प्रधानमंत्री का महिला आरक्षण पर राजनीतिक दलों से समर्थन का आग्रह, 'दिमागी नक्सल' से सावधान किया
रंजन
- 15 Aug 2026, 10:55 AM
- Updated: 10:55 AM
नयी दिल्ली, 15 अगस्त (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को सभी राजनीतिक दलों से लोकसभा और विधानसभाओं में महिला आरक्षण लागू कराने के लिए समर्थन देने का आग्रह किया और कहा कि अब यह मुद्दा 'राजनीतिक अखाड़े का शिकार' नहीं बने रहना चाहिए।
मोदी ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य की दिशा में युवाओं से समाज और अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व की भूमिका संभालने का आह्वान भी किया।
स्वतंत्रता दिवस पर ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से अपने 13वें संबोधन में प्रधानमंत्री ने देश से नक्सलवाद के खात्मे का उल्लेख किया और कहा कि चुनौती को कभी भी कमतर नहीं आंकना चाहिए और सतर्क रहना होगा क्योंकि 'हथियारी नक्सल' भले ही खत्म हो गए हों, लेकिन 'दिमागी नक्सली' अब भी मौके की तलाश में हैं।
अपने 75 मिनट के संबोधन में मोदी ने 'शक्ति की सप्तधारा' का उल्लेख किया और कहा कि विनिर्माण शक्ति, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार, गतिशक्ति, रक्षा शक्ति, हरित एवं नीली अर्थव्यवस्था और सॉफ्ट पावर वो शक्तियां हैं जो भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी।
प्रधानमंत्री ने मजबूत और प्रभावी नागरिक सुरक्षा बुनियादी ढांचा विकसित करने का आह्वान किया तथा भारत को रक्षा विनिर्माण का वैश्विक केंद्र बनाने की पैरवी की। उन्होंने हाइपरसोनिक प्रौद्योगिकी और ड्रोन प्रणालियों जैसी उन्नत क्षमताओं में आत्मनिर्भरता पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने विभिन्न परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने की भी घोषणा की और कहा कि कोचिंग कक्षाएं गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर बोझ बन गई हैं।
उन्होंने कहा, ''गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए हम उन्हें कोचिंग पर खर्च होने वाले हजारों करोड़ रुपये बचाने में मदद करना चाहते हैं। हमारे युवाओं को अपने परिवारों के करीब रहना चाहिए, उनका स्नेह और देखभाल मिलनी चाहिए तथा उन पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ना चाहिए।''
मोदी ने भारत 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए मजबूत बताते हुए कहा कि इस बड़े आयोजन में देश की मजबूत मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए पांच से 15 वर्ष की आयु के संभावित खिलाड़ियों की पहचान करने के वास्ते देशव्यापी प्रतिभा खोज अभियान शुरू किया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने उन खेल विधाओं में भी विस्तार करने का आह्वान किया, जिनमें भारत अब तक क्वालीफाई नहीं कर पाया है।
प्रधानमंत्री ने नक्सलवाद को खत्म करने में अपनी सरकार की उपलब्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि नक्सलवाद और माओवाद ने लाखों युवाओं का भविष्य बर्बाद किया, अनेक माताओं से उनके बेटे छीन लिए और परिवारों के सपनों को चूर-चूर कर दिया।
उन्होंने कहा कि इस संघर्ष में 3,500 से अधिक सुरक्षाकर्मी शहीद हुए, जबकि युद्ध में भी इतने सैनिकों की मौत नहीं होती।
मोदी ने कहा, ''2014 में जब हमें मौका मिला तो हमने देश को नक्सलवाद से मुक्त कराने का संकल्प लिया गया। आज खुशी है कि नक्सलवाद के पास आखिरी सांस लेने की भी ताकत नहीं रही।''
प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन इलाकों में कभी नक्सलवादियों की गोलियां चलती थीं, आज वहां नक्सलवाद से मुक्ति के बाद विकास, विश्वास और प्रयास का तिरंगा लहरा रहा है।
उन्होंने आगाह किया कि इस चुनौती को अब भी कमतर नहीं आंकना चाहिए और सतर्क रहना होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जंगलों में 'हथियारी नक्सल' के खिलाफ सफलता मिली है, लेकिन अब 'दिमागी नक्सल' मौके की तलाश में हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे तत्व हिंसा और अराजकता के रास्ते खोज रहे हैं तथा समाज को गलत दिशा में ले जाने के लिए तरह-तरह के दांव चल रहे हैं।
मोदी ने कहा कि 'दिमागी नक्सल' को पहचानना और उन्हें अलग-थलग करना होगा तथा युवाओं को विकसित भारत के निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ना होगा।
प्रधानमंत्री ने महिला आरक्षण के विषय पर कहा, "मैं सभी राजनीतिक दलों से लाल किले की प्राचीर से और तिरंगे झंडे की छाया में आग्रह करता हूं कि महिला आरक्षण लागू करके महिला सम्मान में आप भी जुड़िए, आप भी श्रेय लीजिए, लेकिन माताओं-बहनों को उनका हक दिलाइए।"
प्रधानमंत्री देश को 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश ने नई रफ्तार पकड़ी है और अब 140 करोड़ देशवासियों के संकल्प और सामर्थ्य को रोकना नामुमकिन है।
उनका कहना था कि भारत को अब छोटे सपनों के साथ आगे बढ़ने के बजाय बड़े सपने देखने और ऊंचे संकल्प लेने होंगे।
मोदी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश के करोड़ों नागरिकों ने, चाहे वे दलित, पीड़ित, वंचित, आदिवासी, गांव या शहर में रहने वाले, गरीब या मध्यम वर्ग के हों और देश के किसी भी हिस्से से आते हों, एक संकल्प और समर्पण के साथ देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए योगदान दिया है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया, ''इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि इतनी कम समय में 25 करोड़ देशवासी गरीबी से बाहर निकले हैं।''
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत पहले 'फ्रैजाइल फाइव' देशों में गिना जाता था, लेकिन पिछले 12 वर्षों में देश दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ है।
'फ्रेजाइल फाइव' वैश्विक वित्तीय बाजार में इस्तेमाल होने वाला एक शब्द है, जिसका अर्थ ऐसी कमजोर एवं नाजुक अर्थव्यवस्थाओं से है जो अपने विकास के लिए जोखिम भरे विदेशी निवेश पर बहुत अधिक निर्भर हैं।
प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत के संकल्प पर जोर देते हुए कहा कि भारत को दूसरे देशों पर निर्भर रहकर नहीं जीना है।
उन्होंने कहा कि अपने हितों की सुरक्षा भारत को खुद करनी होगी और इसी उद्देश्य से 'आत्मनिर्भर भारत', 'मेक इन इंडिया' तथा 'वोकल फॉर लोकल' जैसे अभियानों को आगे बढ़ाया जा रहा है।
सेमीकंडक्टर क्षेत्र का उदाहरण देते हुए मोदी ने कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक भारत में इसका कोई बड़ा संयंत्र नहीं बन पाया, लेकिन अब देश में तीन सेमीकंडक्टर संयंत्र शुरू हो चुके हैं और उनमें उत्पादित सेमीकंडक्टर का निर्यात भी शुरू हो गया है।
मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए महात्मा गांधी समेत सभी स्वतंत्रता सेनानियों और महान क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार 15 अगस्त को लाल किले पर 'वंदे मातरम्' गूंज रहा है और इसके 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर यह ऐतिहासिक पल है।
उन्होंने हाल में देश के कुछ हिस्सों में आई बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है।
भाषा हक ब्रजेन्द्र हक रंजन
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