ईडी ने शबरिमला सोना 'चोरी' मामले में टीडीबी के पूर्व अधिकारी से पूछताछ की
सुरेश
- 03 Feb 2026, 04:38 PM
- Updated: 04:38 PM
कोच्चि, तीन फरवरी (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शबरिमला मंदिर सोना ''चोरी'' से संबंधित धनशोधन मामले की जांच के सिलसिले में मंगलवार को त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड (टीडीबी) के पूर्व प्रशासनिक अधिकारी मुरारी बाबू से पूछताछ की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ने धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत उनका बयान दर्ज किया।
केरल के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मामले की जांच के तहत मुरारी बाबू को गिरफ्तार किया था। उन्हें हाल ही में एक अदालत ने उन्हें जमानत दी।
इस जांच के तहत एजेंसी ने कुछ समय पहले टीडीबी के एक अन्य पूर्व प्रशासनिक अधिकारी एस. श्रीकुमार का बयान भी दर्ज किया था।
इस मामले में पिछले महीने ईडी द्वारा छापेमारी की गई थी।
ईडी ने 21 जनवरी को जारी एक बयान में कहा था कि उसने मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी की 1.3 करोड़ रुपये की आठ अचल संपत्तियों को 'फ्रीज' कर दिया है और चेन्नई में स्मार्ट क्रिएशन्स नामक एक संस्था के परिसर से छापेमारी के दौरान 100 ग्राम सोने की छड़ जब्त की है।
केरल पुलिस की दो प्रथमिकियों का संज्ञान लेते हुए ईडी ने नौ जनवरी को पीएमएलए के तहत मामला दर्ज किया था।
राजनीतिक रूप से संवेदनशील मामले की जांच केरल उच्च न्यायालय की निगरानी में राज्य की एक एसआईटी द्वारा पहले से ही की जा रही है।
यह जांच कई अनियमितताओं से संबंधित है, जिनमें आधिकारिक कदाचार, प्रशासनिक चूक और भगवान अयप्पा मंदिर के सोने की चोरी की आपराधिक साजिश शामिल है।
ईडी के बयान के अनुसार, जांच में पाया गया कि मंदिर में द्वारपालक (रक्षक देवता) की मूर्ति के घटक, चबूतरे और गर्भगृह के दरवाजे पर लगे सोने के फ्रेम को आधिकारिक अभिलेखों में जानबूझकर केवल ''तांबे की प्लेट'' के रूप में गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया था तथा 2019-2025 के दौरान अनधिकृत रूप से मंदिर परिसर से हटा दिया गया था।
एजेंसी ने पाया कि इन मूर्तियों को बाद में चेन्नई और कर्नाटक में स्मार्ट क्रिएशन्स और रोड्डम ज्वेलर्स सहित निजी केंद्रों में ले जाया गया, जहां सोने की परत चढ़ाने के काम की आड़ में रासायनिक प्रक्रियाओं के माध्यम से इनमें से सोना निकाला गया।
बयान में कहा गया है, ''निकाला गया सोना और संबंधित संपत्तियां अपराध की आय हैं, जिन्हें आरोपियों द्वारा अपने पास रखा गया, स्थानांतरित किया गया और छिपाया गया।''
एजेंसी ने दावा किया कि जांच में शबरिमला मंदिर में अन्य वित्तीय अनियमितताओं और ''घोटालों'' के संकेत भी सामने आए हैं, जिनमें मंदिर में चढ़ावे और अनुष्ठानों से संबंधित धन का दुरुपयोग शामिल है।
भाषा यासिर सुरेश
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