चीन की कड़ी चुनौती से पार पाने के लिए गलतियों से बचना होगा भारत को
पंत
- 15 Aug 2026, 10:57 AM
- Updated: 10:57 AM
(मोना पार्थसारथी)
एम्सटेलवीन, 15 अगस्त (भाषा) आत्मविश्वास से ओतप्रोत भारतीय महिला हॉकी टीम को एफआईएच विश्व कप के अपने पहले ही मैच में रविवार को पेरिस ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन की कठिन चुनौती का सामना करना पड़ेगा और कठिन पूल में कोई भी कोताही बरतने से कोच शोर्ड मारिन की टीम बचना चाहेगी ।
विश्व रैंकिंग में नौवे स्थान पर काबिज भारत को पूल डी में दूसरी रैंकिंग वाली चीन के अलावा इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका से खेलना है । नये प्रारूप में खेले जा रहे इस विश्व कप में हर मैच महत्वपूर्ण है और टूर्नामेंट में अच्छी शुरूआत मनोबल बढाने के लिये भी जरूरी है ।
यूरोपीय हालात में खुद को ढालने के लिये काफी पहले यहां पहुंची भारतीय टीम ने भीषण गर्मी के बीच वेगनेर स्टेडियम पर कड़े अभ्यास सत्रों में हिस्सा लिया है और नीदरलैंड के खिलाफ अभ्यास मैच भी खेला । चीन के खिलाफ यह मुकाबला इसलिये भी अहम है क्योंकि अगले महीने एशियाई खेलों में भारत का सामना एक बार फिर उससे होगा ।
भारत का टूर्नामेंट में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन फ्रांस में 1974 में पहले ही विश्व कप में रहा जब अजिंदर कौर की अगुवाई वाली टीम चौथे स्थान पर रही थी । अब तक 15 विश्व कप में से सिर्फ आठ में खेल सकी भारतीय टीम 2022 में नौवे स्थान पर रही थी । इस बार सलीमा टेटे की कप्तानी वाली टीम में 11 खिलाड़ियों का यह पहला विश्व कप होगा लेकिन टीम में अनुभव की कमी भी नहीं है । तीन विश्व कप , दो ओलंपिक और तीन एशियाई खेलों का हिस्सा रह चुकी गोलकीपर सविता 313 अंतरराष्ट्रीय मैचों के साथ टूर्नामेंट की सबसे अनुभवी खिलाड़ी हैं ।
वहीं डिफेंडर सुशीला चानू के 262 मैच हैं जबकि नवनीत कौर (211) ,निक्की प्रधान (207) और नेहा गोयल (202) भी 200 से ज्यादा मैच खेल चुकी हैं ।
सविता ने मैच से पहले कहा ,''तोक्यो ओलंपिक 2020 में पदक के बिल्कुल करीब पहुंचकर चूकने का दुख आज तक है । इस बार हम कोई कोताही नहीं बरतेंगे । किसी को हमसे उम्मीद हो या नहीं हो लेकिन हमें खुद से बहुत उम्मीदें हैं और हम भी पोडियम फिनिश करके जाना चाहते हैं ।''
भारतीय टीम ने पिछले एक साल में तीन बड़े टूर्नामेंटों में बेहतरीन प्रदर्शन करके उम्मीदें जगाई हैं । न्यूजीलैंड में एफआईएच नेशंस कप में खिताबी जीत के जरिये प्रो लीग में वापसी से खिलाड़ियों के हौसले बुलंद हुए हैं । ड्रैग फ्लिकर दीपिका ने चोट से उबरने के बाद शानदार फॉर्म में वापसी करते हुए टूर्नामेंट में छह गोल दागे ।
इससे पहले पिछले साल हांगझोउ में एशिया कप में उसे हालांकि मेजबान और बाद में चैम्पियन बनी चीन की टीम ने 4 - 1 से हराया ।
इसके छह महीने बाद हैदराबाद में विश्व कप क्वालीफायर में तीन जीत और एक ड्रॉ के साथ भारतीय टीम फाइनल में पहुंची जिसमें उसे इंग्लैंड ने 2 - 0 से हराया लेकिन भारत ने विश्व कप में जगह पक्की कर ली थी ।
इन दोनों टूर्नामेंटों में भारत की जीत के सूत्रधारों में रही स्ट्राइकर नवनीत कौर पर एक बार फिर बड़ा दारोमदार होगा जिन्होंने एशिया कप में छह गोल किये और ओलंपिक क्वालीफायर में चार गोल करके 'प्लेयर आफ द टूर्नामेंट' रही ।
कोच शोर्ड मारिन को यकीन है कि उनकी टीम अपेक्षाओं पर खरी उतरेगी और तमाम चुनौतियों का डटकर सामना करेगी ।
डच कोच ने कहा ,'' हम विश्व कप को एफआईएच नेशंस कप के बाद अगला कदम मान रहे हैं । यह टीम आत्मविश्वास से भरी है और आगामी चुनौतियों का सामना करने को तत्पर भी है ।''
तोक्यो ओलंपिक टीम को चौथे स्थान तक ले जाने वाले मारिन के साथ वेन लोम्बार्ड (एथलीट परफार्मेंस प्रमुख), मथियास विला (विश्लेषण कोच), ताइके ताकेमा (ड्रैग फ्लिक सलाहकार) , रोडे और कियारा यिला (खेल विज्ञान सलाहकार) जैसा अनुभवी सहयोगी स्टाफ है जिससे भारतीय टीम की फिटनेस के स्तर में काफी सुधार आया है ।
दूसरी ओर चीन ने पेरिस ओलंपिक में रजत पदक जीतने के अलावा पिछले दो प्रो लीग सत्र में चौथा स्थान हासिल किया है । भारत को हराकर 16 साल में पहली बार 2025 एशिया कप जीता । चीन के चमत्कारिक प्रदर्शन का श्रेय रिकॉर्ड छह बार एफआईएच की सर्वश्रेष्ठ कोच रह चुकी आस्ट्रेलिया की एलिसन अन्नान को जाता है जो 2018 में नीदरलैंड को विश्व कप और तोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक दिला चुकी हैं ।
भारतीय टीम के लिये चुनौती आसान नहीं होगा लेकिन चीन के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करने से उसका मनोबल बढेगा जो एशियाई खेलों के लिये भी उसे मनोवैज्ञानिक बढत दिला सकता है ।
भाषा मोना पंत
पंत
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