हिप्र: मुख्यमंत्री सुक्खू ने भारी बर्फबारी के बाद आवश्यक सेवाओं की बहाली के आदेश दिए
संतोष
- 23 Jan 2026, 06:55 PM
- Updated: 06:55 PM
शिमला, 23 जनवरी (भाषा) हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को राज्य सरकार के अधिकारियों को भारी बर्फबारी से प्रभावित विभिन्न क्षेत्रों में आवश्यक सेवाओं को बहाल करने के निर्देश जारी किए। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।
सुक्खू ने अधिकारियों को युद्धस्तर पर काम करने का निर्देश दिया क्योंकि बर्फबारी के बाद राज्य में पर्यटन संबंधी गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पतालों और अन्य आपातकालीन सेवा संस्थानों तक जाने वाली सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर साफ किया जाना चाहिए ताकि स्वास्थ्य सेवाओं तक निर्बाध पहुंच सुनिश्चित हो सके।
बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने जनता को होने वाली असुविधा को कम करने के लिए तथा अवरुद्ध सड़क नेटवर्क को जल्द से जल्द शुरू करने के लिए पर्याप्त जनशक्ति और भारी मशीनरी तैनात करने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में बिजली और जल आपूर्ति योजनाओं को बहाल करने का आह्वान किया और सभी जिलों के प्रशासन को सतर्क रहने और जरूरतमंदों को तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए कहा।
बयान में कहा गया है कि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग और राज्य नागरिक आपूर्ति निगम को बर्फ से प्रभावित क्षेत्रों में अनाज और आवश्यक वस्तुओं की निरंतर और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय कदम उठाने का निर्देश दिया गया है।
इसमें यह भी कहा गया है कि सभी विभागों को हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी सुरक्षा दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा।
सुक्खू ने कहा कि बारिश और बर्फबारी से राज्य के किसानों और बागवानों को राहत मिली है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को काफी बढ़ावा मिला है।
उन्होंने पर्यटकों का भी स्वागत किया और कहा कि ताजा बर्फबारी से राज्य भर में पर्यटन गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने दीर्घकालिक चिंताओं को संबोधित करते हुए जलवायु परिवर्तन के पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव का उल्लेख किया और कहा कि राज्य सरकार ने अधिकारियों को जलवायु परिवर्तन पर गहन अध्ययन करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा, "इस पहल का उद्देश्य हिमाचल प्रदेश के सतत भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए भविष्य की नीतियों और विकास कार्यक्रमों में आवश्यक पर्यावरण संरक्षण प्रावधानों को शामिल करना है।"
भाषा राखी संतोष
संतोष
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