कर्नाटक: ग्रामीणों ने वन कर्मियों की गोली से मारे गए 'शिकारियों' को न्याय दिलाने की मांग की
धीरज
- 16 Aug 2026, 04:11 PM
- Updated: 04:11 PM
चामराजनगर (कर्नाटक), 16 अगस्त (भाषा) कर्नाटक में 15 अगस्त को वनकर्मियों के साथ मुठभेड़ में मारे गए तीन कथित शिकारियों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर रविवार को चामराजनगर और मैसूरु में जिले में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया।
चामराजनगर जिले के हनूर में तनाव की स्थिति रही, जहां दत्ती वन क्षेत्र में वनकर्मियों के साथ कथित मुठभेड़ में मारे गए तीन लोगों के परिजनों और ग्रामीणों ने बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया।
स्थानीय लोगों ने वन विभाग के अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जताते हुए माले महादेश्वरा बेट्टा जाने वाली सड़क को जाम कर दिया।
ग्रामीणों ने मृतकों के लिए न्याय की मांग की। घटनास्थल की टेलीविजन पर प्रसारित तस्वीरों में भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की होती दिखाई दी।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि गोली चलाने वाले वनकर्मियों को मौके पर लाकर उनसे पूछताछ की जाए। वहीं, पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने और परिजनों तथा ग्रामीणों में बढ़ते आक्रोश को शांत करने के प्रयास किए।
प्रदर्शनकारियों ने वन कर्मियों के तीनों लोगों को गोली मारने के अधिकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि भले ही वे शिकार के लिए जंगल में गए थे, फिर भी उन्हें मारना उचित नहीं था।
आक्रोशित ग्रामीणों ने कहा, ''उन्हें हाथ या पैर में गोली मारी जा सकती थी, लेकिन इसके बजाय उनकी गर्दन में गोली मारी गई। गोली चलाने वाले कर्मियों को मौके पर लाकर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।''
परिजनों और ग्रामीणों ने तत्काल मुआवजे की आधिकारिक घोषणा करने और जानलेवा गोलीबारी में शामिल अधिकारियों की गिरफ्तारी की भी मांग की।
अधिकारियों ने बताया कि मृतकों में से एक की पत्नी की ओर से औपचारिक शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद हनूर पुलिस ने कथित घटना में शामिल वन अधिकारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) (हत्या के लिए सजा) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे पोस्टमार्टम से संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे, लेकिन बाद में उन्होंने अपनी सहमति दे दी। शव फिलहाल मैसूरु के के.आर. अस्पताल के शवगृह में रखे गए हैं।
यह घटना शनिवार तड़के कावेरी वन्यजीव अभयारण्य के तहत शाग्या रेंज के घने जंगल क्षेत्र में हुई, जहां शिकार की गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद वनकर्मियों का सामना चार लोगों से हुआ।
वन मंत्री रामलिंगा रेड्डी के अनुसार, शिकारियों के जंगल में जाने की सूचना मिलने के बाद वनकर्मियों की दो टीमों ने इलाके में प्रवेश किया और शिकारियों को रोका।
मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने इस मामले की मजिस्ट्रेट जांच कराने का आदेश दिया है।
भाषा
राखी धीरज
धीरज
1608 1611 चामराजनगर