नशीले पदार्थों, लॉटरी टिकट, जुआ, सट्टेबाज़ी या सरकार द्वारा समय-समय पर प्रतिबंधित किसी भी अन्य सामान और सेवाओं पर खर्च नहीं किया जा सकेगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि वित्तीय सहायता का इस्तेमाल परिवारों के कल्याण के लिए किया जाए।"