दिल्ली में अक्टूबर के मध्य तक कृत्रिम वर्षा कराने की योजना
राखी माधव
- 12 Sep 2025, 08:53 PM
- Updated: 08:53 PM
नयी दिल्ली, 12 सितंबर (भाषा) दिल्ली सरकार 15 अक्टूबर तक कृत्रिम वर्षा का परीक्षण करने की तैयारी कर रही है।
दिल्ली सरकार का पर्यावरण विभाग लगातार वायुमंडलीय परिस्थितियों की निगरानी कर रहा है और उसने मौसम विभाग से मानसून की स्थिति और वापसी की तारीख के बारे में अद्यतन जानकारी मांगी है, ताकि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) से क्लाउड-सीडिंग (बादल बीजारोपण) के लिए नये समय-सीमा की स्वीकृति के लिए आवेदन किया जा सके।
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि विभाग मानसून की वापसी के बाद परीक्षण करेगा ताकि इसका सर्वोत्तम परिणाम मिल सके।
उन्होंने कहा कि मौसम विभाग से स्पष्ट जानकारी मिलते ही डीजीसीए को पुनः पत्र लिखकर कृत्रिम वर्षा के इन अभियानों को सुरक्षित ढंग से संचालित करने के लिए आवश्यक अनुमति मांगी जाएगी।
सिरसा ने कहा कि अंतिम समय-सीमा वायुमंडलीय आंकड़ों की प्रवृत्तियों और बादलों की स्थिति के वैज्ञानिक आकलन के आधार पर तय की जाएगी।
सरकार का यह सक्रिय कदम राष्ट्रीय राजधानी में मानसून के बाद गिरते भूजल स्तर और बढ़ते वायु प्रदूषण की चिंताओं को दूर करने की दिशा में उठाया गया है। कृत्रिम वर्षा की यह पहल कड़ी निगरानी में की जाएगी और मौसम विभाग की विस्तृत रिपोर्ट इसके क्रियान्वयन में सहायक होगी।
जुलाई में आयोजित प्रेस वार्ता में सिरसा ने घोषणा की थी कि मानसून के आगमन के कारण परीक्षण स्थगित कर दिया गया था।
परीक्षण को अगस्त अंत तक टाल दिया गया था क्योंकि बारिश के कारण अपेक्षित परिणाम प्रभावित हो सकते हैं।
चार जुलाई से 11 जुलाई के बीच होना वाला परीक्षण पुनर्निर्धारित किया गया है।
मौसम विशेषज्ञों से परामर्श और मौजूदा मौसम को देखते हुए परियोजना दल ने संशोधित अवधि 30 अगस्त से 10 सितंबर का प्रस्ताव किया था।
सिरसा ने कहा कि नयी अवधि बीजारोपण प्रक्रिया के लिए अधिक उपयुक्त बादल संरचनाएं उपलब्ध कराने की संभावना रखती है।
यह अभियान आईआईटी कानपुर के एयरोस्पेस इंजीनियरिंग विभाग द्वारा भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम), पुणे और भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के विशेषज्ञों के साथ मिलकर सेसना 206-एच विमान (वीटी-आईआईटी) के जरिये किया जाएगा।
भाषा राखी