पूर्व जिम्नास्ट खिलाड़ियों ने मंत्रालय को लिखा पत्र, एसओएम सूची में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग
पंत
- 08 Aug 2026, 06:15 PM
- Updated: 06:15 PM
नयी दिल्ली, आठ अगस्त (भाषा) राष्ट्रीय चैंपियन राकेश पात्रा सहित कई पूर्व अंतरराष्ट्रीय जिम्नास्ट खिलाड़ियों ने खेल मंत्रालय से भारतीय जिम्नास्टिक महासंघ (जीएफआई) द्वारा उत्कृष्ट योग्यता वाले खिलाड़ियों (एसओएम) की सूची तैयार करने की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।
राकेश पात्रा और एक अन्य पूर्व अंतरराष्ट्रीय जिम्नास्ट ने 30 जुलाई को खेल सचिव हरि रंजन राव को भेजे गए अलग-अलग पत्रों में आरोप लगाया कि महासंघ की कार्रवाई ने राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम 2025 और उसके तहत बनाए गए नियमों के प्रावधानों का उल्लंघन किया है।
पांच विश्व चैंपियनशिप के अलावा राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके कई बार के राष्ट्रीय चैंपियन पात्रा ने पत्र में अपील की, ''मैं मंत्रालय से अनुरोध करता हूं कि वह जीएफआई द्वारा एसओएम की सूची तैयार करने के लिए अपनाई गई प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच का आदेश दे। ''
उन्होंने कहा, ''सभी रिकॉर्ड मंगाए जाएं, जिनमें अधिसूचनाएं, प्राप्त आवेदन, जांच रिपोर्ट, बैठकों के कार्यवृत्त, मूल्यांकन के मानदंड और सूची तैयार करने से संबंधित सभी दस्तावेज शामिल हों। ''
उन्होंने लिखा, ''जांच की जाए कि जीएफआई द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम 2025 और उसके तहत बनाए गए नियमों के अनुरूप है या नहीं। यदि प्रक्रिया अनुचित और गैरकानूनी पाई जाती है तो जीएफआई के खिलाफ उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। ''
पात्रा ने मंत्रालय से यह भी अनुरोध किया कि वह ''जीएफआई को सभी लागू नियमों, पात्रता मानदंड और मूल्यांकन की प्रक्रिया को पहले से सार्वजनिक करने का निर्देश दे।''
एक अन्य पूर्व अंतरराष्ट्रीय जिम्नास्ट ने गोपनीयता की शर्त पर बताया कि उन्होंने भी मंत्रालय को इसी तरह की शिकायत भेजी। उन्होंने मंत्रालय का ध्यान ''राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम के उल्लंघन में एसओएम से संबंधित अनियमितताओं और अनुचित प्रक्रियाओं'' की ओर दिलाया।
शिकायतकर्ताओं के आरोपों में से एक अधिसूचनाओं को पीछे की तारीख में जारी किए जाने और आवेदन की अंतिम तारीख को मनमाने ढंग से बढ़ाने से संबंधित था।
पूर्व जिम्नास्ट खिलाड़ियों ने लिखा, ''जीएफआई के अध्यक्ष ने 30 अप्रैल 2026 को पहली अधिसूचना जारी की थी जिसमें 60 दिनों के भीतर यानी 29 जून 2026 तक आवेदन मांगे गए थे। ''
उन्होंने कहा, ''हालांकि अंतिम तारीख से कुछ ही दिन पहले उस अधिसूचना की सामग्री बदल दी गई और अंतिम तारीख दो जुलाई 2026 कर दी गई। पत्र की तारीख और संदर्भ संख्या सहित बाकी किसी अन्य विवरण में बदलाव नहीं किया गया। ''
उन्होंने कहा, ''यह आधिकारिक अधिसूचनाओं को पीछे की तारीख में बदलने का एक स्पष्ट मामला प्रतीत होता है जिससे पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता और विश्वसनीयता गंभीर रूप से प्रभावित होती है। ''
पीटीआई ने जब जीएफआई से संपर्क किया तो अध्यक्ष सुधीर मित्तल ने कहा, ''उस समय तक पर्याप्त नाम नहीं आए थे और इसमें कम से कम 40 खिलाड़ियों (20 पुरुष और 20 महिला) का प्रावधान है इसलिए हमने समय सीमा बढ़ा दी थी। ''
हालांकि 30 जून को जीएफआई द्वारा अपने संबद्ध राज्य संघों को भेजे गए ईमेल में कहा गया था, ''हमें आवेदनों पर जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। इस उत्साहजनक रुचि को देखते हुए हमने आवेदन की अंतिम तारीख दो जुलाई 2026 रात 10 बजे (22:00 बजे) तक बढ़ाने का फैसला किया है, ताकि अधिक आवेदकों को पंजीकरण का अवसर मिल सके। ''
शिकायतों में उठाया गया एक अन्य मुद्दा था, ''अयोग्य खिलाड़ियों को सूची में शामिल किया जाना। ''
शिकायतों के अनुसार दो खिलाड़ियों ''आशीष कुमार और आदित्य राणा'' को प्रकाशित एसओएम सूची में शामिल किया गया जबकि वे राष्ट्रीय खेल प्रशासन नियम 2026 के तहत पात्र नहीं थे।
शिकायतों में कहा गया कि दोनों जिम्नास्ट खिलाड़ियों ने इस साल की शुरुआत में भुवनेश्वर में आयोजित सीनियर आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक राष्ट्रीय चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था जबकि नियमों के अनुसार आवेदन करने वाले खिलाड़ी का कम से कम एक वर्ष पहले प्रतिस्पर्धी खेल से संन्यास लेना जरूरी है।
सीनियर आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स राष्ट्रीय चैंपियनशिप के दस्तावेजों से पता चलता है कि रेलवे के आदित्य राणा और उत्तर प्रदेश के आशीष कुमार ने इस साल 25 अप्रैल से तीन मई तक भुवनेश्वर में आयोजित प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था।
जीएफआई अध्यक्ष मित्तल ने पीटीआई से कहा, ''हमने उनसे इसलिए पूछा है क्योंकि उन्होंने (आशीष) कहा है कि उन्होंने प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लिया। इसलिए हमने उनसे जवाब देने और स्पष्टीकरण देने को कहा है। हम उनके जवाब का इंतजार कर रहे हैं। और अगर उन्होंने (आशीष) प्रतियोगिता में हिस्सा लिया है तो उन्हें सूची से बाहर कर दिया जाएगा। ''
शिकायतों में यह भी आरोप लगाया गया कि महासंघ ने चयन प्रक्रिया को नियंत्रित करने वाले नियमों या मानदंडों को पहले प्रकाशित किए बिना एसओएम सूची के लिए आवेदन आमंत्रित किए जिससे प्रक्रिया में मनमाने फैसलों की गुंजाइश बनी रही।
शिकायतकर्ताओं ने जीएफआई द्वारा आवेदकों के लिए राज्य जिम्नास्टिक्स संघों की सिफारिश को अनिवार्य किए जाने पर भी आपत्ति जताई।
भाषा नमिता पंत
पंत
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