कांग्रेस ने अलग-अलग शहरों से उठाई प्रधान के इस्तीफे की मांग
पारुल
- 25 Jun 2026, 06:54 PM
- Updated: 06:54 PM
नयी दिल्ली, 25 जून (भाषा) कांग्रेस ने प्रश्नपत्र लीक और परीक्षाओं में कथित धांधली के विषय को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ अपना अभियान तेज करते हुए बृहस्पतिवार को देश के 28 शहरों से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई।
पार्टी के 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत 28 नेताओं ने 28 शहरों में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया और इस बात पर जोर दिया कि मोदी सरकार ''बच्चों के भविष्य के साथ हुए खिलवाड़ की जवाबदेही'' से नहीं बच सकती।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने 'एक्स' पर पोस्ट के माध्यम से सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि ''अहंकार में डूबी'' मोदी सरकार अब निष्पक्ष परीक्षाओं की मांग करने वाले युवाओं को आतंकवादी बता रही है।
राहुल ने कहा कि प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए और युवाओं से माफी मांगनी चाहिए।
प्रधान ने हाल में नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक और अन्य परीक्षाओं से जुड़े विवादों के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रदर्शनकारियों को ''दहशतगर्दों की बी-टीम'' कहा था।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''सत्ता के अहंकार में डूबी मोदी सरकार अब इस मुकाम पर पहुंच गई है कि अपने अधिकारों, निष्पक्ष परीक्षाओं और सुरक्षित भविष्य की मांग करने वाले छात्रों को ही शिक्षा मंत्री "आतंकवादी" कह रहे हैं।''
उन्होंने कहा, ''जरा सोचिए, जिसकी नाकामी से इतने प्रश्नपत्र लीक हुए, जिसके राज में 20 बच्चों ने जान दे दी, जिसने करोड़ों युवाओं का भविष्य अंधेरे में धकेल दिया, वह आज पीड़ित बच्चों और उनकी आवाज उठाने वालों को "दहशतगर्द" बता रहा है।''
कांग्रेस नेता ने कहा कि यह कोई नयी बात नहीं है, क्योंकि अन्नदाता किसानों को ''आंदोलनजीवी और परजीवी'' कहा गया तथा सवाल पूछने वाले को "राष्ट्र विरोधी" करार दिया गया।
राहुल ने कहा, ''अब युवाओं को "दहशतगर्द'' कहा जा रहा है। जो भी सरकार से सवाल पूछे, उसे देशद्रोही बता दो, यही इनकी पूरी राजनीति है।''
उन्होंने कहा, ''धर्मेंद्र प्रधान जी, देश के करोड़ों युवाओं से तुरंत माफी मांगिए और अपनी नाकामियों के लिए इस्तीफा दीजिए।''
दिल्ली में गौरव गोगोई, भुवनेश्वर में पवन खेड़ा, पुणे में कन्हैया कुमार, जयपुर में अशोक तंवर, अहमदाबद में सतेज पाटिल और कई अन्य नेताओं ने अलग-अलग शहरों में संवाददाओं को संबोधित किया।
गोगोई ने परीक्षा संबंधी कथित अनियमितताओं की बार-बार सामने आ रही घटनाओं को शिक्षा व्यवस्था की ''बड़ी संस्थागत विफलता'' करार देते हुए कहा कि इससे छात्रों का भरोसा टूट गया है।
उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्र लीक होने और परीक्षाओं में व्यवधान की बार-बार होने वाली घटनाओं से छात्रों के बीच धारणा बन गई है कि यह समस्या कुछ व्यक्तियों की गलती नहीं, बल्कि ''व्यवस्थागत'' है।
'छात्रों की गूंज' अभियान अगले 30 दिनों तक चलेगा। इसके तहत शैक्षणिक संस्थानों में संपर्क कार्यक्रम, टाउन हॉल बैठकें, नुक्कड़ सभाएं, जनसंवाद और पर्चा वितरण अभियान चलाए जाएंगे।
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हक हक पारुल
पारुल
2506 1854 दिल्ली