जेलों को सुधार और कौशल विकास के प्रभावी केंद्रों के रूप में काम करना चाहिये : मुख्यमंत्री
सुरेश
- 26 May 2026, 12:54 AM
- Updated: 12:54 AM
लखनऊ, 25 मई (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि जेलों को आधुनिक तकनीक, पारदर्शी व्यवस्थाओं और कैदियों में सुधार लाने वाली गतिविधियों के जरिये एक नई पहचान दी जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने सोमवार को जेल विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि जेलें केवल कैद रखने की जगहें नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन्हें सुधार, पुनर्वास और कौशल विकास के प्रभावी केंद्रों के रूप में काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जेलों को आधुनिक तकनीक, पारदर्शी व्यवस्थाओं और सुधारोन्मुख गतिविधियों के माध्यम से एक नई पहचान दी जानी चाहिए।
आदित्यनाथ ने निर्देश दिया कि राज्य भर की सभी जेलों में सुरक्षा व्यवस्था, कैदियों की स्वास्थ्य देखभाल, स्वच्छता, प्रशिक्षण, तकनीकी सुदृढ़ीकरण और पुनर्वास प्रणालियों में और सुधार किया जाए।
बैठक के दौरान यह जानकारी दी गई कि विभिन्न प्रक्रियाओं के माध्यम से कैदियों की समय से पहले रिहाई की व्यवस्थाओं में तेजी लाई गई है।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2012 और 2016 के बीच, 273 कैदियों को समय से पहले रिहा किया गया था, जबकि 2017 और 2021 के बीच यह संख्या बढ़कर 2882 हो गई और 2022 तथा 2026 के बीच यह और बढ़कर 3846 हो गई।
उन्होंने बताया कि इसी तरह जुर्माना अदा करने के बाद रिहा किए गए कैदियों की संख्या 2012-16 के दौरान 2823 से बढ़कर 2017-2026 के दौरान 6231 हो गई।
आदित्यनाथ ने अधिकारियों को 75 वर्ष से अधिक आयु के कैदियों, गंभीर बीमारियों से पीड़ित कैदियों, जेल में अपने बच्चों के साथ रह रही महिला कैदियों और जमानत की राशि जमा करने में असमर्थ कैदियों की एक सूची तैयार करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने 'ओपन जेल' की अवधारणा को विशेष महत्व देते हुए अधिकारियों को इसके कार्यान्वयन के लिए एक विशेष कार्य योजना तैयार करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा, ''जेलों में मुख्य रूप से पेशेवर अपराधियों और माफिया तत्वों को रखा जाना चाहिए, जबकि खुली जेलें छोटे-मोटे अपराधों के लिए उपयोगी होंगी।''
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जेलों में भीड़भाड़ कम करने के लिए, निर्माणधीन जेल परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।
उन्होंने नई जेलों और बैरकों के निर्माण की नियमित निगरानी करने के भी निर्देश दिए।
भाषा सलीम सुरेश
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